इंट्रोवर्ट बच्चों को मुखर बनाता है डांस, शाहिद कपूर और वरूण धवन के डांस मास्टर से जानें कैसे है ये फायदेमंद

कोरियोग्राफर श्यामक डावर की मानें, तो इंट्रोवर्ट बच्चों को मुखर बनाने में डांस एक खास तरीका हो सकता है। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Mar 16, 2020Updated at: Mar 16, 2020
इंट्रोवर्ट बच्चों को मुखर बनाता है डांस, शाहिद कपूर और वरूण धवन के डांस मास्टर से जानें कैसे है ये फायदेमंद

पेंटिंग, संगीत या डांस किसी भी व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाने के साथ-साथ मुखर बनाने में भी मदद कर सकता है। ये गतिविधियां उन लोगों के लिए और अधिक फायदेमंद है, जो मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। वहीं बात अगर ऐसे बच्चों की करें, जो बहुत ज्यादा इंट्रोवर्ट या अंतरमुखी हैं, तो उनके लिए भी डांस या संगीत जैसी गतिविधियां मन के भावों को सामने रखने में मदद कर सकती हैं। डांस मास्टर श्यामक डावर, जो कि शाहिद कपूर और वरूण धवन के डांस मास्टर रहे हैं, उनका का मानना है कि डांस यानी कि नृत्य हमें एक ही समय में बहुत कुछ देता है। ये हमें सीखने, खुश रहने और कसरत करने में भी मदद करता है। वहीं बच्चों के लिए ये मानसिक रूप से स्वस्थ रहने का तरीका हो सकता है। वहीं ये अत्यधिक स्क्रीन पर वक्त बिताने से भी रोक सकता है। इसी तरह ये इंट्रोवर्ट या अंतरमुखी बच्चों को भी बाहरी दुनिया से खुलने और एक्ट्रोवर्ट होने में भी मदद करता है। 

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इंट्रोवर्ट बच्चे और डांस

डांस बच्चों के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। नेशनल अवार्ड विजेता श्यामक डावर ने वरुण धवन और शाहिद कपूर के डांस ट्रेंनर कहते हैं कि 25 वर्षों से अधिक समय से वो इस काम को रहे हैं और देख रहे हैं कि कैसे ये बच्चों में कई सारे गुणानत्मक बदलाव लाने में एक सफल कोशिश है। डावर कहते हैं कि डांस का मतलब है मेरे लिए सब कुछ है। मैंने एक गायक और थिएटर अभिनेता के रूप में शुरुआत की थी और डांस ने भी मेरी अभिव्यक्ति को और बेततर बनाने में मदद की। डावर की मानें तो ये बच्चों के प्रदर्शन कला को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। डांस बच्चों के व्यक्तित्व को और बेहतर बना सकता है। डांस एक ऐसी ऐसी चीज है, जो मन, शरीर और आत्मा को संरेखित करती है। वहीं इंट्रोवर्ट बच्चों के लिए भी ये काफी फायदेमंद है।

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बच्चों की मदद कैसे करता है डांस?

जब डांस को पाठ्यक्रम में बुना जाता है, तो यह छात्रों के बीच सहयोगात्मक प्रयास, समन्वय और सहकारी टीमवर्क शुरू करता है। स्कूल में, बच्चे शारीरिक गतिविधि के माध्यम के रूप में नृत्य सीखने और उपयोग करने की प्रक्रिया के लिए अधिक ग्रहणशील हैं और रचनात्मक माध्यम खूबसूरती से काम करता है। कोरियोग्राफी के साथ, छात्रों को एक सामूहिक इकाई के रूप में काम करने की आवश्यकता होती है. जो उन्हें एक दूसरे को समझने और आपसी विश्वास विकसित करने में मदद करता है। यह एक सकारात्मक समुदाय की भावना पैदा करता है जहां हर कोई एक साथ बढ़ता है। वहीं इनके कुछ खास फायदों की बात करें, तो

  • -नृत्य का उपयोग शारीरिक गतिविधियों को और बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • -इसके माध्यम से बच्चों की शिक्षा में एक रचनात्मकता आ जाती है और इस तरह ये उनकी ऊर्जा को संसाधन रूप से प्रसारित करते हैं। 
  • -नृत्य की कला कौशल, ज्ञान और समझ विकसित करने में मदद करती है।
  • -नृत्य मन, शरीर और आत्मा के लिए एक समग्र गतिविधि है। यह इन सभी पहलुओं को संरेखित करता है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को अपनी ताकत और कमजोरियों के बारे में पता चलता है, जिससे उन्हें खुद पर काम करने की अनुमति मिलती है।
  • -नृत्य बच्चों के आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देता है।
  • -टीमवर्क में भरोसा दिलाता है और सामूहिक रूप से काम करने में सफल बनाता है।
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स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है डांस

यह सबसे अच्छा फ्री-वेट एक्सरसाइज है, जहां आप लगातार अपने कोर और अपने शरीर के पावरहाउस की तरह इस्तेमाल करते हैं। ये आपके समग्र फिटनेस में सुधार करता है, धीरज देता है और मांसपेशियों की टोनिंग के लिए रास्ता बनाता है। आप जानते हैं, कुछ देशों में, नृत्य को एक खेल के रूप में देखा जाता है क्योंकि इसमें कार्डियो वैस्कुलर एरोबिक फिटनेस, कोर और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और लचीलेपन के लिए स्ट्रेच शामिल होते हैं। संकुचन और विस्तार, ग्राउंडिंग और मांसपेशियों के नियंत्रण की अवधारणाएं ये सभी जागरूकता के साथ शरीर को फिट रखने में मदद करते हैं। वहीं ये सोशल मीडिया और स्क्रीन टाइम को भी कम करने में मदद करते हैं।

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