क्या फुल फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना हार्ट के लिए सुरक्षित है? जानें क्या कहती हैं डायटीशियन

फुल फैट मिल्क या फिर अन्य प्रोडक्ट्स क्या हार्ट के लिए सुरक्षित हैं? चलिए जानते हैं क्या कहती हैं डायटीशियन इस बारे में-

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Sep 22, 2021
क्या फुल फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना हार्ट के लिए सुरक्षित है? जानें क्या कहती हैं डायटीशियन

हृदय हमारे शरीर का एक अभिन्न अंग है। इसकी मदद से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर तरीके से होता है। लेकिन अगर हार्ट में किसी भी तरह की परेशानी हो जाए, तो इसका असर पूरे शरीर पर दिखता है। हार्ट से जुड़ी बीमारियां पहले वृद्धावस्था में अधिक होती थीं, लेकिन इन दिनों कम उम्र में ही लोग हार्ट से जुड़ी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। जिसका कारण हमारी खराब जीवनशैली है। खानपान में खराबी, एक्सरसाइज न करना, धूम्रपान का सेवन करना, पानी भरपूर रूप से न पीना, भरपूर नींद न लेना इत्यादि कई ऐसी लाइफस्टाइल से जुड़ी गलतियां हम कर रहे हैं, जिसका असर हमारे हार्ट पर पड़ रहा है। इसी वजह से हार्ट हेल्थ के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ाने के लिए 29 सितंबर को दुनियाभर में वर्ल्ड हार्ट डे (World Heart Day 2021) मनाया जाता है। ताकि लोग जान सकें कि हार्ट को सुरक्षित रखना क्यों जरूरी है और किस तरह से हार्ट को हेल्दी रखा जा सकता है? आज हम आपको इस लेख के माध्यम से फुल डेयरी प्रोडक्ट्स, हार्ट के लिए सुरक्षित है या नहीं, इस विषय के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। ताकि आप अपने खानपान में सही डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। इस विषय के बारे डायट मंत्रा क्लीनिक की डायटीशियन कामिनी कुमारी हमें विस्तृत रूप से जानकारी देंगी। चलिए जानते हैं फुल डेयरी प्रोडक्ट्स हार्ट (Is full fat Dairy Products safe for Heart ) के लिए हेल्दी है या नहीं? 

क्या है फुल डेयरी प्रोडक्ट?

फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स, ऐसे डेयरी उत्पादनों को कहा जाता है, जिसमें से फैट या मलाई नहीं निकाली जाती है। डायटीशियन कामिनी कुमारी कहती हैं कि डेयरी प्रोडक्ट्स स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स (Full Fat Dairy Products) किसी के लिए भी नहीं फायदेमंद होता है। इससे सेहत को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। 

क्या फुल फैट डेयरी हार्ट के लिए है सुरक्षित? 

डायट मंत्रा क्लीनिक की डायटीशियन कामिनी कुमारी का कहना है कि फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा नहीं होता है। दरअसल, जब आप किसी भी तरह के फुल फैट डेयरी उत्पादनों का सेवन करते हैं, तो यह आपके ओबेसिटी (Increase Obesity) को बढ़ावा देता है।  ओबेसिटी का बढ़ना किसी भी व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता है। खासतौर पर हार्ट के लिए ओबेसिटी अच्छा नहीं होता है। क्योंकि ओबेसिटी गुड कॉलेस्ट्रॉल को कम करके बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देती है। साथ ही शरीर में अगर ज्यादा फैट हो जाए, तो यह ब्लड वेसेल्स को ब्लॉक कर सकती है। जिससे ब्लड का सप्लाई कम या फिर बाधिक हो जाता है। अगर यह समस्या हार्ट में उत्पन्न हो जाए, तो इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा फुट फैट डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने से सेहत को कई अन्य नुकसान होते हैं। 

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हार्ट मरीज कैसे डेयरी प्रोडक्ट्स का कर सकते हैं सेवन?

डायटीशियन कामिनी सिंहा कहती हैं कि हार्ट मरीजों को अपने आहार में लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करना चाहिए। अगर आप दूध पीते हैं, तो उससे मलाई हटा लें। वहीं, अगर आप बाहर के चीज, दही, क्रीम या पनीर का सेवन कम से कम करें। डायटीशियन का कहना है कि कोशिश करें कि घर में तैयार डेयरी प्रोडक्ट्स का ही सेवन करें। क्योंकि बाहर के डेयरी प्रोडक्ट्स में कितना फैट है और उसे किस तरह से तैयार किया गया है, इसके बारे में हमें अधूरी जानकारी होती है। जरूरी नहीं है कि बाहर में मौजूद हर टोंड दूध या फिर लो फैट दही, क्रीम या अन्य चीजें आपके लिए सेफ हो। इसलिए कोशिश करें कि डिब्बाबंद चीजों का सेवन न करें। इसके अलावा डेयरी प्रो़डक्ट्स को शामिल करने के दौरान अपने आहार में थोड़ी मात्रा में फाइबर युक्त चीजों को जरूर शामिल करें। इससे फैट और प्रोटीन आपके शरीर में मेंटेन रहता है। अगर आपको चीज या बटर पसंद है, तो इसका कम से कम मात्रा में सेवन करें।  

फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने के अन्य नुकसान

ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा

डायटीशियन कामिनी का कहना है कि डेयरी उत्पादनों का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं। लेकिन अगर आप फुल क्रीम या फिर फुल फैट डेयरी उत्पादनों का सेवन करते हैं, तो इससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा रहता है। ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। जिससे फैक्चर होने का खतरा बढ़ता है। दरअसल, जब आप फैट युक्त डेयरी उत्पादनों का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं, तो इसमें मौजूद फैट आपके ब्लड वेसेल्स और टिश्यूज में एकत्रित होने लगते हैं। जो धीरे-धीरे बोन मैरो में चले जाते हैं। इससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। 

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हाई बीपी बढ़ने की संभवना

डायटीशियन बताती हैं कि हाई फैट युक्त आहार या फिर फैट युक्त डेयरी उत्पादनों का अधिक सेवन करने से आपको हाई बीपी की समस्या हो सकती है। दरअसल, जब ब्लड वेसल्स में फैट की अधिकता होने लगती है, तो इससे बीपी हाई होने लगता है। ब्लड प्रेशर हाई होने से हार्ट अटैक का खतरा रहता है। साथ ही कई अन्य समस्याएं जैसे, ब्लड वेसेल्स डैमेज, हार्मोंस असंतुलित होना और ब्रेन स्ट्रोक का भी खतरा रहता है। 

मोटापा बढ़ना

डायटीशियन कहती हैं कि अगर आप फुल फैट दूध या फिर अन्य प्रोडक्ट्स का सेवन करते हैं, तो आपका मोटापा बढ़ सकता है। मोटापा बढने से दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा रहता है। इशके अलावा फुल फैट डेयरी से मेटाबॉजिल्म सिंड्रोम होने का खतरा भी रहता है। 

फैटी लिवर

इसके अलावा फुल फैट क्रीम के उत्पादनों का सेवन करने से फैटी लिवर की समस्या हो सकती है। फैटी लिवर की परेशानी होने से आपके लिवर  के आसपास फैट एकत्रित होने लगती है, जिसकी वजह से कई अन्य परेशानियां होना स्वभाविक है। फैटी लिवर की परेशानी होने पर आपको लिवर सिरोसिस, जॉन्डिस, हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां होने का खतरा रहता है। 

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कैंसर का भी खतरा

डायटीशियन कामिनी कहती हैं कि जब हमारे शरीर के सभी ब्लड वेल्सेल में फैट धीरे-धीरे एकत्रित होने लगता है, तो इससे ब्लड का सर्कुलेशन रुकने लगता है। जिससे शरीर की कई कोशिकाएं प्रभावित होने लगती हैं। जिसके कारण कुछ लोगों में कैंसर होने का खतरा भी रहता है। 

डायटीशियन कामिनी कुमारी का कहना है कि फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स को आप जितना चाहें अवॉइड करें। लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स को अपने डाइट में शामिल करें। घर की चीजें आपके लिए सबसे बेहतर ऑप्शन हो सकती हैं। घर में तैयार दही का सेवन करें। बाहर के पैकेट या डिब्बाबंद दही खाने से बचें। क्योंकि हमें इसके बारे में जानकारी नहीं होती है कि यह कब और किस तरह से तैयार किया जाता है। अगर आप हार्ट मरीज हैं, तो अपना नियमित रूप से चेकअप कराएं। शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल रखने की कोशिश करें। गुड कोलेस़्ट्रॉल युक्त चीजों का सेवन करें। 

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