Mon Oct 5, 2026 | 05:21 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

PCOS में सुबह-सुबह थकान क्यों महसूस हो सकती है? जानें हार्मोन से क्या है कनेक्शन

PMOS में सुबह उठते ही थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसा शरीर में स्ट्रेस हार्मोन यानी कोर्टिसोल के बढ़ने तथा मेटिबोलिक रेट के प्रभावित होने के कारण होता है। जानें और समझें इन कारणों को विस्तार से।
PCOS में सुबह-सुबह थकान क्यों महसूस हो सकती है? जानें हार्मोन से क्या है कनेक्शनPCOS में सुबह-सुबह थकान क्यों महसूस हो सकती है? जानें हार्मोन से क्या है कनेक्शन

पीसीओएस या PMOS से पीड़ित कई महिलाएं सुबह नींद से उठने के बाद फ्रेशनेस महसूस नहीं करती हैं। इसके उलट, उन्हें अधिक होने लगती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर PMOS में सुबह नींद से उठते ही थकान और कमजोरी क्यों बनी रहती है? क्या यह किसी तरह की बीमारी का संकेत है?

इस बारे में वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "PMOS  में नींद से उठने के बाद भी थकान बनी रह सकती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि PMOS के कारण हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। इसकी वजह से नींद गुणवत्ता की प्रभावित होती है और ब्लड शुगर पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।"

PMOS और सुबह की थकान का वैज्ञानिक संबंध

Why Do You Feel Tired in the Morning With PCOSWhy Do You Feel Tired in the Morning With PCOS

PMOS में सुबह थकान महसूस होने का सीधा संबंध इससे जुड़ी हार्मोनल, मेटाबोलिक और नींद से जुड़ी परेशानियों से है। यही कारण है कि जब भी किसी को PMOS की दिक्कत होती है, वे अक्सर पूरी नींद नहीं ले पाती हैं। अगर नींद लेती हैं, तो उसकी गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। मेडिकल जर्नल Nature and Science of Sleep में प्रकाशित सिस्टमैटिक रिव्यू के अनुसार, PCOS से पीड़ित महिलाओं में सामान्य महिलाओं की तुलना में नींद से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती हैं। नींद खराब होने के पीछे मुख्य कारण एंड्रोजन हार्मोन का बढ़ना, इंसुलिन रेजिस्टेंस, कोर्टिसोल का असंतुलन और PCOS के कारण होने वाला मानसिक तनाव हैं।

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इंसुलिन रेजिस्टेंसः ऊर्जा में गिरावट का मुख्य कारण

PMOS से पीड़ित कई महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होती है। इसका मतलब है कि शरीर इंसुलिन का उपयोग सही से नहीं कर पा रहा है। ऐसे में ब्लड शुगर का स्तर तेजी से गिर जाता है। ब्लड शुगर के इस स्तर को ठीक करने के लिए शरीर कोर्टिसोल और एड्रेनलीन जैसे स्ट्रेस हार्मोन रिलीज करने लगता है। शरीर में स्ट्रेस हार्मोन की मौजूदगी के कारण रात को बार-बार नींद टूटती रहती है। नतीजतन, सुबह नींद से उठने पर भी महिला को बेहद थकान महसूस होती है।

कोर्टिसोल असंतुलन और नींद की गुणवत्ता पर प्रभाव

जैसा कि हमने पहले ही जिक्र किया है कि PMOS के कारण महिला के शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जात है। स्ट्रेस हार्मोन यानी कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ने की वजह से सर्कैडियन रिदम पर नेगेटिव असर पड़ता है और नेचुरल स्लीप साइकिल प्रभावित हो जाती है। यही कारण है कि PMOS से पीड़ित महिला सुबह उठने के बाद भी थकान और लो एनर्जी महसूस करती हैं।

क्या थायराइड की समस्या थकान को बढ़ा रही है?

विशेषज्ञ बताते हैं कि PMOS जैसी समस्या में अक्सर महिला को थायराइड की समस्या होती है। ऐसे में महिला में मेटाबॉलिज्म भी प्रभावित होती है। नतीजतन, ब्लड शुगर पर नकारात्मक असर देखने को मिलता है। नतीजतन, नींद बाधित होने लगती है।

क्या ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया थकान बढ़ा सकती है?

2019 में जर्नल Clinical Medicine Insights: Reproductive Health में प्रकाशित वैज्ञानिक समीक्षा पत्र के अनुसार, PCOS से पीड़ित महिलाओं में सामान्य महिलाओं की तुलना में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) यानी सोते समय सांस का बार-बार रुकना या भारी खर्राटे आने की समस्या काफी ज्यादा होती है। हालांकि, इस समस्या में मोटापे का भी योगदान होता है।

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हार्मोनल संतुलन के लिए जीवनशैली में बदलाव

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स्लीप हाइजीन पर ध्यान दें 

अगर किसी महिला को PMOS है, तो उन्हें अपनी स्लीप हाइजीन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसका मतलब है कि रोजाना एक निश्चित समय पर सोने जाएं, सोने से दो-तीन घंटे पहले मोबाइल से दूर हो जाएं और सोने पहले कमरे में अंधेरा कर दें या बत्ती मद्धिम कर दें ताकि नींद बेहतर आ सके।

तनाव को मैनेज करें

PMOS में हार्मोनल परिवर्तन के कारण तनाव बढ़ जाता है। स्ट्रेस बढ़ने से कोर्टिसोल का स्तर बदलता है, जो कि नींद में खलल पैदा कर सकता है। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए जरूरी है कि आप तनाव को मैनेज करें। इसके लिए, सोने पहले मेडिटेशन या डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें।

7-8 घंटे की नींद जरूर लें

नींद से उठने के बाद सुबह थकान और कमजोरी महसूस न हो, इसके लिए जरूरी है कि आप रात को अच्छी और कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें। विशेषज्ञ बताते हैं कि 7-8 घंटे की नींद लेने से शरीर अच्छी तरह रिपेयर होता है और रिप्रोडक्टिव हार्मोन भी सही तरह से रेगुलेट होते हैं।

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डॉक्टर से कब संपर्क करेंः थकान के गंभीर संकेत

वैसे तो जीवनशैली में अच्छी आदतों को अपनाकर आप अपनी नींद में सुधार कर सकते हैं। PMOS से पीड़ित महिलाओं के लिए भी यह बहुत फायदेमंद होता है। इसके बावजदू, यह पता होना चाहिए कि समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डाॅक्टर के पास जाने में देरी नहीं करनी चाहिए। यहां बताए गए कुछ गंभीर संकेतों पर गौर करें और डाॅक्टर के पास जाने में देरी न करें-

निष्कर्ष

हाल के सालों में PMOS के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसके पीछे खराब जीवनशैली, खान-पान बुरी आदतें आदि शामिल हैं। PMOS से ग्रस्त महिलाओं में नींद से संबंधित समस्या देखने को मिलती है। ध्यान रखें कि अगर नींद पूरी न हो, तो और भी कई परेशानियां हो सकती हैं, जो कि सही नहीं है। अगर आप अक्सर सुबह नींद से उठने के बाद थकान और कमजोरी महसूस करती हैं, तो इसे हल्के में न लें और डाॅक्टर से अपना ट्रीटमेंट करवाएं।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या PCOS में इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने के लिए सप्लीमेंट्स लेना फायदेमंद है?

    डॉक्टर की सलाह पर आप सप्लीमेंट्स ले सकती हैं और ये फायदेमंद भी है। इससे हार्मोनल असंतुलन को कम करने और ओव्यूलेशन को नियमित करने में प्रभावी पाया गया है।
  • PCOS में सुबह की थकान से बचने के लिए रात का खाना किस समय और कैसा होना चाहिए?

    सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले हल्का और प्रोटीन तथा फाइबर युक्त चीजों का सेवन करना चाहिए। रिफाइंड कार्ब्स और मीठे खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 05, 2026 16:59 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta