पैरों या टांगों में दर्द का कारण, लक्षण, और बचाव और दर्द दूर करने के लिए घरेलू उपाय

पैरों में दर्द में दर्द होने पर हमारे कई कार्य प्रभावित होने लगते हैं। ऐसे में इस सामान्य समस्या से राहत पाने के लिए आप इन उपायों को अपना सकते हैं।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Apr 12, 2021Updated at: Apr 12, 2021
पैरों या टांगों में दर्द का कारण, लक्षण, और बचाव और दर्द दूर करने के लिए घरेलू उपाय

शरीर के हर एक अंग की अलग-अलग भूमिका होती है। इन्हीं अंगों में से एक है पैर। पैर हमारे संपूर्ण शरीर का भार संभालती है और चलने-फिरने में हमारी मदद भी करती है। दिन भर की कई क्रियाओं में पैर हमारा साथ देती हैं। इन दैनिक क्रियाओं के कारण कभी-कभी हमारे पैर यानि टांगों में दर्द होने लगता है। कभी-कभी पैर दर्द की ऐसी स्थिति आती है कि हमारे सभी कार्य पड़े के पड़े रह जाते हैं। आपके साथ कभी ऐसी स्थिति न आए, इसलिए हम टांगों के दर्द के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। चलिए जानते हैं टागों में दर्द का कारण, लक्षण और घरेलू उपचार क्या हैं?

क्या होता है टांग में दर्द? (What is Leg Pain in Hindi)

शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द का अर्थ मतलब, तंत्रिका तंत्र द्वारा दिमाग को भेजा जाने वाला संकेत। इस संकेत के जरिए शरीर को यह महसूस कराया जाता है कि कुछ ठीक नहीं है। इस स्थिति में शरीर के प्रभावित हिस्से में जलन, ऐंठन, चुभन और झुनझुनी जैसा महसूस होता है। पैर में दर्द का अर्थ है कि पैरों की मांसपेशियों में किसी तरह का तनाव, खिंचाव या फिर दबाव पड़ा है। इस स्थिति में चलन-फिरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बता दें कि दांग में दर्द एक बहुत ही आम समस्या है, जो आपके टांग के किसी भी हिस्से में हो सकती है।

दांग में दर्द के प्रकार (types of Leg Pain)

टांग के जिस हिस्से में दर्द होता है। उसे उसी हिस्से के नाम से जानते हैं। 

  • वस्कुलर पेन (Vascular Pain)
  • मस्कुलोस्केलेटन पेन (Musculoskeletal Pain)
  • टेंडनाइटिस (Tendonitis)
  • न्यूरोलॉजिकल पेन (Neurological Pain)
  • पैर में ऐंठन वाला दर्द (Leg Cramps)
  • शिन स्प्लिन्ट्स (Shin Splints)

टांगों में दर्द के कारण (Causes of Leg Pain in Hindi)

  • डिहाइड्रेशन की समस्या होना
  • ब्लड में पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम की कमी होना।
  • कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाई का प्रभाव
  • मूत्रवर्धक दवाई का सेवन
  • काफी ज्यादा एक्सरसाइज करना
  • एक जगह पर अधिक समय तक बैठे रहना।
  • पैरों की हड्डियों में हेयर लाइन क्रैक होना।
  • शिन स्पलिंट
  • हड्डियों में संक्रमण फैलान
  • गठिया की वजह से जोड़ों में दर्द और सूजन
  • सेलुलाइटिस कै फ (त्वचा व नर्म ऊतकों से जुड़ा संक्रमण)।
  • अर्थराइटिस की वजह से जोड़ों में सूजन के कारण।
  • डायबिटीज रोगी
  • नसों का क्षतिग्रस्त होना।
  • नसों में सूजन होना।

पैरों में दर्द के लक्षण (Symptoms of Leg Pain)

  • पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन होना।
  • प्रभावित हिस्से में चुभन महसूस होना।
  • प्रभावित हिस्से पर डंक जैसा महसूस होना।
  • प्रभावित हिस्से पर जलन होना।
  • पैरों में झुनझुनी जैसा महसूस होना।

पैरों में होने वाले दर्द को दूर करने के घरेलू उपाय (Home Remedies for Leg Pain)

आमतौर पर पैरों में दर्द होने पर गर्म पानी से सिंकाई या फिर गर्म तेल से मालिश करते हैं। लेकिन अगर आपको इन उपायों से राहत न मिले, तो अन्य तरीके भी अपना सकती हैं। आइए जानते हैं इस बारे में-

1. हॉट पीपर रब

जैतून का तेल - 50 एमएल

लाल मिर्च पाउडर-  1 चम्मच

कैसे करें इस्तेमाल?

  • सबसे पहले एक बर्तन लें। इसमें जैतून का तेल और लाल मिर्च पाउडर मिक्स करें। 
  • इस मिश्रण को रातभर के लिए छोड़ दें। 
  • अगले दिन आप इस मिश्रण से अपने पैरों की मसाज करें। 
  • इसे जितने देर तक हो सके, लगा हुआ छोड़ दें। 
  • इसके बाद आप पानी से पैरों की सफाई कर लें। इससे टांगों में दर्द से काफी राहत मिल सकता है।

2. आइस

  • बर्फ का छोटा सा टुकड़ा
  • प्लास्टिक बैग या फिर तौलिया

कैसे करें इस्तेमाल?

  • पैरों के दर्द से राहत पाने के लिए आप बर्फ के टुकड़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले एक बैग या फिर तौलिएं में बर्फ का टुकड़ा डालें। 
  • अब इस अच्छे से बांध लें और प्रभआवित हिस्से पर गोलाकार घुमाते हुए पैरों की मसाज करेँ।
  • दर्द से राहत पाने के लिए दिन में तीन से 4 बार आप इसे दोहरा सकते हैं।

3. एप्सम सॉल्ट और बेकिंग सोडा

  • गुनगुना पानी - 1 बाल्टी
  • एप्सम सॉल्ट - 1 चम्मच
  • बेकिंग सोडा- 1 चम्मच

कैसे करें इस्तेमाल ?

  • गुनगुन गर्म पानी से भरे बाल्टी में एक चम्मच बेकिंग सोडा और 1 चम्मच एप्सम सॉल्ट डालें। 
  • इस बाल्टी में करीब 10 से 15 मिनट तक अपने पैर डालकर रखें। 
  • इसके बाद अपने पैर को अच्छे  से धो लेँ। 
  • आप अपने इच्छानुसार दिन में कई बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे पैर दर्द से काफी राहत मिल सकेगा।

4. पैरों की सिंकाई

  • एक टब गर्म पानी
  • एक तौलिया

इसे भी पढ़ें - निगलने में परेशानी और खराश जैसे लक्षण हो सकते हैं गले में गांठ का संकेत, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

कैसे करें इस्तेमाल?

  • सबसे पहले 1 बर्तन में गर्म पानी लें। 
  • इस गर्म पानी से तौलिए को भिगोएं।
  • इसके बाद तौलिए को अच्छे से निचोड़ लें।
  • अब इस तौलिए को प्रभावित हिस्से पर लपेटें।
  • जब तौलिए का तापमान सामान्य हो जाए, तो इसे दोबारा गर्म करें।
  • इस प्रक्रिया को कम से कम 3 से 5 बार दोहराएं। ऐसा करने से दर्द से राहत मिल सकेगा।

5. पैरों पर ब्रश करना

चौड़ा मुलायम ब्रिसम वाला ब्रश लें। इस ब्रश से अपने पैरों के निचले हिस्से से ब्रश करना शुरू करें। इसके बाद धीरे-धीरे पैरों के ऊपरी हिस्से पर लगाएं। इसी तरह 10 से 15 बार करें। ऐसा करने से पैरों का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है, जिससे दर्द से काफी हद तक राहत मिलेगा।

एक्यूप्रेशर से पैरों के दर्द से पाएं राहत (Acupressure Points For Tired Legs )

एक्यूप्रेशर विधि से आप कई बीमारियों से राहत पा सकते हैं। प्राचीन काल से ही इस विधि का इस्तेमाल किया जा रहा है। शरीर में होने वाले दर्द और थकान को दूर करने में एक्यूप्रेशर काफी मददगार साबित होता है। पैरों में दर्द होने पर आप कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को दबाकर पैरों में दर्द और थकान से राहत पा सकते हैं।

 

एक्यूप्रेशर थेरेपी में उंगलियों, हथेलियों, पैरों के तलवों, हाथों की कोहनियों और अंगूठे जैसे स्थान पर किसी उपकरण की मदद से दबाव बनाया जाता है। ऐसा करने से पैरों में होने वाले दर्द से आप राहत पा सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि एक्यूप्रेशर हमेशा किसी विशेषज्ञ का निगरानी में ही करना चाहिए।

टांगों में दर्द से बचाव  (Prevention Tips for Leg Pain)

  • टांगों में दर्द से राहत पाने के लिए विटामिन डी युक्त आहार का सेवन करें। साथ ही कुछ समय के लिए सूर्य की किरणों में अवश्य रहें ताकि आपकी हड्डियों और मांसपेशियों को विटामिन डी मिल सके।
  • पैरों की सुविधानुसार ही स्लीपर या फिर जूतों का इस्तेमाल करें।
  • एक ही मुद्रा में अधिक समय तक न बैठें और न ही खड़े हों। 
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
  • 20 से 30 मिनट रोजाना टहलें।
Read More Articles On Other Disease In Hindi
Disclaimer