Fri Sep 11, 2026 | 08:36 PM IST

Medically Reviewed by Dr KS Somasekhar Rao , Senior Consultant Gastroenterologist | Hepatologist | Advanced Therapeutic Endoscopist

अमरूद पर नमक लगाकर खाना सही है या नहीं? एक्‍सपर्ट से समझें

अमरूद का सेवन सेहत के ल‍िए फायदेमंद होता है। कई लोग अमरूद को नमक के साथ खाते हैं। लेक‍िन क्‍या अमरूद के साथ नमक का सेवन सेहतमंद है या इससे सेहत खराब होती है?

नमक के साथ अमरूद खाना भारत में एक पॉपुलर स्नैक है, जिसमें फल की नेचुरल मिठास और खट्टापन नमक की एक चुटकी के साथ मिलकर स्वाद को बढ़ाता है। लेकिन क्या यह कॉम्बिनेशन रिस्की है या हेल्दी? बचपन में सर्द‍ियों के दौरान मैं छत पर बैठकर अपनी मां और मौसी के साथ अमरूद पर नमक लगाकर खाती थी और धूप का आनंद उठाती थी। अमरूद पर नमक लगाकर खाना स्वादिष्ट लगता है और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस में मदद कर सकता है, खासकर वर्कआउट के बाद या गर्म मौसम में। इस लेख में जानेंगे क‍ि अमरूद के साथ नमक लगाकर खाना वाकई हेल्‍दी होता है या नहीं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. KS Somasekhar Rao, Senior Consultant Gastroenterologist, Hepatologist & Clinical Director At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।

न्यूट्रिशन का पावरहाउस है अमरूद- Benefits Of Eating Guava

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  • अमरूद न्यूट्रिशन का पावरहाउस है। अमरूद इम्यूनिटी को बढ़ाता है, कोलेजन बनाने में मदद करता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ता है।
  • Dr. KS Somasekhar Rao ने बताया क‍ि एक मीडियम अमरूद में लगभग पांच ग्राम फाइबर होता है, जो डाइजेस्टिव हेल्थ को बढ़ावा देता है, कब्ज को रोकता है और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है, जिससे यह डायबिटीज वालों के लिए अच्‍छा व‍िकल्‍प है।
  • इसमें कैलोरी कम होती है (लगभग 68 प्रति फल), पोटैशियम की मात्रा ज्‍यादा होता है (ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने में मदद करता है) और लाइकोपीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो कैंसर का खतरा कम कर सकता है और दिल की सेहत को सपोर्ट करता है। जर्नल ऑफ फूड साइंस सहित स्टडीज अमरूद की एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज को हाईलाइट करती हैं।

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अमरूद के साथ ज्‍यादा नमक का सेवन करने के खतरे- Health Hazards Of Eating More Salt

  • नमक का ज्‍यादा सेवन करना सेहत के ल‍िए हान‍िकारक हो सकता है। ज्‍यादा सोड‍ियम का सेवन करने से क‍िडनी पर जोर पड़ता है, हाई बीपी की समस्‍या हो सकती है और कार्डियोवैस्कुलर रिस्क बढ़ता है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें, तो रोजाना 2300 एमजी से ज्‍यादा नमक का सेवन नहीं करना चाह‍िए। खासकर हाई बीपी या क‍िडनी की समस्‍या वाले लोगों को।
  • प्रोसेस्ड या टेबल सॉल्ट में अक्सर पोटेशियम का बैलेंस नहीं होता, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की स्‍थि‍त‍ि और खराब हो सकती है।
  • बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं या सोडियम के प्रति सेंसिटिव लोगों के लिए सादा अमरूद खाना ही फायदेमंद है।

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अमरूद के साथ सेंधा नमक चुनें- Choose Black Salt

  • Dr. KS Somasekhar Rao ने बताया क‍ि नमक की मात्रा को सीमि‍त करें। प्रत‍ि सर्विंग 1/4 चम्मच नमक तक सीमित रखें और वो भी हफ्ते में 2-3 बार।
  • मिनरल्स के लिए सेंधा नमक (काला नमक) चुनें। इसे बैलेंस्ड डाइट के साथ लें।
  • अमरूद का फाइबर सोडियम के असर को कम करता है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की कोई समस्या है तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।

न‍िष्‍कर्ष:

नमक को अमरूद पर डालकर खाने से अमरूद में मौजूद फाइबर का असर कम हो सकता है इसल‍िए अमरूद को नमक के बगैर खाना ज्‍यादा हेल्‍दी व‍िकल्‍प है।

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FAQ

  • अमरूद कब नहीं खाना चाह‍िए?

    अपच, दस्‍त, गैस या पेट में दर्द होने पर अमरूद का सेवन नहीं करना चाह‍िए। रात के समय भी अमरूद का सेवन करने से बचना चाह‍िए। इससे पाचन ब‍िगड़ सकता है।
  • क्‍या डायब‍िटीज में अमरूद खा सकते हैं?

    डायब‍िटीज में अमरूद का सेवन कर सकते हैं, लेक‍िन इस फल का सेवन ज्‍यादा मात्रा में न करें। अमरूद को नमक और मसाले के बगैर खाएं। अमरूद में फाइबर ज्‍यादा होता है और जीआई कम होता है इसल‍िए इसे शुगर के मरीज खा सकते हैं।
  • क्‍या अमरूद की तासीर ठंडी होती है?

    अमरूद शरीर को ठंंडक देता है इसल‍िए इसे सर्द‍ियों में शाम को या रात को खाने के बजाय द‍िन में खाना चाह‍िए। अमरूद का सेवन रात को करने से सर्दी-जुकाम या खांसी हो सकती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 13, 2026 18:50 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 13, 2026 18:50 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr KS Somasekhar Rao

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