पैरों में होने वाले रैशेज किन कारणों से होता है? जानें इससे बचाव के उपाय

पैरों में होने वाले रैशेज के कारण आपकी सेहत पर भी असर पड़ सकता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते है कि ये क्यों होते हैं।

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: Feb 08, 2022Updated at: Feb 08, 2022
पैरों में होने वाले रैशेज किन कारणों से होता है? जानें इससे बचाव के उपाय

कई बार आपके पैरों में छोटे-बड़े रैशेज होने लगते हैं, जिसकी वजह से आपको काफी परेशानी हो सकती है। इस दौरान आपके पैरों में घाव, लाल चकत्ते और खुजली हो सकती है।  इससे आपको चलने और जूते-चप्पल पहनने में भी समस्या आ सकती है। इन रैशेज के कई कारण हो सकते हैं। यह संक्रमण और एलर्जी के कारण भी हो सकते हैं। इससे आपके स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इस तरह के रैशेज को ठीक करने के लिए आपको इनके कारणों और लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए। आइए हम विस्तार से जानते है पैरों में होने वाले सामान्य रैशेज, उनके कारण और बचाव के बारे में।

पैरों में होने वाले सामान्य रैशेज

1. एथलीट फुट रैशेज

एथलीट फुट टिनिया पेडिस भी कहा जाता है। यह एक फंगल इंफेक्शन होता है, जिसके कारण पैरों में खुजलीदार लाल दाने हो जाते हैं। यह आमतौर पर तलवों और पैर की उंगलियों के बीच वाली जगह को प्रभावित करता है। इसके कारण आपके पैरों के नीचे और किनारे की त्वचा सूखी और पपड़ीदार हो जाती है। इससे हो सकता है कि आपके पैरों को ऊपर वाले हिस्से अप्रभावित रहें। 

कारण

जैसा कि आपको इसके नाम से पता चल रहा है कि यह एथलीटों में आमतौर पर होता है। दरअसल यह पैरों को ज्यादा समय तक गीला रखने के कारण होता है। दूसरों के गंदे जूते पहनने, पैरों में बहुत अधिक पसीना आना, बहुत समय तक गीले मौजे पहनना और प्लास्टिक वाले जूते पहनने के कारण भी हो सकता है। 

इलाज

इस समस्या का आपको जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जितना समय आप इस समस्या को समझने और घरेलू उपचार में बर्बाद करेंगे। आपकी स्थिति उतनी ही खराब होती जाएगी। हां, इसके लिए आप पैरों को सूखा रखने की कोशिश करें। साथ ही डॉक्टर की सलाह के बाद किसी अच्छे एंटीफंगल पाउडर का इस्तेमाल पैरों के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा कभी गीले पैरों में जूता न पहनने और नियमित रूप से जूतों की सफाई करें। रोज पैरों को गर्म पानी की मदद से साफ करें और पाउडर का इस्तेमाल करें।

Foot-rashes

Image Credit- Asap Land

2. हाथ, पैर और मुंह में होने वाले रैशेज

हाथ, पैर और मुंह में होने वाले रैशेज आम वायरल संक्रमण होते है, जो आमतौर पर छोटे बच्चों में देखा जाता है। इसे एचएफएमडी भी कहा जाता है। वयस्कों में इस समस्या को ठीक करना बच्चों के मुकाबले आसान होता है। एचएफएमडी में बुखार, भूख कम लगना, गले की खराश और अस्वस्थता का अनुभव होता है लेकिन कई लोगों में यह लक्षण अलग हो सकते हैं। हो सकता है कई लोगों को किसी प्रकार के लक्षण न हो। इस दौरान पैरों और हाथों के तलवे में भी दाने निकल आते हैं और यह काफी दर्दनाक घाव होते हैं।

कारण 

एचएफएमडी को हम एक फैलने वाला संक्रमण कह सकते हैं। यह आमतौर पर कॉक्ससैकीवायरस A16 नामक एंटरोवायरस का कारण होता है। यह संक्रमित व्यक्ति के लार, मल, कफ और नाक से निकलने वाले बलगम से फैल सकता है। अगर किसी व्यक्ति को एचएफएमडी की समस्या होती है, तो उसे अन्य व्यक्तियों से दूरी बनाकर रहना चाहिए ताकि दूसरों में संक्रमण न फैलें। बच्चों को भी इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दें।

इलाज

इसका कोई खास उपचार नहीं है और साथ ही इसे रोकने के लिए कोई टीका नहीं है। इसे रोकने के लिए आपको कोरोना वायरस की तरह बार-बार हाथ धोएं और लोगों से दूरी बनाकर रखें। इसके अलावा विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। साथ ही अपने शरीर को हमेशा हाईड्रेट रखें।

इसे भी पढ़ें- चेहरे की तरह आपके पैर भी मांगते हैं देखभाल, जानें कैसे रखें अपने पैरों की देखभाल

3. त्वचा पर छाले होना

त्वचा खासकर पैरों में होने वाले छोटे छाले डाइहाइड्रोटिक एक्जिमा के कारण होते हैं। यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होता है। इसमें पैर की उंगलियों, हथेलियों और तलवे वाले हिस्से को प्रभावित करता है। इसमें एक्जिमा की तरह ही प्रभावति हिस्से में खुजली और लाल चकत्ते होते हैं। साथ में पैरों की उंगलियों और तलवों में गहरे छाले, लालिमा और त्वचा पपड़ीदार हो जाती है। 

कारण 

यह कई कारणों से हो सकता है। नमी या पानी में अधिक देर तक रहने के कारण या पैरों को बार-बार पानी में भिगोना। इसके अलावा अगर आपरे परिवार में भी किसी को डाइहाइड्रोटिक एक्जिमा की समस्या है, तो ये परेशानी हो सकती है। यह प्रभावित व्यक्ति के तौलिए या इस्तेमाल की हुई चीजों से भी फैल सकता है। 

इलाज

डाइहाइड्रोटिक एक्जिमा के लिए शरीर को हाईड्रेट रखें और बॉडी पर अच्छे मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें ताकि त्वचा को पोषण मिले। साथ ही इस परेशानी से निजात पाने के लिए जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। 

Foot-rashes

Image Credit- NEA

4. जूते के कारण रैशेज

आपके पैरों में रैशेज शू कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस के कारण भी हो सकते हैं। इसमें आपके पैरों पर रैशेज जूते या मौजे से एलर्जी के कारण होते हैं। इसमें आपके पैरों के तलवे, उंगलियों के नीचे और एड़ी पर फफोले हो जाते है, जो बेहद खुजलीदार और छीलने वाले होते हैं। यह आपके दोनों पैरों में समान जगह पर हो सकती है। 

कारण 

कई बार हमारे जूतों को बनाने के क्रम में कुछ एलर्जी-ट्रिगर वाले पदार्थ मौजूद हो सकते हैं, जिसके कारण आपके पैरों में सूजन हो सकता है और फिर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। 

इलाज

आपको एलर्जीको लेकर सर्तक रहना चाहिए और अपने जूतों को लेकर भी काफी सावधान रहना चाहिए। अगर आप जूते खरीदते है और आपके पैरों में जलन होती है, तो इसे तुरंत पहनना बंद कर दें क्योंकि इससे समस्या और बढ़ सकती है। जब आप एलर्जेन के संपर्क में आना बंद कर देंगे, तो आपके पैरों के रैशेज धीर-धीरे ठीक होने लगते हैं। इसके लिए आप डॉक्टर की सलाह के बाद किसी अच्छी क्रीम का इस्तेमाल अपने पैरों पर लगाने के लिए कर सकते हैं।

Foot-rashes

Image Credit- Clinical Advisor

5. सेल्युलाइटिस

सेल्युलाइटिस एक त्वचा इंफेक्शन की समस्या होती है। इसमें बैक्टीरिया किसी माध्यम से आपकी त्वचा में प्रवेश करती है और संक्रमण फैलाती है। सेल्युलाइटिस में आपके पैरों की त्वचा लाल, सूजी हुई और दर्दनाक फफोले हो जाते है। साथ ही इसमें त्वचा पर पपड़ी भी आ जाती है। सेल्युलाइटिस में फफोले में मवाद भी जमा हो जाता है। इससे दुर्गंध भी आ सकती है। 

कारण 

सेल्युलाइटिस आमतौर पर स्ट्रेप्टोकोकल या स्टेफिलोकोकल बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया त्वचा में किसी घाव या चोट के माध्यम से प्रवेश करता है और पैरों के नाखूनों की मदद से भी शरीर में प्रवेश कर सकता है। 

इलाज

पैरों में इस तरह के रैशेज होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि ये बहुत दर्दनाक और इंफेक्शन वाले होते हैं। इस दौरान घावों को अच्छे से साफ करना चाहिए ताकि यह स्किन के अन्य हिस्सों को नुकसान न पहुंचाएं। घाव की साफ-सफाई और इलाज के बाद ये ठीक हो सकते हैं। 

इस तरह की समस्या में घरेलू उपचार करने से बेहतर है कि आप तुरंत डॉक्टर या विशेषज्ञ से संपर्क करें क्योंकि ऐसा करने से आपकी समस्या और बढ़ सकती है। साथ ही आप अपने घरवालों के लिए इंफेक्शन का कारण बन सकते है। पैरों में रैशेज के कारण हर किसी के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। साथ ही इसके लक्षणों में भी अंतर हो सकता है इसलिए किसी दूसरे की सलाह पर या उसकी समस्या को देखकर अपने लिए दवाएं तय न करें। इससे आपको नुकसान हो सकता है। 

Main Image Credit- Very wellhealth

Disclaimer