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थायराइड को कंट्रोल करने में कैसे मदद करता है कांचनार गुग्गुल? जानें आयुर्वेदाचार्य से सेवन का तरीका

Thyroid Management: थायराइड को मैनेज करने के लिए कांचनार या कचनार गुग्गुल बहुत ही फायदेमंद औषधि है, लेकिन आयुर्वेदिक डॉक्टर ने इस लेख में विस्तार से बताया कि इसे कब और कैसे खाना चाहिए।
थायराइड को कंट्रोल करने में कैसे मदद करता है कांचनार गुग्गुल? जानें आयुर्वेदाचार्य से सेवन का तरीकाथायराइड को कंट्रोल करने में कैसे मदद करता है कांचनार गुग्गुल? जानें आयुर्वेदाचार्य से सेवन का तरीका

Thyroid Management: आजकल महिलाओं को खासतौर पर लाइफस्टाइल के चलते थायराइड की समस्या काफी ज्यादा देखने को मिल रही है। दरअसल, थायराइड हार्मोन शरीर का मेटाबॉलिज्म कंट्रोल करने में मदद करता है। अगर किसी का थायराइड हार्मोन ज्यादा या कम है, तो इसे दवाइयों के जरिए मैनेज किया जाता है। थायराइड को मैनेज करने के लिए आयुर्वेद में भी कई तरह के विकल्प मौजूद है, जिसमें कांचनार गुग्गुल या कचनार गुग्गुल को काफी फायदेमंद माना जाता है। थायराइड के इलाज में कांचनार गुग्गुल किस तरह से फायदेमंद है, यह जानने के लिए हमने हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि कांचनार या कचनार गुग्गुल को पॉवरफुल आयुर्वेदिक औषधि के तौर पर जाना जाता है लेकिन हर तरह के थायराइड में इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

कांचनार गुग्गुल शरीर में कैसे काम करता है?

डॉ. श्रेय कहते हैं, “कांचनार गुग्गुल को कांचनार की छाल और गुग्गुल राल जैसी जड़ी-बूटियों को मिलाकर तैयार किया जाता है। कांचनार या कचनार गुग्गुल को आयुर्वेद में मेन मेडिसिन माना जाता है, जो ग्रंथि रोग के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। शरीर के किसी भी अंग में गांठ होने पर कांचनार गुग्गुल का इस्तेमाल किया जाता है। यह गांठ की ग्रोथ को खत्म कर देती है, चाहे वह ट्यूमर किसी भी तरह का हो, इसलिए इसे शरीर की सूजन और ट्यूमर को रोकने में इस्तेमाल किया जाता है। जब भी हम इसे किसी मरीज को देते हैं, तो एक टाइम लिमिट तक खाने की सलाह देते हैं।” Kanchanar Guggul in hindi doctor quoteKanchanar Guggul in hindi doctor quote

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देश में थायराइड के मामले

कांचनार गुग्गुल थायराइड में किस तरह से फायदेमंद है, इसे जानने से पहले देशभर में थायराइड के मामलों को जानना भी महत्वपूर्ण है। अगर नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS 4) की बात की जाए, तो देशभर में करीब 2.2% थायराइड के मामले थे, जो NFHS 5 में बढ़कर 2.9% हो गए हैं। NFHS 5 में महिलाओं का आंकड़ा 2.7 फीसदी है। इससे पता चलता है कि देशभर में थायराइड की समस्या से महिलाएं ज्यादा परेशान है। यह सर्वे 15 से 54 साल की उम्र के लोगों के बीच किया गया है।

थायराइड में कांचनार गुग्गुल कैसे फायेदमंद है? - How To Use Kanchanar Guggulu For Thyroid In Hindi

डॉ. श्रेय कहते हैं, “कांचनार गुग्गुल को थायराइड मैनेज करने के लिए दिया जाता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह सिर्फ हाइपोथायराइडिज्म के लिए फायदेमंद है। हाइपोथायराइड में थायराइड हार्मोन बिल्कुल नहीं बना पाते, जिस वजह से कम खाने के बावजूद भी लोगों का वजन लगातार बढ़ने लगता है। हाइपोथायराइडिज्म में लोगों को बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी रहने लगती है और महिलाओं को पीरियड्स भी अनियमित (symptoms of thyroid) हो जाते हैं। ऐसे मामलों में कांचनार गुग्गुल काफी फायदेमंद रहती है। मैं सिर्फ हाइपोथायराडिज्म के मरीजों को ही उनकी कंडीशन देखकर कांचनार गुग्गुल लेने की सलाह देता हूं।”

कांचनार गुग्गुल के फायदे - Benefits Of Kanchanar Guggul In Hindi

डॉ. श्रेय ने बताया कि कांचनार गुग्गुल के थायराइड के अलावा भी कई फायदे हैं।

  1. शरीर में किसी भी तरह के ट्यूमर को खत्म करने में मददगार
  2. शरीर की सूजन कम करने में फायदेमंद
  3. हार्मोनल बैलेंस सही रखने में मददगार
  4. PCOS और PCOD में फायदेमंद
  5. शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में फायदेमंद
  6. शरीर के कफ और पित्त को कम करने में मददगार

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कांचनार गुग्गुल का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए?

डॉ. श्रेय कहते हैं, “कांचनार गुग्गुल में ताम्र भस्म होती है और इसलिए किसी को भी बिना डॉक्टर की सलाह के इसे नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर हमेशा मरीज की नाड़ी, दर्शन स्पर्शन और पेशाब के टेस्ट के बाद ही लेने की सलाह देते हैं। इन फैक्टर्स के अलावा, मार्केट में कई तरह के कांचनार गुग्गुल मिल रहे हैं, इसलिए इसके साइड इफैक्ट्स पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण हो जाता है। डॉक्टर मरीज की मेडिकल कंडीशन को देखते हुए 250 mg से लेकर दो से तीन ग्राम तक लेने की सलाह दे सकते हैं। इसके साथ मैं यह भी कहना चाहूंगा कि मार्केट में कई तरह के कांचनार गुग्गुल मिलते हैं, इसलिए खुद से न खरीदें।”

निष्कर्ष

डॉ. श्रेय जोर देते हुए कहते हैं कि कांचनार गुग्गुल को प्रेग्नेंट महिलाओं, ब्रेस्टफीडिंग महिलाओं, लिवर और किडनी की बीमारी के मरीजों को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। वैसे अगर कांचनार गुग्गुल को सही तरीके से लिया जाए, तो यह थायराइड मैनेज करने में पावरफुल नेचुरल औषधि है।

FAQ

  • कचनार गुग्गुल किस बीमारी में काम आता है?

    कचनार गुग्गुल हाइपोथायरायडिज्म, हार्मोनल असंतुलन, PCOS और ट्यूमर को मैनेज करने के लिए किया जाता है। कई मामलों में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • कचनार गुग्गुल के क्या नुकसान हैं?

    कांचनार गुग्गुल की वजह से डाइजेशन, शरीर में गर्मी बढ़ने और मुंह में छाले जैसी समस्याएं हो सकती है। प्रेग्नेंट महिलाओं और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के कांचनार गुग्गुल नहीं लेना चाहिए।
  • गुग्गुल गर्म है या ठंडा?

    गुग्‍गुल की प्रकृति गर्म होती है, इसलिए आयुर्वेदिक डॉक्टर इसे आमतौर पर गाय के दूध या घी के साथ लेने की सलाह देते हैं। गुग्गुल लेने का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 06, 2026 08:05 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Feb 06, 2026 08:05 IST

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    Published By : Aneesh Rawat
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