Hair Health: आजकल बहुत से लोग बाल झड़ने, पतले होने या जल्दी सफेद होने की समस्या से परेशान हैं। कोई नया शैम्पू आजमा रहा है, कोई सीरम, तो कोई महंगे ट्रीटमेंट करा रहा है, लेकिन फिर भी बालों की हालत वैसी की वैसी बनी रहती है। इसके कारण कई बार बाहर न होकर शरीर के अंदर होता है। इस बारे में हमने हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि बालों की समस्या सिर्फ बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से शुरू होती है। आयुर्वेद में साफ तौर पर माना गया है कि बालों का सीधा संबंध खून से होता है। अगर ब्लड शुद्ध नहीं है, तो शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ रहे हैं और ब्लड सर्कुलेशन ठीक नहीं है, तो बालों की जड़ें कमजोर होना तय है। डॉ. श्रेय ने खून को शुद्ध करने के तरीके भी बताएं।
आयुर्वेद में बालों और ब्लड कैसे कनेक्ट है?
डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं, “आयुर्वेद के अनुसार बालों को शरीर का ‘मल’ माना गया है, यानी जो भी न्यूट्रिशन शरीर को मिल रहा है, उसका आखिरी असर बालों पर दिखता है। अगर खून शुद्ध है, तो ब्लड सर्कुलेशन सही है और न्यूट्रिशन ठीक से रूट्स तक पहुंच रहा है। इससे बाल मजबूत, घने और चमकदार रहते हैं। इसके उलट, जब खून में अशुद्धि होती है, टॉक्सिन्स बढ़ते हैं और स्कैल्प तक न्यूट्रिशन नहीं पहुंच पाता, तो बाल धीरे-धीरे पतले होने लगते हैं और झड़ने लगते हैं। इसके अलावा, इसका असर बालों की ग्रोथ साइकल पर भी पड़ता है क्योंकि बाल उगने की रफ्तार धीमी हो जाती है।”

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बार-बार खराब होने की वजह?
डॉ. श्रेय ने बताया कि खून की अशुद्धता के अलावा भी बाल खराब होने के कई कारण हो सकते हैं।
न्यूट्रिशन की कमी
आज लोग जिस तरह का लाइफस्टाइल अपना रहे हैं, उसमें लोग भरपेट खाना तो खा रहे हैं, लेकिन न्यूट्रिशन पर्याप्त नहीं मिल रहा। आयरन, प्रोटीन, जिंक और जरूरी मिनरल्स की कमी सीधे बालों की जड़ों को कमजोर करती है।
ब्लड सर्कुलेशन का कमजोर होना
जब सिर की स्किन तक खून सही मात्रा में नहीं पहुंचता, तो बालों की ग्रोथ रुक जाती है। इसका नतीजा बालों का पतला होना और झड़ना हो सकता है।
स्कैल्प पर टॉक्सिन्स जमना
अशुद्ध खून की वजह से टॉक्सिन्स स्कैल्प पर जमा होने लगते हैं। इससे डैंड्रफ, खुजली और हेयर फॉल की समस्या बढ़ती है। इस वजह से भी बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं।
फैमिली हिस्ट्री
कई बार बालों का झड़ना या रूखे, बेजान बालों का कारण जेनेटिक्स भी हो सकता है। इसलिए कई लोगों के बाल जन्म से ही कम होते हैं, पतले होते हैं और जल्दी कमजोर पड़ जाते हैं। खासतौर पर पुरुषों में गंजेपन का कारण जीन में पाया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, अगर समय रहते खून को शुद्ध किया जाए और न्यूट्रिशन को सुधारा जाए, तो बाल खराब होने के प्रोसेस को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है।
खून शुद्ध करने के आयुर्वेदिक तरीके
डॉ. श्रेय के अनुसार, आयुर्वेद में रक्त शोधन के लिए कई प्रभावी जड़ी-बूटियां बताई गई हैं, जो बालों की जड़ों तक न्यूट्रिशन पहुंचाने में मदद करती हैं।
- त्रिफला - त्रिफला शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है। यह पाचन सुधारता है और खून को शुद्ध करता है, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं।
- मंजिष्ठा - यह आयुर्वेद में सबसे असरदार ब्लड प्यूरिफायर माना जाता है। यह स्कैल्प में जमा अशुद्धियों को कम करता है और बालों की ग्रोथ को सपोर्ट करता है।
- सारिवा - यह खून को ठंडा और शुद्ध रखने में मदद करता है। जिन लोगों को स्कैल्प पर जलन या खुजली की समस्या रहती है, उनके लिए यह बेहद फायदेमंद है।
- गिलोय - गिलोय इम्युनिटी बढ़ाने के साथ-साथ खून को साफ करने में मदद करता है। यह बालों के झड़ने की समस्या को अंदर से कंट्रोल करता है।
- पटोल पत्र - यह स्किन और स्कैल्प से जुड़ी समस्याओं के लिए काफी अच्छा माना जाता है और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है।
- चोपचीनी और खादिर - दोनों ही ब्लड प्यूरिफायर की तरह काम करते हैं। ये खून की अशुद्धियों को कम करते हैं, स्कैल्प साफ रखते हैं और बालों की जड़ों तक न्यूट्रिशन पहुंचाने में मदद करते हैं।
लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी
डॉ. श्रेय कहते हैं कि आयुर्वेद के अनुसार, अगर खून को शुद्ध रखना है, तो सिर्फ औषधि नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल भी सुधारनी होगी।
- तला-भुना और जंक फूड कम करें
- ज्यादा पानी पिएं
- स्ट्रेस कम रखें
- नींद पूरी लें
- सिर की रेगुलर मालिश करें
निष्कर्ष
अगर आपके बाल बार-बार झड़ रहे हैं, पतले हो रहे हैं या ग्रोथ रुक गई है, तो शैम्पू बदलने की बजाय आयुर्वेदिक डॉक्टर से मिलें क्योंकि बालों को सेहतमंद रखने के लिए खून के शुद्ध करने पर भी ध्यान देना होगा और शरीर को अंदर से न्यूट्रिशन देना सबसे जरूरी कदम है।
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Jan 08, 2026 15:18 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jan 08, 2026 15:18 IST
Modified By : Aneesh RawatJan 08, 2026 15:18 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Shrey Sharma