सिर में अंदरूनी चोट लगने के होते हैं ये 6 कारण, जानें लक्षण, खतरे और इलाज

बहुत से कारणों से सिर पर चोट लग सकती है जो गंभीर रूप ले सकती है। जानिए सिर में अंदरूनी चोट से क्या-क्या खतरें हैं।

Monika Agarwal
अन्य़ बीमारियांWritten by: Monika AgarwalPublished at: Mar 12, 2022Updated at: Mar 12, 2022
सिर में अंदरूनी चोट लगने के होते हैं ये 6 कारण, जानें लक्षण, खतरे और इलाज

पैर फिसलने, एक्सीडेंट या किसी सॉलि़ड ऑब्जेक्ट से सिर की टक्कर आदि ऐसे बहुत से कारण है जिससे सिर में चोट लग सकती है। जरूरी नहीं सिर की चोट में ब्लीडिंग ही हो। बहुत सी बार सिर्फ दर्द महसूस होता है। जब तक चोट वाले हिस्से से ब्लीडिंग नहीं होती हम लोग उसे गंभीर नहीं मानते।शायद ये भी एक वजह है कि अक्सर सिर में लगी चोट को इग्नोर कर दिया जाता है। आर्टमिस हॉस्पिटल, न्यूरोइंटरवेंशन अग्रिम इंस्टीट्यूट फॉर न्यूरोसाइंसेज डायरेक्टर,डॉक्टर विपुल गुप्ता के मुताबिक सिर में चोट अलग-अलग तरह की होती है। कई बार यह चोट एक छोटे से बंप तो कई बार बड़े बड़े फ्रैक्चर के रूप में सिर में देखने को मिल सकती है। काफी बार तो यह चोट इतनी खतरनाक होती हैं कि ब्रेन डेमेज तक भी हो सकता है। यहां तक कि यह चोट मृत्यु का कारण भी बन सकती है। इसलिए सिर की चोट के लक्षणों का पता होना चाहिए, जिससे इनकी पहचान करने पर जल्द से जल्द अधिक गंभीरता से बचा जा सके और इलाज शुरू करवाया जा सके। तो आइए जानते हैं सिर में अंदरूनी चोट के क्या क्या लक्षण होते हैं। इनके खतरे और इलाज के बारे में भी जानें।

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सिर की अंदरूनी चोट के प्रकार

1. ट्रामेटिक ब्रेन इंजरी

यह चोट तब सामने आती है जब ब्रेन डेमेज होने लगता है। ऐसा आमतौर पर किसी एक्सीडेंट के कारण होता है। अगर सिर पर कोई चीज ज्यादा जोर से लग जाए तो भी यह दिक्कत देखने को मिलती है। अगर सिर में दिमागी भाग पर चोट लगे तो यह और अधिक खतरनाक बन सकती है। इसके कुछ उदाहरणों में सिर पर बॉल लगना, सिर के बल बहुत ऊंचाई से गिरना।

2. हेमाटोमा है घातक

हेमाटोमा में ब्लड क्लोट ब्लड वेसल्स के बाहर बनते हैं। ब्रेन में होने पर यह बीमारी काफी गंभीर हो सकती है। इस स्थिति में ब्रेन डैमेज भी हो सकता है।

3. डिफ्यूज एग्जॉनल इंजरी

डिफ्यूज एग्जॉनल इंजूरी सिर के चोट की एक गंभीर कंडीशन है। बहुत सी बार सिर में चोट लगने पर खून नहीं निकलता लेकिन कुछ टिशूज डैमेज हो जाते हैं। 

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4. ब्रेन हैमरेज की स्थिति

यह एक अनकंट्रोल्ड ब्लीडिंग की स्थिति है। जिसमें ब्रेन या उसके आसपास अधिक मात्रा में ब्लीडिंग रोगी के लिए घातक साबित हो सकती है और उसकी मृत्यु भी हो सकती है।

5. स्कल फ्रैक्चर की अवस्था

जब सिर में किसी भी कारण वर्ष चोट लगने से उस जगह की बोन फ्रैक्चर हो जाती है जिसे सर्कल फ्रैक्चर भी कहा जाता है तो इस स्थिति को नजरअंदाज करना गंभीर हो सकता है। खासकर तब जब नाक से खून आ रहा हो, सिर के आसपास की त्वचा लाल या सूजन हो।

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6. एडेमा

सिर की चोट या ब्रेन इंजरी से एडिमा हो सकता है। जब किसी चोट के कारण उस जगह पर या उसके आसपास के टिशूज में सूजन होती हैं तो उस कंडीशन को एडेमा कहा जाता है। जब ऐसा ब्रेन में होता है तो यह स्थिति गंभीर हो जाती है।  सिर की चोट के निम्न लक्षण हो सकते हैं।

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हल्की चोट के लक्षण

  • ब्लीडिंग होना
  • ब्रूजिंग
  • हल्का हल्का सिर दर्द
  • बुखार महसूस होना
  • थोड़े बहुत चक्कर आना
  • थोड़ी तेज चोट के लक्षण
  • दुविधा में पड़ना या डिस्ट्रैक्ट होना
  • उल्टियां आना
  • ज्यादा समय तक सिर में दर्द रहना।
  • व्यवहार में कुछ समय के लिए बदलाव देखने को मिलना।
  • असंतुलित होना।

अधिक तेज चोट के लक्षण

  • काफी ज्यादा ब्लीडिंग होना।
  • बेहोश हो जाना और काफी समय तक होश में न आना।
  • सीजर
  • टेस्ट, स्मेल और देखने की क्षमता में समस्याएं आना।
  • जागते रहने में समस्या आना।
  • कानों या नाक से खून बहना।
  • कान के पीछे ब्रूज
  • सुन्न होना या कमजोरी आना

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

अगर मॉडरेट या गंभीर लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। अगर हल्की चोट लगी है और उसके लक्षण भी दो हफ्तों से ज्यादा रहते हैं तो डॉक्टर के पास जा कर जरूर सुझाव लें। कंक्यूशन के लक्षण हमेशा तुरंत नहीं दिखाई देते हैं। कई बार चोट लगने के हफ्तों बाद यह लक्षण दिखते हैं। सिर की चोट को नजरंदाज करने की बजाए तुरंत प्रोफेशनल की सलाह जरूर लें।

क्या है इलाज

  • अगर हल्की फुल्की चोट है तो उसे घर पर भी ठीक किया जा सकता है। 
  • अगर सूजन आ गई है तो ठंडे पानी में कपड़ा भिगो कर या बर्फ से सिकाई करने पर सूजन कम हो सकती है।
  • नॉन स्टेरॉयडल एंटी इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स का सेवन करने से बचना चाहिए। 
  • इबु प्रोफन और अस्पीरिन जैसी दवाइयों का सेवन केवल तब ही करना चाहिए जब डॉक्टर सुझाएं।
  • पहले 24 घंटों में व्यक्ति के पास कोई अन्य व्यक्ति भी होना चाहिए जो नियमित रूप से उन्हें चेक करता रहे। 
  • अगर व्यक्ति बेहोश हो जाता है या दुविधा में लगता है तो डॉक्टर के पास फोन करना काफी जरुरी है। 
  • सिर में चोट लगने के दौरान ड्रग्स या अल्कोहल का सेवन करना, ड्राइव करना या कोई मानसिक काम 
  • कुछ समय के लिए न करें। अगर हो सके तो कुछ समय के लिए काम से छुट्टी ले लें ताकि पूरी तरह से रिकवर हो सकें।

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