Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

सुबह-सुबह थकान की वजह बन सकती हैं डाइट से जुड़ी ये गलति‍यां, आज ही सुधारें

क्‍या आपको भी सुबह उठकर थकान महसूस होती है? अगर हां, तो यह डाइट से जुड़ी गलती हो सकती है ज‍िसके कारण शरीर सुस्‍ती, आलस्‍य और फटीग जैसे संकेत देता है। एक्‍सपर्ट से समझें कारण।

सुबह उठकर कुछ लोगों को जल्‍दी थकान होने लगती है, नींद पूरी करने के बाद भी मांसपेश‍ियों में दर्द, फोकस करने में मुश्‍क‍िल हो सकती है और बार-बार नींद आ सकती है। ऐसा थकान के कारण होता है। डाइट से संबंध‍ित गलत‍ियां थकान का एक कारण हो सकती हैं। कुछ लोग रात को देर से खाते हैं और सुबह उठकर उन्‍हें सुस्‍ती महसूस होती है। इसी तरह रात को हैवी चीजों का सेवन भी सुबह थकान का कारण बन सकती है। सुबह उठकर थकान महसूस होने के पीछे डाइट से संबंध‍ित अन्‍य गलत‍ियां जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

सुबह फाइबर कम लेना

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फाइबर की कमी से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल ब‍ि‍गड़ सकता है, कब्‍ज की समस्‍या हो सकती है और थकान महसूस हो सकता है। नाश्‍ते में फाइबर युक्‍त ताजे फल और सब्‍ज‍ियों से भरपूर सलाद, ओट्स, च‍िया सीड्स, अंकुर‍ित दाल वगैरह का सेवन कर सकते हैं। वयस्‍कों को द‍िनभर में 25 से 30 ग्राम फाइबर लेना चाह‍िए।

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सुबह पानी न पीना

सुबह उठकर सबसे पहले एक ग‍िलास पानी का सेवन करने से पाचन अच्‍छा रहता है और शरीर में एनर्जी रहती है। साथ ही फ्रेशनेस महसूस होती है। शरीर में पानी की कमी से थकान महसूस हो सकती है। सुबह उठकर पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएंं और सुबह कैफीन के ज्‍यादा सेवन से बचें। ज्‍यादा कैफीन से ड‍िहाइड्रेशन हो सकता है।

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नाश्‍ते में फैट और कार्ब्स लेना

अगर आप फैट और कार्ब्स से भरपूर चीजें सुबह नाश्‍ते में खाएंगे, तो थकान और नींद महसूस होगी। सुबह मैदा की चीजें जैसे सफेद ब्रेड या ब‍िस्‍क‍ुट न खाएं। मीठे जूस और कॉर्नफ्लेक्‍स से भी बचें। ऐसे फूड्स खाएं जो मेलाटोन‍िन हार्मोन को कंट्रोल करे ताक‍ि आपको सुबह उठकर नींद और थकान महसूस न हो। नाश्‍ते में ओट्स, नट्स, अंडे वगैरह खा सकते हैं। 2025 में Food & Humanity नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, नाश्‍ते में हाई कार्ब, शुगर और फैट की ज्‍यादा मात्रा के कारण मूड प्रभाव‍ित होता है, सोचने या फोकस करने की क्षमता प्रभाव‍ित होती है और नर्वस स‍िस्‍टम पर बुरा असर पड़ता है।

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नाश्‍ते में ज्‍यादा खाना

कुछ लोग सुबह उठकर नाश्‍ते में जरूरत से ज्‍यादा खा लेते हैं ज‍िसके कारण भी उन्‍हें थकान महसूस हो सकती है। जरूरत से ज्‍यादा खाने से आलस्‍य और सुस्‍ती महसूस होती है इसल‍िए नाश्‍ते की प्‍लेट के एक चौथाई ह‍िस्से में फाइबर, प्रोटीन, कार्ब्स, हेल्‍दी फैट्स वगैरह को शाम‍िल करें। इस तरह ओवरईट‍िंग क‍िए बगैर संतुल‍ित म‍ील ले पाएंगे।

न‍िष्‍कर्ष:

सुबह उठकर थकान महसूस होती है, तो डाइट से जुड़े गलत‍ियों पर गौर करें। सुबह उठकर पानी प‍िएं, नाश्‍ते में ज्‍यादा फैट और कार्ब्स लेने से बचें, फाइबर र‍िच फूड्स को सुबह नाश्‍ते में शाम‍िल करें और नाश्‍ते में भोजन की मात्रा सीमि‍त रखें ताक‍ि आलस्‍य और सुस्ती महसूस न हो।

FAQ

  • कॉम्‍लेक्‍स कार्ब्स क्‍या होता है?

    कॉम्‍लेक्‍स कार्ब्स धीरे-धीरे पचते हैं और लंबे समय तक शरीर को एनर्जी देते हैं। ओट्स, दल‍िया, ब्राउन राइस इसके उदाहरण हैं। 
  • हेल्‍दी नाश्‍ते में क्‍या-क्‍या शाम‍िल करें?

    हेल्‍दी नाश्‍ते में प्रोटीन, हेल्‍दी फैट, फाइबर र‍िच फूड्स, कॉम्‍लेक्‍स कार्ब्स वगैरह को शाम‍िल करें। 

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 29, 2026 17:15 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Apr 29, 2026 17:15 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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