आइब्रो में होने वाले दर्द को न समझे मामूली, ये 5 समस्याएं हो सकती हैं कारण

आइब्रो में होने वाले दर्द को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसा करने से ये दर्द और गंभीर हो सकता है और आपको इलाज की भी जरूरत पड़ सकती है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Nov 28, 2019
आइब्रो में होने वाले दर्द को न समझे मामूली, ये 5 समस्याएं हो सकती हैं कारण

आइब्रो के नीचे दर्द कई कारणों से होता है और कभी-कभी ये दर्द काभी असहनीय हो सकता है। हम ज्यादातर इस मुद्दे को नजरअंदाज करते हैं और आइब्रो के दर्द को आम दर्द की तरह देखते हैं। हमारे व्यस्त कार्यक्रम के कारण हम अक्सर अपनी आंखों का तो ख्याल करते हैं, पर आइब्रो का नहीं। कुछ लोग तो भौहों के दर्द को आंख का दर्द समझते हैं। भौंहों के नीचे दर्द के लिए सबसे आम कारणों में से एक क्लस्टर सिरदर्द है, जिसे आइस-पिक सिरदर्द के रूप में भी जाना जाता है। भौहों के दर्द की विशेषता ये होती है कि एक तेज दर्द है, जो रोजाना कई बार होती है। यह हफ्तों या महीनों तक रह-रह कर हो सकता है। इसे रोकने और आवर्ती में एक समान पैटर्न हो सकता है। इसी तरह भौहों के दर्द के पीछे कई और कारण भी हैं। आइए हम आपको बताते हैं इसके बारे में।

Inside_eyebrow pain

आइब्रो के नीचे दर्द के 5 मुख्य कारण-

क्लस्टर सिरदर्द

क्लस्टर सिरदर्द महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक होता है। ये कई बार किशोरावस्था और मध्य आयु के दौरान भी होते हैं। क्लस्टर सिरदर्द के कई कारण हो सकते हैं। हालांकि, डॉक्टरों की मानें तो इस सिर दर्ज के कई कारणों में हिस्टामाइन और सेरोटोनिन के अनुचित विनियमन भी है। इन सिरदर्द के लिए पहचाने जाने वाले ट्रिगर शराब, उज्ज्वल प्रकाश, परिश्रम, गर्मी, सिगरेट और दवाएं हो सकती हैं। यह दर्द धीरे-धीरे पुराना और गंभीर हो जाता है। दर्द के कारणों की समझ इसके उचित उपचार में मदद कर सकती है। साथ इसके लिए आप हर दिन शाम को भौहों की मालिश आदि भी कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : पुरुष अपनी आइब्रो की इन 5 तरीकों से करें देखभाल

तनाव के कारण 

तनाव सिरदर्द आमतौर पर आंखों के आसपास होता है और दर्द और परेशानी का कारण बनता है। सिर को संकुचित होने की भावना इस दर्द की विशेषता है। हालांकि तनाव के सिरदर्द का सही कारण ज्ञात नहीं है। इस तरह के दर्द में  आम तनाव, नींद की कमी और फ्लू या सर्दी की शुरुआत इत्यादि इसे ट्रिगर करता है। इस तरह के दर्द के कारण तनाव के कारण धीरे-धीरे माथा भारी हो जाता है। फिर आंखों की पलकों पर कुछ भारी-भारी सा लगता है। इसके बाद भौहों के नीचे तेज दर्द महसूस हो सकता है। ऐसे में इस दर्द को दूर करने के लिए सिर की मालिश करें। 

संक्रमण के कारण

यदि आंख में या उसके आसपास कोई संक्रमण होता है, तो इससे भौंहों के नीचे दर्द होता है। कई बार साइनस के कारण, हड्डियों में, गुहाओं में, आंखों के आस- पास किसी भी प्रकार के इंफेक्शन फैल जाने के कारण भी भौहों के नीचे तेज दर्द हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी आंखों और उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें। साथ ही संक्रमण को लेकर लगातार जागरूक रहें। सिर में ये बालों में किसी भी प्रकार का संक्रमण हो, तो तुरंत इसका इलाज करें नहीं तो ये बहुत ज्यादा फैलन के बाद भौहों का दर्द बन सकता है।

ग्लूकोमा के कारण

ग्लूकोमा आंख में बढ़ते दबाव को संदर्भित करता है, इससे भौंहों के नीचे दर्द होता है। समय के साथ, बढ़ा हुआ दबाव ऑप्टिक तंत्रिका को नष्ट कर सकता है। इस प्रकार, व्यक्ति देखने में सक्षम नहीं होता है। जबकि ग्लूकोमा का सटीक कारण अज्ञात है, ओपन-एंगल ग्लूकोमा और एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा आंख में तरल पदार्थ की निष्क्रियता के कारण बाहर निकलता है। नतीजतन, आंख में दबाव बढ़ जाता है। इसकी के कारण भौहों के नीचे भी कई बार दर्द हो सकता है। इसके लिए जरूरू है कि आपको जैसे ही इसका दर्द महसूस हो औप अपने चिकत्सक के पास जाएं।

 इसे भी पढ़ें : खूबसूरत व घनी आइब्रोज पाने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय

मांसपेशियों में ऐंठन और टेम्पोरल अर्थराइटिस

आइब्रो या पलक में होने वाली ऐंठन या भौं के क्षेत्र में अनैच्छिक झटके दर्द का कारण बनते हैं। ऐसे में इन्हें सौम्य चीजों की आवश्यक हो सकती है। इसके लिए आप आंखों की मांसपेशियों का लगातार मालिश करें। आमतौर पर, ये कुछ दिनों के लिए होते हैं और फिर बंद हो जाते हैं। यह स्थिति ज्यादातर नींद की कमी या अनियमित नींद के पैटर्न से शुरू होती है। आइब्रो के नीचे दर्द आंखों के पास ब्लड सर्कुलेशन में आई प्रोब्लम और आंख के तंत्रिका संबंधी समस्याओं के कारण भी हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अस्थाई धमनी, जो आंख के पास सिर की तरफ से चलती है उनमें सूजन आ जाती है। इन तमाम वजहों से अपने आंख के दर्द और भौहों के नीचे के दर्द को नजरअंदाज न करें। इसके लिए भौहों की मालिश करते रहें और आंखों की रेगुलर चेकअप के लिए जाते रहे।

Read more articles on Other-Diseases in Hindi

Disclaimer