दिल के लिए घातक हो सकती है हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज, डॉक्टर से जानें हेल्दी हार्ट के लिए एक्सरसाइज का सही तरीका

अगर आप भी बॉडी बिल्डिंग के लिए या फिट रहने के लिए इंटेंस एक्सरसाइज करते हैं तो, डॉक्टर से जानें दिल की सेहत के लिए ये कितना सही है?

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Sep 20, 2021
दिल के लिए घातक हो सकती है हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज, डॉक्टर से जानें हेल्दी हार्ट के लिए एक्सरसाइज का सही तरीका

आज कल के युवा फिट और हेल्दी रहने के लिए एक्सरसाइज और डाइट की मदद लेते हैं। पर कई बार ज्यादा एक्सरसाइज करना सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो जाता है। खास कर हाई इंटेसिटी एक्सरसाइज। दरअसल, हाल के दिनों में युवाओं में दिल की बीमारियां बड़ी तेजी से बढ़ रही हैं। इससे कई लोगों की मौत भी हुई है। हाल ही में एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। वे महज 40 साल के थे। उनकी मौत के बाद मीडिया में बहुत दिनों तक खबर रही कि वे रोजाना 3 घंटे एक्सरसाइज करते थे जबकि डॉक्टर ने उन्हें ऐसा ना करने की हिदायत दी थी। इसी के बाद प्रश्न उठने लगे कि क्या हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज दिल के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है (Is high intensity exercise bad for your heart)? इसी बारे में हमने डॉ. टीएस क्लेर (Dr. TS Kler), अध्यक्ष, फोर्टिस हार्ट एंड वैस्कुलर इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम और फोर्टिस अस्पताल, वसंत कुंज से बात की। 

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दिल के लिए एक्सरसाइज-Exercise for heart health

डॉ. टीएस क्लेर (Dr. TS Kler) कहते हैं कि दिल के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है। इसके लिए आपको रेगुलर एक्सरसाइज करना चाहिए। जैसे कि 

-स्विमिंग

-फास्ट वॉकिंग

-साइकलिंग

-जॉगिंग

- गेम्स खेलना। 

लगभग हफ्ते में 5 से 6 दिन 40 से 45 तक एक्सरसाइज करें।  दरअसल, एक्सरसाइज करने से हाई ब्लड प्रेशर से कम रहता है। साथ ही ये वजन नियंत्रित करने में भी मददगार है। मोडरेट एक्सरसाइज करने से दिल की मांसपेशियां हेल्दी रहती हैं। साथ ही ये एक्सरसाइज डायबिटीज से पीड़ित लोगों को भी दिल की बीमारियों से बचाता है। ये तनाव को दूर करता है और आपको पूरी तरह से हेल्दी रहने में मदद करता है। 

हाई इंटेसिटी एक्सरसाइज और दिल का स्वास्थ्य -High-intensity exercise and heart health

हाई इंटेसिटी एक्सरसाइज आपके दिल के स्वास्थ्य को बहुत बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। डॉ. टीएस क्लेर कहते हैं कि आजकल के युवा बिना सोचे समझे हाई इंटेसिटी एक्सरसाइज करते हैं जिससे उनके दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है। दरअसल,  कई शोध भी बताते हैं कि हाई इंटेसिटी एक्सरसाइज करने से आपकी दिल की धड़कन अनियमित होने लगती है, जिसे आर्टियल फिब्रिलेशन (atrial fibrillation) के रूप में भी जाना जाता है, जो कि कभी भी स्ट्रोक का कारण बन सकता है। इसके अलावा हाई इंटेसिटी एक्सरसाइज करने वाले युवाओं में कॉर्डिक अरेस्ट (cardiac arrest) का भी खतरा ज्यादा रहता है। 

डॉ. टीएस क्लेर कहते हैं कि कुछ लोगों में हाई इंटेसिटी एक्सरसाइज करने से दिल की बीमारियों का खतरा (who are at risk of cardiac arrest) बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा रहता है जैसे कि 

1. हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी  (Hypertrophic cardiomyopathy)

हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी (एचसीएम) एक ऐसी बीमारी है जो हृदय की मांसपेशियों को प्रभावित करती है, जिससे मांसपेशियां बढ़ जाती हैं, या "हाइपरट्रॉफी" हो जाती है। हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी (एचसीएम) एक जटिल प्रकार का हृदय रोग है जिसमें कि सबसे ज्यादा हृदय की मांसपेशियां प्रभाविक रहती हैं। यह हृदय के वाल्व में परिवर्तन और सेलुलर बदलावों का भी कारण बनता है। दरअसल, हृदय की मांसपेशी (मायोकार्डियम) का मोटा होना इस बीमारी में सबसे ज्यादा देखी जाती है। समस्या तब होती है जब हृदय के निचले कक्षों के बीच की मांसपेशियां मोटी हो जाती हैं। ये संकुचन का कारण बन सकता है जो ब्लड सर्कुलेशन को ब्लॉक कर सकता है। इस स्थिति में कार्डिक अरेस्ट से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। 

2. एराइथमॉजेनिक वेंट्रिकुलर डिसप्लेसिया (Arrhythmogenic right ventricular dysplasia)

एराइथमॉजेनिक वेंट्रिकुलर डिसप्लेसिया (एआरवीडी) कार्डियोमायोपैथी का एक नया रूप है जो आमतौर बहुत से लोगों को होता है और छिपा रहता है। यह युवाओं में मौत का सबसे बड़ा कारण होता है।  साथ ही साथ हार्ट फेल्योर का कारण है। 

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3. कार्डियक अरेस्ट कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Cardic arrest coronary artery disease) 

अचानक कार्डियक अरेस्ट दिल के काम ना करने का कारण बन सकता है। इसमें हल्का अरेस्ट आने पर व्यक्ति बेहोश हो दाता है। यह स्थिति आमतौर पर आपके हृदय की इलेक्ट्रोकॉर्डिकग्रेफिक क्राइटेरिया  के(electrocardiographic criteria) में किसी समस्या के कारण उत्पन्न होती है, जो आपके हृदय की पंपिंग क्रिया को बाधित करती है और आपके शरीर में रक्त के प्रवाह को रोक देती है। इसमें ज्यादातर एक हिस्से में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। हालांकि, ये किसी में भी हो सकता है और अचानक कार्डियक अरेस्ट का कारण बनता है। अगर तुरंत इलाज नहीं किया जाता है, तो अचानक कार्डियक अरेस्ट से मौत हो सकती है। इसमें व्यक्ति को कई लक्षण महसूस होते हैं जैसे कि 

-सांस नहीं चलना

-बेहोशी

-सीने में बेचैनी

-कमजोरी

-दिल का तेज धड़कना

-बिना किसी लक्षण के अचानक मौत 

इसके अलावा ब्लॉकेज के कारण भी लोगों में मौत हो जाती है। खास कर कि 20 और 30 की आयु वाले लोगों में अगर पहले भी कार्डिक अरेस्ट की फैमिली हिस्ट्री रही है तो, ये युवाओं में हो सकता है। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और स्मोक ज्यादा करने वाले युवाओं में भी इंटेंस एक्सरसाइज करने से मौत का खतरा रहता है। 

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बचाव के उपाय-Prevention Tips 

1. कार्डियो वैस्कुलर चेकअप करवाएं

कार्डियो वैस्कुलर चेकअप हर उम्र के लोगों के लिए जरूरी है। खास कर कि 20 और 30 से ज्यादा उम्र के लोगों को ये चेकअर रेगुलर करवाना चाहिए। दरअसल, ये चेकअप किसी भी लक्षण या संभावित जोखिम वाले कारकों की खोज में मदद करने के लिए दिल की जांच की जाती है जिससे हृदय रोग हो सकता है। जब ये जल्दी-जल्दी किए जाते हैं तो हृदय रोगों का पता जल्दी चल जाता है और अपना ख्याल रख सकते हैं। 

2. मोडरेट एक्सरसाइज करें

डॉ. क्लेर कहते हैं कि किसी को भी अचानक से इंटेंस एक्सराइज नहीं करनी चाहिए। हमेशा एक्सरसाइज की शुरुआत आसान एक्सरसाइज से करें। उसके बाद मोडरेट और फिर उसके बाद इंटेंस एक्सरसाइज करें। इस तरह आप इतना ख्याल रखें कि आपके सेहत को किसी भी चीज से अचानक से चोट ना पहुंचे।

3. कोलेस्ट्रॉल कम रखें

दिल की बीमारियों से बचे रहने के लिए कोलेस्ट्रॉल कम करना बेहद जरूरी है। दरअसल, बैड कोलेस्ट्रॉल आपके ब्लड सेल्स में ब्लॉकेज का कारण बनते हैं। इसके ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होती है और ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक का कारण बनता है। 

दिल की बीमारियों से बचाव का एक उपाय ये है कि आप स्ट्रेस कम लें। स्ट्रेस हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है। साथ ही आपको स्मोकिंग से भी बचना चाहिए। तो युवा अगर एक्सरसाइज कर रहे हैं तो, ध्यान रखें कि मोडरेट एक्सरसाइज करें और इंटेंस एक्सरसाइज अधिक ना करें।

Main image credit: Michigan Health Blog

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