क्या आप भी बच्चे को सुलाते हैं झूले में? जानें छोटे बच्चों को झूले में सुलाने के नुकसान

शिशु या छोटे बच्चे को झूले पर सुलाना कितना सुरक्षित है और कितना असुरक्षित, इसके बारे में माता-पिता को पता होना जरूरी है। जानें बरतने वाले सावधानी...

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Dec 03, 2021Updated at: Dec 03, 2021
क्या आप भी बच्चे को सुलाते हैं झूले में? जानें छोटे बच्चों को झूले में सुलाने के नुकसान

जब भी किसी के घर में नए मेहमान का जन्म होता है तो माता-पिता सबसे पहले उसके लिए पालना खरीद कर लाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें लगता है कि झूले में बच्चे को झूलाने से ना केवल बच्चों का रोना बंद होगा बल्कि वह जल्दी सो बी जाएंग। लेकिन झूले में बच्चों को सुलाना कितना सुरक्षित है और कितना असुरक्षित इसके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि झूले में छोटे बच्चों को सुलाने से उन्हें क्या क्या नुकसान हो सकते हैं। साथ ही इस विषय पर जुड़ी कई हेल्थ रिसर्च भी हुई जिनके बारे में जानेंगे। इसके लिए हमने गेटवे ऑफ हीलिंग साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी (Dr. Chandni Tugnait, M.D (A.M.) Psychotherapist, Lifestyle Coach & Healer) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

क्या कहती है रिसर्च?

बता दें कि रिसर्च के मुताबिक, छोटे बच्चों को झूले पर नहीं सुलाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि झूले की सतह ऊपर-नीचे होती है, जिसके कारण बच्चों के सोने का पोश्चर प्रभावित हो सकता है। बता दें कि इससे जुड़ी एक रिसर्च भी सामने आई है, जिससे यह पता चलता है कि यदि बच्चे को झूले में सुलाया जाए तो सिर के आगे की तरफ झुकने के कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है। रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इससे अलग एक रिसर्च यह भी बताती है कि यदि बच्चों के सोने का तरीका गलत हो तो ऐसे में उन्हें सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) की समस्या हो सकती। इससे संबंधित रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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झूले में सुलाने के नुकसान

यदि बच्चों को झूले पर सुलाया जाए तो निम्न नुकसान का सामना करना पड़ सकता है-

1 - छोटे बच्चों के विकास पर प्रभाव पड़ सकता है। बता दें कि यदि बच्चे को झूले पर सुलाया जाए तो इससे उनकी दूसरी गतिविधियां रुक सकती हैं, जिससे उनके विकास पर प्रभाव पड़ सकता है। वहीं अगर बच्चे को झूले की जगह किसी सपाट स्तर पर सुलाया जाए तो वह न केवल गतिविधियों को करने के लिए आजाद रहेंगे बल्कि इससे घुटने के बल चलने की आदत से छुटकारा और हड्डियों में मांसपेशियों का विकास दोनों अच्छे से होगा।

2 - बच्चे को झूले पर सुलाने के कारण उनकी मांसपेशियां कमजोर हो सकती है। बता दें कि मांसपेशियों के कमजोर होने पर ना वे अपनी गर्दन को सीधा रख पाते हैं और ना ही वह अपने सिर को सहारा दे पाते हैं। ऐसे में जब हम बच्चे को किसी सपाट जगह पर सुलाते हैं तो इससे बच्चों की गर्दन को सहारा मिलता है।

3 - अगर बच्चे को ज्यादा समय तक झूले पर झुलाया जाए तो इससे उनमें प्लेगियोसेफली पोजिशनल Plagiocephaly की समस्या हो सकती है। यह समस्या होने पर बच्चे का सर एकदम चपटा महसूस हो सकता है। वहीं बच्चे की सिर की गतिविधियां भी कम होने लगती हैं। इस समस्या के कारण बच्चा अपना सिर चारों दिशाओं में ठीक से नहीं घुमा पाता है। ऐसे में माता-पिता को ज्यादा समय तक बच्चे को झूले पर नहीं रखना चाहिए। ‌

4 - यदि बच्चे को झूले पर सुलाया जाए तो उससे घुटन की समस्या भी हो सकती है। बता दें कि पालने में सुलाने के कारण बच्चे के सिर के वजन का दबाव उसकी गर्दन पर पड़ सकता है। ऐसे में बच्चे को गर्दन से संबंधित समस्या भी हो सकती है।

5 - अगर माता-पिता बच्चे को झूले पर सुलाते हैं तो ऐसे में उनके गिरने का खतरा भी बढ़ सकता है। बता दें कि जैसे जैसे बच्चे की उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे वह चलना, लुढ़कना या रैंगना शुरू कर देता है। ऐसे में अगर बच्चे को झूले पर लेटाया जाए तो इससे गिरने की संभावना बढ़ सकती है।

6 - यदि आप बच्चे को लंबे समय तक झूले पर सुला रहे हैं तो इससे उन्हें उसकी आदत भी लग सकती है। ऐसे में उन्हें सपाट सतह पर नींद ना आने की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में झूले की आदत को छुड़ाना माता-पिता के लिए थोड़ा मुश्किल साबित हो सकता है।

7 - झूले पर सोने से बच्चे को खट्टी डकार यानी एसिड रिफ्लक्स की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। बता दें कि कई स्थिति ऐसी हो जाती हैं जब बच्चा लुढ़कते हुए झूले पर पेट के बल लेट जाता है। ऐसे में जब लंबे समय तक ऐसी स्थिति में रहता है तो खट्टी डकार की समस्या हो सकती है।

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शिशु या छोटे बच्चों को झूला झूलाते वक्त बरतें सावधानी

1 - यदि आप बच्चे को झूले या पालने पर झूला रहे हैं तो ऐसे में सबसे पहले उससे सही से सावधानी पूर्वक सेट करें।

2 - बच्चे के झूले का चुनाव बच्चे के वजन के अनुसार तय करें।

3 - ज्यादा लंबे समय तक बच्चे को झूला ना झुलाएं।

4 - समय-समय पर पालने के गद्दे और तकिये को साफ करें।

5 - अगर बच्चा आपके पास सो रहा है तो इस दौरान पालने को बंद करके या झूले को फोल्ड करके रख दें। वरना इससे भी बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि शिशु को या छोटे बच्चों को झूले पर सुलाने से उनकी सेहत नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में माता-पिता को अपने बच्चों को सपाट सतह पर ही सुलाना चाहिए। इससे अलग ज्यादा लंबे समय तक बच्चों को झूला झुलाने से भी उनके विकास में रुकावट आ सकती हैं।

इस लेख में फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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