खाने के बाद टहलना एक हेल्दी आदत है, जो हमारे स्वास्थ्य को कई तरह से लाभ पहुंचाती है। जब हम भोजन करते हैं, तो शरीर में ग्लूकोज लेवल बढ़ जाता है। ऐसे में हल्की सैर इस ग्लूकोज का इस्तेमाल करने में मांसपेशियों की मदद करती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है और अचानक से शुगर स्पाइक्स नहीं आते। टहलने से पाचन में सुधार होता है, क्योंकि इससे पाचन तंत्र में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे खाना बेहतर तरीके से पचता है और पोषक तत्व बेहतर ढंग से एब्सॉर्ब हो पाते हैं। खाने के बाद टहलने से वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है, क्योंकि इससे कैलोरीज बर्न होती हैं और मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। यह विशेष रूप से डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए लाभकारी है, क्योंकि इससे शरीर में इंसुलिन की प्रभावशीलता भी बढ़ती है। नियमित टहलने से थकान और सूजन कम होती है और व्यक्ति को ताजगी का अहसास होता है। इस प्रकार, खाने के बाद टहलना एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का खास हिस्सा बन सकता है। इस लेख में हम जानेंगे खाने के बाद टहलने का ब्लड शुगर लेवल पर प्रभाव और साथ ही यह जानेंगे कि ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए कब और कितना चलना चाहिए। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने लखनऊ के विकास नगर की फिटनेस एक्सपर्ट पायल अस्थाना से बात की।
खाने के बाद टहलने का ब्लड शुगर लेवल पर प्रभाव- How Post Meal Walk Impacts Blood Sugar Level
खाने के बाद टहलना स्वास्थ्य के लिए एक खास आदत मानी जाती है, खासकर जब बात ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने की हो। खाने के तुरंत बाद हल्की सैर करने से शरीर में एनर्जी का फ्लो बढ़ता है, जो भोजन के पाचन और एब्सार्ब करने की प्रक्रिया में मदद करता है। आइए, जानते हैं कि खाने के बाद टहलने से ब्लड शुगर पर कैसे प्रभाव पड़ता है।
ब्लड शुगर में कमी आती है
खाने के बाद शरीर में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। लेकिन खाने के बाद टहलने से यह ग्लूकोज धीरे-धीरे मांसपेशियों द्वारा इस्तेमाल होता है, जिससे शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता। यह प्रक्रिया शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता को भी बढ़ाती है, जो शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करती है।
इंसुलिन की प्रभावशीलता में सुधार होता है
खाने के बाद टहलना इंसुलिन की प्रभावशीलता को भी बढ़ाता है। नियमित टहलने से शरीर में इंसुलिन का इस्तेमाल बेहतर होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। यह खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है, जिनमें इंसुलिन की संवेदनशीलता कम हो जाती है।
पाचन में सुधार होता है
खाने के बाद टहलने से पाचन तंत्र एक्टिव रहता है। हल्की सैर से पाचन अंगों में ब्लड फ्लो तेज होता है, जिससे भोजन का पचना और पोषक तत्वों के एब्सार्ब होने की बेहतर होती है। यह खून में ग्लूकोज के लेवल को धीरे-धीरे बढ़ाता है, जिससे ब्लड शुगर में संतुलन बना रहता है।
वजन कंट्रोल होता है
खाने के बाद टहलना मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जो शरीर के एनर्जी यूज को बढ़ाता है। इससे कैलोरी बर्न होती है और वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। वजन कंट्रोल रहने से ब्लड शुगर लेवल भी संतुलित रहता है।
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कब और कितने कदम चलना चाहिए?
फिटनेस एक्सपर्ट नेहा ने सलाह दी कि खाने के 15-20 मिनट बाद 1000 से 1500 कदम चलना ब्लड शुगर को कम करने में फायदेमंद होता है। इसके लिए हर बार 10-15 मिनट की हल्की सैर करना काफी है। इससे पाचन भी बेहतर होता है और शरीर में ग्लूकोज का लेवल भी कंट्रोल होता है। खाने के बाद हल्की सैर करना स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, खासकर जब ब्लड शुगर को कंट्रोल करने की बात आती है। विशेषज्ञों के अनुसार, खाने के तुरंत बाद 10-15 मिनट की हल्की सैर ब्लड शुगर को बेहतर ढंग से कंट्रोल कर सकती है। खाने के बाद शुगर का लेवल तेजी से बढ़ता है और टहलने से यह शुगर मांसपेशियों में एनर्जी के रूप में इस्तेमाल होने लगती है, जिससे ब्लड शुगर अचानक से नहीं बढ़ता।
खाने के बाद टहलना एक आसान तरीका है, जो न केवल पाचन में सुधार करता है बल्कि ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी फायदेमंद है।
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