कैसे तैयार होती है सूजी और क्या ये वाकई मैदे से ज्यादा हेल्दी है? जानें सूजी खाने के फायदे और नुकसान

क्या आपको पता है सूजी किस तरह तैयार की जाती है। अगर नहीं, तो आइए आज जानते हैं इस बारे में और इसके फायदे।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Dec 18, 2020Updated at: Jan 13, 2021
कैसे तैयार होती है सूजी और क्या ये वाकई मैदे से ज्यादा हेल्दी है? जानें सूजी खाने के फायदे और नुकसान

सूजी का हवला और पूरी स्वाद में बहुत ही लाजवाव होते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सूजी खाने के फायदों के बारे में जाना है? क्या आपको पता है कि सूजी किस तरह तैयार की जाती है? अगर नहीं, तो आइए आज हम जानते हैं कि सूजी किस तरह से तैयार की जाती है और सूजी खाने के सेहत को क्या-क्या फायदे (Is semolina better than maida) होते हैं। सूजी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद (semolina Benefits) होते हैं। सूजी ही नहीं सूजी का आटा भी हमारे सेहत के लिए फायदेमंद होता है। सूजी का आटा एक हेल्दी विकल्प के रूप में हम शामिल कर सकते हैं। आमतौर पर सूजी के आटे का इस्तेमाल ब्रेड और पास्ता बनाने के लिए किया जाता है। क्योंकि यह साधारण आटे की तुलना में काफी बेहतर होता है।

कैसे तैयार होता है सूजी? (How is semolina prepared?)

स्वादिष्ट हेल्दी डिश बनाने के लिए हम सूजी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सूजी किस तरह तैयार की जाती है? आपको बता दें कि सूजी बनाने के लिए हम दुरुम गेहूं (durum wheat) का उपयोग करते हैं। गेंहू से सूजी तैयार करने के लिए इसे अच्छी तरह साफ किए जाते हैं। इसके बाद मशीनों की मदद से गेंहू के ऊपरी छिलके को निकाला जाता है। इसके बाद गेंहू के सफेद भाग को मशीनों की मदद से दानेदार रूप में पीसा जाता है। गेंहू से तैयार इन दानों हम सूजी के रूप में इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, गेंहू की तुलना में सूजी कम पौष्टिक होते हैं। क्योंकि गेंहू के छिलके में पोषक तत्‍व मौजूद होता है, जिसे हम सूजी तैयार करने के लिए निकाल देते हैं। 

क्या मैदे की तुलना में सूजी है फायदेमंद? (Is semolina better than maida?)

नोएडा स्थित डायट मंत्रा क्लीनिक की डायटिशियन कामिनी कुमारी के अनुसार, मैदा तैयार करने के लिए गेहूं के ऊपरी भाग के साथ-साथ इनर जर्म को हटा दिया जाता है और रिफाइनिंग प्रोसेस से गुजरता है। इस वजह से मैदे में सभी जरूरी न्यूट्रीएंट्स कम हो जाते हैं। सूजी को तैयार करने के लिए सिर्फ उसके बाहरी ऊपरी हिस्से को हटाया जाता है, जिसमें सभी जरूरी न्यूट्रीएंस मौजूद होते हैं। ऐसे में मैदे की तुलना में सूजी हमारे सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होते हैं। 

सूजी में मौजूद पोषक तत्व (Nutrients in semolina)

डायटीशियन कामिनी बताती हैं कि सूजी का सेवन हमारे फायदेमंद हो सकता है। सूजी में वे सभी पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं, जो हमारे सेहत के लिए फायदेमंद है। सूजी वसा, प्रोटीन, विटामिन ए, थायमिन या विटामिन B1, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, राइबोफ्लेविन B2 (Riboflavin), विटामिन B6, नियासिन B3 (Niacin), फोलेट B9, विटामिन सी और विटामिन B12 भरपूर रूप से होता है। वहीं, अगर हम खनिज पदार्थों की बात करें, तो इसमें फास्फोरस, पोटेशियम, जस्ता, आयरन और कैल्शियम की मात्रा भरपूर रूप से होती है। ऐसे में यह सेहत की दृष्टि से भी हमारे लिए फायदेमंद है।

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मधुमेह को करे कंट्रोल (Control diabetes)

डायबिटीज रोगियों के लिए सूजी फायदेमंद हो सकता है। इसमें ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स की मात्रा बहुत ही कम हो जाती है। जिसके कारण सफेद आटे की तुलना में सूजी पेट के लिए अच्छा माना जाता है। यह पेट और आंतों में धीमी गति से पचता है और उन्हें पूर्ण रूप से अवशोषित होता है। इस वजह से शरीर में मौजूद शर्करा का स्तर भी कंट्रोल रहता है। सूजी के सेवन से डायबिटीज रोगियों में ब्लड शुगर का स्तर तेजी से कम होता है। अगर आप डायबिटीज रोगी हैं, तो अपने डाइट में सूजी को शामिल कर सकते हैं।

वजन कम करने में कारगर (Effective in reducing weight)

अगर आप अपना वजन कम करना चाह रहे हैं, तो अपने डाइट में सूजी को शामिल करें। सूजी के सेवन से आपका वजन तेजी से कंट्रोल होगा। क्योंकि यह अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में धीमी गति से बचता है और यह शरीर में अच्छी तरह से अवशोषित होता है। इसके सेवन से लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। ऐसे में ओवर ईटिंग की परेशानी से हम बचते हैं और आपका वजन कम होता है। सूजी का सेवन उन लोगों के लिए प्रभावी हो सकता है, जो अपने वजन को कम करना चाहते है।

एनीमिया की समस्या को करे दूर (Remove anemia problem)

जिन लोगों के शरीर में खून की कमी होती है या फिर जिन्हें एनीमिया की शिकायत होती हैं, उनके लिए सूजी बहुत ही फायदेमंद होता है। दरअसल, सूजी में आयरन की मात्रा भरपूर रूप से होती है। ऐसे में शरीर में खून की कमी होने पर आप सूजी का सेवन कर सकते हैं। यह शरीर में रक्त उत्पादन की क्षमता रखता है। आप अपने नियमित आहार के रूप में सूजी को शामिल कर सकते हैं। सूजी के सेवन से शरीर में रेड ब्लड सेल्स का उत्पादन होता है। इससे आपके शरीर में उर्जा बनी रही है। एनीमिया की शिकायत होने पर नियमित रूप से सूजी का सेवन जरूर करें। 

कब्ज की परेशानी करे दूर (Overcome constipation problem)

कब्ज की परेशानी को दूर करने में सूजी हमारी मददद करता है। सूजी में फाइबर होता है, जो पाचनतंत्र को दुरुस्त करने में हमारी मदद करते हैं। सूजी भोजन को पचाने मे कारगर साबित होता है। इसके सेवन से कब्‍ज और पेट की समस्‍याओं से राहत पाया जा सकता है। अगर आपको पेट से जुड़ी कोई परेशानी हैं, तो सूजी को अपने आहार में शामिल करें। 

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एनर्जी को बढ़ाए सूजी (Suji Benefits for Energy)

सूजी के सेवन से शरीर में एनर्जी बनी रहती है। इसके सेवन से शरीर को अतिरिक्त उर्जा मिलती है। अगर आप बाहर जाएं, तो अपने साथ सूजी का हलवा या सूजी से तैयार स्नैक्स अपने साथ ले जाएं। इसके सेवन से आपको इंस्टेंट एनर्जी मिलती है। सूजी में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। सूजी के सेवन से आपके शरीर का उर्जा स्तर उच्च होता है। शरीर में उर्जा के साथ-साथ आपके वजन को कंट्रोल करने में सूजी काफी मददगार हो सकता है। 

कोलेस्ट्रॉल को कम करे सूजी - Cholesterol ko Kam kare suji in Hindi

सूजी के सेवन से शरीर में वसा और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें वसा और कोलेस्‍ट्रॉल बहुत ही कम मात्रा में होता है। अगर आप अपने शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कंट्रोल रखना चाहते हैं, तो अपने आहार में सूजी को शामिल करें। सूजी में ट्रांस फैटी एसिड (Trans fatty Acid) और संतृप्‍त वसा भी नहीं होता है। जिसके कारण आपके शरीर का कोलेस्ट्रॉल स्तर कम होता है। 

सूजी खाने के नुकसान  Suji Khane Ke Nuksan in Hindi

  • जिन लोगों को सूजी से एलर्जी होती है, उन्हें सूजी अधिक नहीं खाना चाहिए। क्योंकि सूजी भी गेंहू से बनाई जाती है। 
  • नाक का बहना, झींक, पेट में ऐंठन, उल्टी और मतली की समस्या होने पर सूजी का सेवन करें।
  • सांस संबंधी समस्या होने पर सूजी का सेवन अधिक ना करें। 
  • दस्त जैसी परेशानी होने पर सूजी का सेवन अधिक ना करें। 
  • विशेष तरह की दवाईयों का सेवन करने पर सूजी ना खाएं।
 

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