बच्चों का पढ़ाई में मन न लगने के हो सकते हैं कई कारण, जानें इससे निपटने के आसान तरीके

 अगर आपका बच्चा भी पढ़ाई से हमेशा रहता है दूर तो जान लें किन तरीकों से उसकी पढ़ाई में बनाएं रुची। 

Vishal Singh
परवरिश के तरीकेWritten by: Vishal SinghPublished at: Mar 16, 2020
बच्चों का पढ़ाई में मन न लगने के हो सकते हैं कई कारण, जानें इससे निपटने के आसान तरीके

अक्सर सभी पैरेंट्स के सामने एक आम समस्या आती है कि उनका बच्चा पढ़ाई से जी चुराने की कोशिश करता है। सभी बच्चे पढ़ाई से ज्यादा फोन और खेल में ज्यादा ध्यान लगाते हैं जिसकी वजह से पैरेंट्स अपने बच्चों से काफी परेशान रहते हैं। वैसे तो हर कोई चाहता है कि उसका बच्चा खेल के साथ ही पढ़ाई में भी बेहतर बन सके। लेकिन बच्चे की आदतों के कारण उन्हें डांटना पड़ता है। 

कई मामलों में बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए पैरेंट्स ट्यूशन भी लगवा देते हैं। लेकिन फिर भी बच्चों का मन पढ़ाई से दूर भागने का करता है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही है और वो हमेशा फोन में लगे रहने के साथ ही खेल में लगा रहता है तो अब आप अपने बच्चे की पढ़ाई को लेकर परेशान न हों। हम आपको बताते हैं कि आप अपने बच्चे की फोन की आदत और ज्यादा देर तक खेलने की आदत को कैसे दूर कर सकते हैं। 

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हम सभी जानते हैं कि बच्चों का मन पढ़ाई में कम लगता है जबकि खेल में उन्हें ज्यादा अच्छा लगता है। इसके लिए हम बच्चों को कई बार डांटते भी है जिसके बाद वह पढ़ाई करने लगता है। लेकिन इन सबके अलावा सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप अपने बच्चे की पढ़ाई में रूची कैसे बना रहे हैं। आपके बच्चे की पढ़ाई में रूची होनी चाहिए तभी आपका बच्चा अपने आप पढ़ाई में ध्यान लगाने लगेगा। जबरदस्ती पढ़ाई के लिए बार-बार डांटने से बच्चे के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है साथ ही वो तनाव में भी रहने लगता है, इसलिए पढ़ाई के साथ ही खेल भी जरूरी है। 

बच्चों को खुद पढ़ाएं 

बच्चों का पढ़ाई में मन इसलिए भी नहीं लगता क्योंकि उन्हें कोई ऐसा नहीं मिलता जो उनके साथ बैठकर उन्हें एक-एक चीज समझाएं। बहुत से अभिभावक हैं जो अपने बच्चों को अपने सामने बैठा कर पढ़ाई कराते हैं और उन्हें समझाते हैं। आपको भी अपने बच्चे के साथ रोजाना उसकी पढ़ाई के समय बैठना चाहिए और उसे हर चीज प्यार से समझाने की कोशिश करनी चाहिए। 

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रोजोना पढ़ाई का समय निर्धारित करें

बच्चों को आप जब जबरदस्ती किसी भी वक्त पढ़ाई के लिए कहेंगे तो वो आपके कहने या फिर आपके डर से पढ़ने तो जरूर बैठ जाएंगे लेकिन उनका दिमाग पढ़ाई में नहीं लगेगा। इसके लिए जरूरी हैं कि आप उनके लिए रोजाना का समय निर्धारित करें कि आपको इस समय पढ़ाई के लिए बैठना है। आप उन्हें ये समझाएं कि पढ़ाई के समय के साथ आप उन्हें खेलने के लिए एक अलग से समय देंगे जिसमें वह खूब मस्ती कर सकता है। इससे वो अपनी पढ़ाई के समय पढ़ाई करेंगे और खेलने के समय खेलेंगे। इसके साथ ही सबसे ज्यादा जरूरी ये कि इससे उनका दिमाग भी हमेशा एक्टिव रहेगा और कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। study

बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें

अगर आपका बच्चा फोन और टीवी को देखने की हमेशा जिद करता है तो आप इसके लिए उन्हें बाहर दूसरे बच्चों के साथ खेलने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। आप उन्हें बाहर खेलने के लिए समय दें और उनकी दोस्ती दूसरे बच्चों से करवाएं। धीरे-धीरे करके आपके बच्चे का मन बाहर के खेलों में लगने लगेगा, जिससे वो फोन और टीवी जैसी चीजों से दूर रह सकेंगे।

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पढ़ाई के लिए बेहतर जगह तलाशें 

बच्चों की पढ़ाई के लिए आपको उन्हें कोई ऐसी जगह देनी चाहिए जहां उनका पढ़ाई में आसानी से मन लग जाए। आप उनके लिए जो भी जगह दें वहां उनके पसंदीदा चीजें लगाएं और कुछ प्रेरित करने वाली चीजों को रखें, जिससे कि आपके बच्चे के मन में सकारात्मक चीजें ज्यादा आएं और वो प्रेरित भी हो सके। आप उनके लिए एक पढ़ाई का वातावरण तैयार करके दें जिससे उनका मन पढ़ाई में लगे। 

कारण जानें 

आपने कई मामलों में देखा होगा कि बच्चे बार-बार पढ़ाई के लिए बोलने पर चिड़चिड़ से हो जाते हैं, जिसके बाद पैरेंट्स बच्चों को डांटने लगते हैं। लेकिन आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर आपके बच्चे की रुची पढ़ाई में नहीं लग रही तो आप इसके लिए उनसे प्यार से बात करें। आप उनसे बात करके ये जानने की कोशिश करें कि पढ़ाई में उनका मन क्यों नहीं लग पाता है। इसके लिए पीछे क्या कारण है।  

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