मेडिकल टेस्ट (जांच) रिपोर्ट्स को कैसे पढ़ें? जानें सही तरीका और जरूरी बातें

क्‍या आपको भी मेड‍िकल र‍िपोर्ट में नतीजे समझने में परेशानी होती है? तो चल‍िए जानते हैं जांच र‍िपोर्ट को समझने का आसान तरीका 

 
Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jun 16, 2021Updated at: Jun 16, 2021
मेडिकल टेस्ट (जांच) रिपोर्ट्स को कैसे पढ़ें? जानें सही तरीका और जरूरी बातें

तबीयत ब‍िगड़ने पर डॉक्‍टर कुछ जांच करवाने के ल‍िए कहते हैं, लेक‍िन जांच र‍िपोर्ट में ल‍िखी भाषा हमें मुश्‍क‍िल लगती है और एक बार में पढ़कर ये अंदाजा लगाना मुश्‍क‍िल हो जाता है क‍ि र‍िपोर्ट के पर‍िणाम अच्‍छे हैं या खराब। मेडिकल स्‍तर पर बात करें तो डॉक्‍टर ही आपको जांच र‍िपोर्ट का सही पर‍िणाम बता सकते हैं पर मेडिकल र‍िपोर्ट से जुड़ी कॉमन बातें आपको पता होनी चाह‍िए। इस लेख में हम कई मेड‍िकल टेस्‍ट के बारे में बात करेंगे जो ज्‍यादातर लोग करवाते हैं और समझेंगे क‍ि आप कैसे पता लगा सकते हैं क‍ि आपकी टेस्‍ट र‍िपोर्ट सामान्‍य है या उससे ज्‍यादा या कम है। इस लेख में हम कॉमन ग्‍लूकोज टेस्‍ट, सीबीसी टेस्‍ट, ल‍िप‍िड प्रोफाइल आद‍ि के बारे में बात करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी हा‍स‍िल करने के ल‍िए हमने लखनऊ में डॉ राम मनोहर लोहिया इंस्‍ट‍िट्यूट ऑफ मेड‍िकल साइंसेज के अस‍िसटेंट प्रोफेसर डॉ संजीत कुमार सिंह से बात की। 

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कंप्‍लीट ब्‍लड काउंट टेस्‍ट र‍िपोर्ट को कैसे समझें? (Complete Blood Count Test Report)

अगर डॉक्‍टर आपसे सीबीसी यानी कंप्‍लीट ब्‍लड काउंट करवाने के ल‍िए कहते हैं तो सीबीसी जांच करवाने के बाद आपको र‍िपोर्ट म‍िलेगी। अगर जांच र‍िपोर्ट के नतीजे समझने में आपको परेशानी हो रही है तो हम आपको बता दें क‍ि इसे समझना बेहद आसान है। 

  • सीबीसी जांच से ये देखा जाता है क‍ि आपके खून में रेड ब्‍लड सैल्‍स, वाइट ब्‍लड सैल्‍स या प्‍लेटलेट्स की मात्रा क‍ितनी है। 
  • रेड ब्‍लड सैल्‍स में हीमोग्‍लोब‍िन मौजूद होता है ज‍िससे आपके शरीर को ऑक्‍सीजन म‍िलती है जबक‍ि वाइट ब्‍लड सैल्‍स आपके इम्‍यून स‍िस्‍टम का ह‍िस्‍सा होते हैं और डब्‍ल्‍यूबीसी आपकी बॉडी में मौजूद वायरस, फंगी को खत्‍म करने का काम करते हैं।
  • अगर आपकी सीबीसी र‍िपोर्ट में हीमोग्‍लोब‍िन कम है तो वैल्‍यू 8 से कम आएगी। हीमोग्‍लोब‍िन कम होना एनीम‍िया का संकेत हो सकता है और अगर आरबीसी की मात्रा ज्‍यादा है तो आपको बोन मैरो ड‍िसीज हो सकता है। 
  • पुरूषों में नॉर्मल हीमोग्‍लोब‍िन 13.5 से 17.5 म‍िलीग्राम प्रत‍ि डेसीलीटर होता है और मह‍िलाओं में नॉर्मल हीमोग्‍लोबि‍न 12.0 से 15.5 के बीच होता है।

ल‍िप‍िड प्रोफाइल र‍िपोर्ट कैसे समझें? (How to read Lipid Profile report)

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एक और कॉमन टेस्‍ट है कोलेस्‍ट्रॉल पैनल ज‍िसे हम ल‍िप‍िड पैनल या प्रोफाइल भी कहते हैं। ज‍िन मरीजों को कार्ड‍ियोवैस्‍कुलर ड‍िसीज जैसे हार्ट अटैक, स्‍ट्रोक या अन्‍य हार्ट से जुड़ी बीमारी होने की आशंका होती है उन्‍हें डॉक्‍टर ल‍िप‍िड प्रोफाइल करवाने के ल‍िए कहते हैं।

  • ल‍िप‍िड प्रोफाइल में टोटल ब्‍लड कोलेस्‍ट्रॉल की जांच की जाती है ज‍िसमें लिपोप्रोटीन, एचडीएल कोलेस्‍ट्रॉल, एलडीएल कोलेस्‍ट्रॉल आद‍ि शाम‍िल होते हैं।
  • आपका कोलेस्‍ट्रॉल 200 ग्राम प्रत‍ि डेसीलीटर या उससे नीचे होना चाह‍िए। अगर रीड‍िंग 240 या उससे ऊपर है तो आपका कोलेस्‍ट्रॉल थोड़ा ज्‍यादा है। ल‍िप‍िड प्रोफाइल में एलडीएल का स्‍तर 100 म‍िलीग्राम प्रत‍ि डेसीलीटर से कम होना चाह‍िए और एचडीएल का स्‍तर 60 म‍िलीग्राम प्रत‍ि डेसीलीटर से ऊपर होना चाह‍िए।
  • अगर आपकी र‍िपोर्ट में कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर बढ़ा हुआ आता है तो डॉक्‍टर आपको दवाएं दे सकते हैं या दवाओं को बदल सकते हैं। 

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ब्‍लड ग्‍लूकोज टेस्‍ट र‍िपोर्ट को कैसे पढ़ें? (How to read Blood Glucose report)

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ब्‍लड शुगर टेस्‍ट एक बहुत कॉमन टेस्‍ट है ज‍िसे ज्‍यादातर लोग करवाते हैं पर उसके नतीजे उन्‍हें समझ नहीं आते। इस पर आगे चर्चा की जाएगी पर ब्‍लड शुगर टेस्‍ट से आपके ब्‍लड में मौजूद ग्‍लूकोज की जांच की जाती है।

  • ब्‍लड शुगर टेस्‍ट खाली पेट क‍िया जाता है, आपको टेस्‍ट से आठ घंटे पहले ब‍िना कुछ खाए-प‍िए ही टेस्‍ट करवाना होता है। 
  • अगर लंबे समय से आपका ग्‍लूकोज लेवल ज्‍यादा है तो इससे आपके आर्गन डैमेज हो सकते हैं। ग्‍लूकोज का स्‍तर बढ़ने से हार्ट ड‍िसीज, क‍िडनी ड‍िसीज, आंखों से जुड़ी बीमार‍ियों का खतरा हो सकता है। 
  • अगर आपकी बॉडी में ग्‍लूकोज का स्‍तर 80 से 100 के बीच है तो ये नॉर्मल है, अगर ब्‍लड शुगर लेवल 126 के ऊपर है तो मतलब आपको शुगर की बीमारी हो सकती है। 
  • अगर आपका शुगर लेवल 100 से 125 के बीच है तो भी आपको डायब‍िटीज होने का खतरा हो सकता है। 
  • बहुत ज्‍यादा इंसुलीन लेने या आर्गन फेल‍ियर के कारण ग्‍लूकोज लेवल 70 म‍िलीग्राम प्रत‍ि डेसीलीटर के नीचे चला जाता है। 

सीएमपी टेस्‍ट र‍िपोर्ट कैसे पढ़ें? (Comprehensive Metabolic Panel Test)

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सीएमपी का सही स्‍तर आपकी मसल्‍स, नर्व्स, हार्मोन के ल‍िए जरूरी होता है। सीएमपी की सही रेंज 70 से 99 म‍िलीग्राम प्रत‍ि डेसील‍ीटर है। आपको जांच करवाने के ल‍िए इस बात का भी ध्‍यान रखना चाह‍िए क‍ि आप जहां से जांच करवा रहे हैं वो एक प्रत‍िष्‍ठ‍ित लैब हो, नहीं तो टेस्‍ट के नतीजे गलत भी आ सकते हैं। 

  • सीएमपी टेस्‍ट आपके ब्‍लड में मौजूद कई तत्‍वों की जांच करता है जैसे इलेक्‍ट्रोलाइट का स्‍तर, प्रोटीन, लीवर इंजाइम्‍स, ग्‍लूकोज आद‍ि।  
  • सीएमपी टेस्‍ट से ये भी पता चलता है क‍ि आपकी क‍िडनी और लीवर हेल्‍दी हैं या नहीं। कई बार सीबीसी जांच के साथ ही सीएमपी जांच करवाई जाती है। 
  • सीएमपी टेस्‍ट से सोड‍ियम का स्‍तर भी पता चलता है जो क‍ि नॉर्मल रेंज में 136 से 144 के बीच होना चाहि‍ए। अगर सोड‍ियम का स्‍तर ज्‍यादा होगा तो हाई ब्‍लड प्रेशर, कार्ड‍ियोवैस्‍कुलर ड‍िसीज का खतरा बढ़ जाएगा। 

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थॉयराइड टेस्‍ट र‍िपोर्ट को कैसे समझें? (Thyroid test report)

अगर आपका शरीर ज्‍यादा थॉयराइड हार्मोन बनाता है तो उसे हायपरथॉयराइड कहा जाता है और अगर आपका शरीर कम थॉयराइड हार्मोन बनाता है तो उसे हाइपोथॉयराइड कहते हैं। 

  • टीएसएच टेस्‍ट से ब्‍लड में थॉयराइड हार्मोन की जांच की जाती है। इस टेस्‍ट से पता करते हैं क‍ि थॉयराइड ग्‍लैंड ठीक से काम कर रही है या नहीं। अगर थॉइराइड नॉर्मल है तो र‍िपोर्ट में टेस्‍ट रेंज 0.4 से 4.0 mIU/L के बीच होगी।
  • थॉयराइड एक तरह की एंडोक्राइन ग्‍लैंड है जो क‍ि गर्दन के अंदर होती है। यही ग्‍लैंड अगर ठीक से काम न करे तो ओवरएक्‍ट‍िव या अंडरएक्‍ट‍िव थॉयराइड हो जाता है। 
  • अगर टीएसएच 2.0 से ज्‍यादा है तो अंडरएक्‍ट‍िव या हाइपो थॉयराइड कहलाएगा। इसमें आपको वजन बढ़ने, थकान के लक्षण नजर आएंगे। 
  • वहीं अगर टीएसएच लेवल कम है तो ये ओवरएक्टिव या हाइपर थॉयराइड है, इसमें आयोडीन आपकी बॉडी में ज्‍यादा होगा।

इस लेख में दी गई जानकारी से आपको मेड‍िकल टेस्‍ट की जांच र‍िपोर्ट को समझने में आसानी होगी पर आपकी जांच र‍िपोर्ट के पर‍िणाम आपकी हेल्‍थ के ल‍िए अच्‍छे संकेत लाए हैं या नहीं ये आपको डॉक्‍टर या मेड‍िकल एक्‍सपर्ट ही बता सकते हैं। 

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