श‍िशु की गर्दन में रैशेज होने पर अपनाएं ये 5 उपाय

Baby Neck Rashes: श‍िशु की गर्दन में रैशेज होने पर आप 5 आसान घरेलू उपायों की मदद ले सकते हैं। जानते हैं इनके बारे में।

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Aug 15, 2022Updated at: Aug 15, 2022
श‍िशु की गर्दन में रैशेज होने पर अपनाएं ये 5 उपाय

पसीना या गंदगी के कारण श‍िशु की गर्दन पर रैशेज हो सकते हैं। रैशेज के कारण श‍िशु को सूजन, खुजली, दर्द और रेडनेस की समस्‍या हो सकती है। रैशेज के कारण त्‍वचा उभरी हुई या पपड़ीदार नजर आती हैं। मॉनसून में रैशेज की समस्‍या होने का खतरा बढ़ जाता है। इस लेख में हम कुछ आसान घरेलू उपायों की बात करेंगे ज‍िनकी मदद से आप श‍िशु की गर्दन पर रैशेज का इलाज कर पाएंगे।  

rashes in baby neck

1. नारियल तेल- Coconut Oil 

श‍िशु की गर्दन में रैशेज की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आप नार‍ियल के तेल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। नार‍ियल के तेल में व‍िटाम‍िन ई मौजूद होता है जि‍ससे त्‍वचा में रैशेज की समस्‍या से छुटकारा म‍िलता है। कॉटन की मदद से श‍िशु की गर्दन पर नारियल का तेल लगा दें। 15 म‍िनट बाद त्‍वचा को साफ पानी से धोकर क्रीम लगा दें।

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2. बेबी पाउडर- Baby Powder

फंगल इंफेक्‍शन या त्‍वचा में नमी के कारण श‍िशु की गर्दन पर रैशेज की समस्‍या हो सकती है। रैशेज की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आप श‍िशु को नहलाने के बाद गले पर बेबी पाउडर लगाएं। इससे रैशेज ठीक हो जाएंगे। ध्‍यान रखें क‍ि श‍िशु को नहलाने के बाद उसकी त्‍वचा को अच्‍छी तरह से सुखा लें। गीली त्‍वचा में इंफेक्‍शन का खतरा ज्‍यादा होता है।

3. ठंडी स‍िंकाई- Cold Therapy

गर्दन में रैशेज होने पर आप ठंडी स‍िंकाई की मदद ले सकते हैं। स‍िंकाई करने से श‍िशु को त्‍वचा में खुजली और दर्द से राहत म‍िलेगी। ठंडी स‍िंकाई करने से सूजन कम होगी और आराम म‍िलेगा। श‍िशु की त्‍वचा कोमल होती है। स‍िंकाई करने के ल‍िए आप बर्फ को सीधे त्‍वचा पर न लगाएं। एक बाउल में ठंडा पानी और बर्फ म‍िलाएं। उसमें कॉटन डुबोकर श‍िशु की त्‍वचा पर कॉटन लगाएं। स‍िंकाई के बाद त्‍वचा को थपथपाकर सुखा लें।   

4. शहद- Honey 

श‍िशु को रैशेज होने पर आप शहद का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। शहद में एंटीमाइक्रोब‍ियल गुण पाए जाते हैं। रैशेज का इलाज करने के ल‍िए आपको एक चम्‍मच शहद की जरूरत होगी। शहद को बादाम के तेल में म‍िलाकर, श‍िशु की गर्दन पर लगा दें। गर्दन पर शहद लगाने के 15 म‍िनट बाद त्‍वचा को साफ पानी से धोकर एंटीबैक्‍टीर‍ियल क्रीम लगा दें। शहद का इस्तेमाल श‍िशुओं की त्‍वचा के ल‍िए सुरक्ष‍ित माना जाता है। हालांक‍ि श‍िशु को शहद से एलर्जी है, तो अन्‍य उपाय अपनाएं।     

5. नीम का तेल- Neem Oil

श‍िशु की गर्दन पर रैशेज का इलाज करने के ल‍िए आप नीम के तेल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। नीम के तेल में एंटीबैक्‍टीर‍ियल और एंटीफंगल गुण होते हैं। त्‍वचा से बैक्‍टीर‍िया और फंगल इंफेक्‍शन दूर करने के ल‍िए श‍िशु की त्‍वचा पर इसे लगा सकते हैं। रैशेज वाले हि‍स्‍से में नीम का तेल लगा दें। कुछ देर बाद त्‍वचा को साफ पानी से धो लें।      

श‍िशु को रैशेज की समस्‍या से बचाने के ल‍िए आप साफ-सफाई पर गौर करें। श‍िशु को रोजाना नहलाएं या स्‍पंज करें। श‍िशु के कपड़े भी रोजाना बदलना चाह‍िए। इसके अलावा श‍िशु की त्‍वचा पर पसीना जमा न होने दें।

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