किसी भी व्यक्ति का व्यवहार मौसम और वातावरण के तापमान के अनुसार अच्छा और बुरा होता है।

 

"/>

क्या है मौसम और मूड का कनेक्शन?

किसी भी व्यक्ति का व्यवहार मौसम और वातावरण के तापमान के अनुसार अच्छा और बुरा होता है।

 

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasUpdated at: Oct 04, 2022 15:02 IST
क्या है मौसम और मूड का कनेक्शन?

Weather and Mood Connection: बॉलीवुड की एक फिल्म आई थी, 'जिसमें गाना था यार बदल न जाना मौसम की तरह' इस गाने के बोल आज भी हर किसी की जुबान पर आ ही जाते हैं। जिस तरह ये गाना था ठीक उसी तरह असल जिंदगी में लोगों का व्यवहार और मूड मौसम की तरह बदल ही जाता है। ये बात सुनकर हैरानी हो सकती है, लेकिन इंसान के मूड पर हुई कई स्टडी में ये बात सामने आ चुकी है कि मूड और मौसम का खास कनेक्शन है। मौसम के हिसाब से इंसान का खाने-पीने, बोलचाल और रहन-सहन का तरीका बदल जाता है। आइए जानते हैं क्या है मौसम और मूड का कनेक्शन।

 

इसे भी पढ़ेंः सोने से पहले नाभि में डाले गुलाब जल, स्किन को मिलेंगे ये 5 फायदे

 

What is the connection between weather and mood?

 

क्या है मौसम और मूड का कनेक्शन? - What is the connection between weather and mood?


इंसानों के मूड पर हुई एक स्टडी में ये बात सामने आई है कि मौसम का लोगों पर अलग-अलग तरीके से असर पड़ता है। किसी को गर्मियां पसंद होती हैं तो कुछ लोगों को सर्दियों में अच्छा लगता है। यानि साफ है कि मौसम के हिसाब से लोगों के बुरा और अच्छा फील होने लगता है। इंसानों के मूड पर हुई इस स्टडी में 4 तरह के लोगों को शामिल किया गया था। पहले लोग वो थे जिन्हें गर्मियों का मौसम पसंद था, दूसरे वो थे जिन्हें सर्दी पसंद थी, तीसरी कैटेगरी के लोगों को बारिश का मौसम अच्छा लगता था। वहीं अन्य लोगों को बर्फ की चादर के बीच रहना पसंद आता था।

 

इसे भी पढ़ेंः वजन घटाने में मदद करेंगी ये 2 ग्रीन स्मूदी, जानें रेसिपी और फायदे

 

इस रिसर्च में शोधकर्ताओं ने पाया कि जब तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाए या 21 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाए, तब लोग नेगेटिव फील करते हैं। इस दौरान लोगों के अंदर कॉन्फिडेंस की कमी और गुस्सा बढ़ जाता है। स्टडी में पाया गया कि 21 डिग्री सेल्सियस से तापमान नीचे में रहने वाले लोगों को मूड ज्यादातर खराब ही रहता था। वहीं, 15 से 20 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच रहने वाले ज्यादातर लोग खुश रहते थे।

 

सर्दियों में इंसान हो जाता है सुस्त - Man becomes lethargic in winter

 

स्टडी में ये बात सामने आई है कि सर्दियों के मौसम में लोगों के अंदर एनर्जी लेवल काफी कम हो जाता है। क्योंकि सर्दी के मौसम में रोशनी कम होती है इसलिए ज्यादातर लोग आराम करना ही पसंद करते हैं। वहीं, गर्मियों के मौसम में धूप, रोशनी और तापमान ज्यादा होने की वजह से लोग ज्यादा एक्टिव रहते हैं। हालांकि अत्यधिक तापमान की वजह से आपका स्ट्रेस लेवल बढ़ जाता है और आप एग्रेसिव हो जाते हैं। कई बार एग्रेसन हिंसा की वजह भी बन जाता है।

 

 

 

 

Disclaimer