किन कारणों से होता है सिरदर्द? एक्सपर्ट से जानें इससे छुटकारा पाने के 6 आयुर्वेदिक नुस्खे

सिरदर्द की परेशानी होने पर आप आयुर्वेदिक इलाज भी अपना सकते हैं। एक्सपर्ट से जानते हैं सिरदर्द का आयुर्वेदिक इलाज क्या है?

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Dec 01, 2021Updated at: Dec 01, 2021
किन कारणों से होता है सिरदर्द? एक्सपर्ट से जानें इससे छुटकारा पाने के 6 आयुर्वेदिक नुस्खे

सिरदर्द काफी आम समस्या है। आयुर्वेद में इस समस्या को शिर शूल कहा जाता है। सिरदर्द होने के कई सामान्य कारण हो सकते हैं। वहीं, कुछ गंभीर कारणों से भी सिरदर्द हो सकता है। सिरसा के राम हंस चेरीटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में सिरदर्द का इलाज इसके कारणों के आधार पर किया जाता है। कई लोगों को आंखों में परेशानी और एसिडिटी की वजह से सिरदर्द की समस्या हो सकती हैं। वहीं, कुछ लोगों को सिर में कैंसर होने के कारण भी सिरदर्द हो सकता  है। ऐसे में अगर आपको सिरदर्द हो, तो डॉक्टर से जांच कराने के बाद ही सिरदर्द का इलाज शुरू करवाएं। सामान्य रूप से सिरदर्द होने पर आप डॉक्टर के परामर्श से दवाइयां ले सकते हैं। अगर गंभीर कारणों से सिरदर्द हो रहा है, तो इस स्थिति में आपको कंप्लीट इलाज की आवश्यकता (How to get rid of headache) होती है। आइए आयुर्वेद के एक्सपर्ट से जानते हैं आयुर्वेद में कैसे किया जाता है सिरदर्द का इलाज?

सिरदर्द होने के कारण और इलाज के तरीके (Headache Causes and treatment Tips)

आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि अगर आपको लंबे समय से सिरदर्द की परेशानी हो रही है, तो सबसे पहले अपनी जांच कराएं। खासतौर पर इस दौरान सिर का सीटी-स्कैन कराना बहुत ही जरूरी है। ताकि सिरदर्द के कारणों को पता चल सके। इसके बाद ही अपना इलाज शुरू कराएं। आयुर्वेद में कारणों के आधार पर ही सिरदर्द का इलाज शुरू किया जा सकता है। सिरदर्द के कारण-

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  • गैस और एसिडिटी की वजह से आपको सिरदर्द की परेशानी हो सकती है। इस स्थिति में आयुर्वेद में गैस और एसिडिटी का इलाज शुरू किया जाता है। 
  • नजर कमजोर होने पर आपको सिरदर्द हो सकता है। इस स्थिति में आयुर्वेदाचार्य आंखों में चश्मा लगवाने या फिर बदलने की सलाह दे सकते हैं। साथ ही कुछ जड़ी-बूटियों की मदद से आंखों की बढ़ रही परेशानी को कम करने की कोशिश करते हैं।
  • सर्दी-खांसी, नाक बंद होना या फिर जुकाम की समस्या होने पर भी आपको सिरदर्द हो सकता है। आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि खासतौर पर साइनस बढ़ने के कारण सिरदर्द हो सकता है। इस स्थिति में आप सामान्य डॉक्टर की सलाह पर कुछ दवाइयां ले सकते हैं। जिससे आपको तुरंत आराम मिल सकता है। 
  • कम नींद लेने की वजह से भी आपको सिरदर्द की परेशानी हो सकती है। 
  • आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि सिर में कैंसर की वजह से भी आपको सिर दर्द की परेशानी को हो सकती है। यह काफी गंभीर स्थिति है। इस स्थिति में आपको विशेष इलाज की आवश्यकता होती है। 

ध्यान रखें कि अगर आपको लंबे समय से सिरदर्द हो रहा है, तो अपने सिर और आंखों की अच्छे से जांच कराएं। ताकि आपको सिरदर्द के कारणों को पता चल सके। बिना डॉक्टर के सलानुसार किसी भी तरह की दवाइयों का सेवन न करें। आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि सिरदर्द होने पर सबसे पहले जनरल डॉक्टर के पास जाकर उनकी राय लें। उसके बाद आप आयुर्वेदिक चिकित्सक के पास जाएं और कारणों के आधार पर अपना इलाज शुरू कराएं। 

आयुर्वेद में सिरदर्द का इलाज (Ayurvedic remedies for headache)

1. पिप्पली

एसिडिटी या फिर खांसी-जुकाम की वजह से अगर आपको सिरदर्द की परेशानी हो रही है, तो आप पिप्पली का इस्तेमाल कर सकते हैं। पिप्पली के इस्तेमाल से पित्त दोष दूर होता है, जो शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को दूर करने में आपकी मदद करता है। लेकिन ध्यान रखें कि इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से जरूर परामर्श लें। ताकि इसके सही इस्तेमाल का पता चल सके। 

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2. पुदीना

साइनस, एलर्जी या फिर सर्दी-जुकाम की वजह से अगर आपको सिरदर्द की परेशानी हो रही है, तो आप पुदीने का इस्तेमाल कर सकते हैं। आयुर्वेद में सिरदर्द होने पर पुदीने का इस्तेमाल अर्क या फिर तेल के रूप में किया जाता है। अगर आपको  एलर्जी या फिर सर्दी-जुकाम और एसिडिटी की वजह से सिरदर्द की परेशानी हो रही है, तो आप पुदीने के तेल से अपने सिर की मालिश करें। वहीं, आप पुदीने की पत्तियों का भी सेवन कर सकते हैं। इससे आपको सिरदर्द से काफी आराम मिलेगा। 

3. तुलसी की पत्तियां

आयुर्वेद में तुलसी का इस्तेमाल कई तरह की परेशानियों को दूर करने के लिए किया जा सकता है। अगर आपको गैस, सर्दी जुकाम या फिर स्ट्रेस की वजह से सिरदर्द हो रहा है, तो आप तुलसी की पत्तियों का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा तुलसी की चाय भी सिरदर्द से राहत दिलाने में लाभकारी हो सकती है। वहीं, आयुर्वेदाचार्य के सलाह पर आप तुलसी के अर्क का सेवन भी कर सकते हैं। इससे आपको काफी लाभ होगा। 

4. जटामांसी

पाचन तंत्र को सुधारने में अगर आप जटामांसी का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही यह स्ट्रेस को कम करने में भी लाभकारी होता है। अगर आपको सिरदर्द की परेशानी इन कारणों से हो रही है, तो आप आयुर्वेद एक्सपर्ट के सलाहनुसार जटामांसी का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि बिना एक्सपर्ट के सलाह इन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल न करें। 

5. गिलोय का करें सेवन

आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि अगर आपको एसिडिटी की वजह से सिरदर्द की परेशानी हो रही है, तो इस स्थिति में आपको गिलोय का जूस पीना चाहिए। इससे एसिडिटी से राहत मिल सकता है। जिससे आपको सिरदर्द से भी आराम मिलेगा।

6. त्रिफला का सेवन

स्ट्रेस या फिर आंखों में परेशानी के कारण सिरदर्द की परेशानी हो रही है, तो आप त्रिफला का सेवन कर सकते हैँ। त्रिफला के सेवन से सिरदर्द की परेशानी कम होती है। साथ ही इससे आप कई अन्य समस्या को दूर कर सकते हैं। 

इन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के अलावा आप सिरदर्द होने पर ब्राह्मी, लौंग, सौंफ, अदरक, मिश्री जैसी चीजों का भी सेवन कर सकते हैं। इससे आपको सिरदर्द में काफी आराम मिलेगा। 

सिरदर्द होने पर आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह

आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि अगर आपको सिरदर्द की परेशानी हो रही है, तो आपको सबसे पहले अपने आहार में बदलाव की आवश्यकता होती है। साथ ही अन्य टिप्स अपनाने की आवश्यकता होती है। जैसे-

  •  सिरदर्द होने पर मसालेदार चीजों से परहेज करें। 
  • स्ट्रेस से दूर रहें।
  • नियमित रूप से आंखों की जांच कराएं। 
  • रोजाना हल्के-फुल्के एक्सरसाइज जरूर करें।
  • खाने में फाइबरयुक्त चीजों को शामिल करें। 

सिरदर्द की परेशानी होने पर आप आयुर्वेदिक इलाज अपना सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि आयुर्वेदिक इलाज अपनाने से पहले एक बार जनरल डॉक्टर से भी सलाह जरूर लें। ताकि सिरदर्द के सही कारणों का पता चल सके। 

 

 

   

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