How To Know If Head Injury Is Serious In Hindi: सिर में चोट लगना कोई गंभीर विषय नहीं होता है, बशर्ते चोट मामूली हो। चोट किसी भी वजह से लग सकती है, जैसे कोई चलते-चलते गिर गया, किसी से टक्कर हो गई या कोई छोटा-मोटा एक्सीडेंट हो गया। कई बार इस तरह की मामूली चोट लगने पर हम इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। बर्फ की सिंकाई करते हैं और कुछ दिनों बार सिर में लगी चोट को पूरी तरह भूल जाते हैं। लेकिन, क्या जानते हैं कि सिर में लगी चोट को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। सिर हमारे शरीर को बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। हमारी पूरी बॉडी को सुचारू ढंग से चलाने में सिर का ही बहुत बड़ा योगदान होता है। इसलिए, आवश्यक है कि सिर में लगी चोट की अनदेखी न करें। यहां हम आपको बता रहे हैं कि आखिर सिर में लगी चोट को कब गंभीर समझना चाहिए? इस बारे में हमने फरीदाबाद स्थित मारेंगो एशिया अस्पताल में डायरेक्टर-न्यूरोलॉजी डॉ. कुणाल बहरानी से बात की।
सिर में लगी चोट को कब गंभीरता से लेना चाहिए?- How To Know If Head Injury Is Serious Or Not In Hindi
सिर में लगी चोट को कभी-भी हल्के नहीं लिया जाना चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि सिर में लगी चोट तुरंत कोई स्वास्थ्य समस्या पैदा नहीं करता है। इसका असर कुछ दिनों बाद नजर आता है। इसलिए, जब भी चोट लगे, तो बेहतर है कि तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। बहरहाल, सिर में लगी चोट को गंभीरता से कब लें, जानें डॉक्टर से-
1. बेहोश होने पर
सिर में चोट लगने के बाद अगर कोई व्यक्ति बेहोश (sir me chot lagne se chakkar aana) हो जाता है, तो यह बिल्कुल सही नहीं है। इसका मतलब है कि आपको जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाना चाहिए। बेहोश होने का सीधा-सीधा अर्थ है कि सिर में गहरी चोट लगी है। कहीं ब्लड क्लॉटिंग की दिक्क्त हो सकती है। अगर किसी व्यक्ति के साथ ऐसा होता है, तो उन्हें बिना लापरवाही के डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज करवाना चाहिए। वे जरूरी स्क्रीनिंग टेस्ट करेंगे और सिर में चोट लगने के कारण हुई बेहोशी की वजह के बारे में बताएंगे।
इसे भी पढ़ें: सिर पर चोट लगने पर क्या करना चाहिए? जानें डॉक्टर से
2. सिरदर्द का बढ़ना
सिर पर चोट लगने पर सिर में हल्का दर्द होना सामान्य होता है। लेकिन, अगर सिर पर चोट लगने के बाद सिरदर्द बहुत तेज यानी तीव्र हो जाता है। यह स्थिति भी सही नहीं है। अगर सिर में चोट लगने की वजह से सिर के टिश्यूज डैमेज हो सकते हैं, जिससे इंट्राक्रेनियल दबाव बढ़ जाता है और सिर का दर्द बढ़ जाता है। आपको बता दें कि इंट्राक्रेनियल का मतलब बोनी स्कल होता है, जो ब्रेन की प्रोटेक्शन करता है। इसके अलावा, सिर में सूजन (sir me chot lagne par sujan aana), ब्लीडिंग होने के कारण भी सिरदर्द बढ़ सकता है।
3. आंखों की रोशनी का प्रभावित होना
सिर पर चोट लगने की वजह से आंखों की रोशनी भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि, ऐसा बहुत गंभीर मामलों में ही देखने को मिलता है। जब सिर पर चोट बहुत तेज लगती है, तो इससे व्यक्ति की आंखें रोशनी के प्रति सेंसिटिव हो जाती है। ऐसे में आंखों की रोशनी प्रभावित होती है और कुछ मामलों में आंखों की मूवमेंट पर भी बुरा असर पड़ता है। अगर सिर में चोट लगने पर आंखों के सामने अंधेरा छा गया है, तो डॉक्टर के पास जाने में देरी न करें।
इसे भी पढ़ें- सिर में अंदरूनी चोट लगने के होते हैं ये 6 कारण, जानें लक्षण, खतरे और इलाज
4. बार-बार उल्टी आना
सिर पर चोट लगने के बाद से अगर किसी को उल्टी (sir me chot lagne par ulti hona) आ रही है और ऐसा बार-बार हो रहा है, तो इसे हल्के में न लें। असल में, सिर में चोट लगने के कारण ब्रेन फंक्शन के प्रभावित होने पर व्यक्ति को बार-बार उल्टी और जी-मचलाने की समस्या हो सकती है। ऐसा ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजुरी के कारण होता है। इस तरह की स्थिति में व्यक्ति को पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से अपना इलाज करवाएं।
All Image Credit: Freepik