Wed Sep 16, 2026 | 02:47 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kiran Gupta , Yoga, Naturopathy Consultant & Nutrition & Dietician

तिल है महिलाओं की इन 3 समस्याओं का हल, जानें रोज डाइट में शामिल करना क्यों है फायदेमंद

सफेद हो या काला तिल, महिलाओं के लिए यह सुपरफूड है। ये शरीर में एस्ट्रोजन के लेवल को काफी हद तक प्रभावित करता है और हार्मोनल हेल्थ को बैलेंस रखने में मददगार है। जानते हैं सेहत के लिए इसके अन्य फायदे।

महिलाओं के लिए तिल का सेवन इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है और तिल कैल्शियम और जिंक से भरपूर है जो कि हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। इसके अलावा हार्मोनल असंतुलन को सही करने में भी तिल का सेवन फायदेमंद है। इतना ही नहीं, खूबसूरत स्किन और बालों के लिए महिलाओं को रोज डाइट में तिल को शामिल करना चाहिए। साथ ही रोजाना तिल खाने के कई अन्य फायदे भी हैं जिनके बारे में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता ने हमें बताया।

महिलाओं को रोज डाइट में तिल क्यों शामिल करना चाहिए?

महिलाओं को रोज डाइट में तिल शामिल करना चाहिए क्योंकि तिल में ओमेगा-3, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और फाइटोएस्ट्रोजेन होते हैं जो कि सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से आपको बचा सकते हैं जैसे-

1. ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव में मददगार

किरण गुप्ता कहती हैं 40 की उम्र के बाद अक्सर लोगों में कैल्शियम की कमी होने लगती है और यह कमी ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकती है। ऐसे में अगर आप अपनी डाइट में रेगुलर तिल के बीजों को शामिल करें तो हड्डियों का घनत्व बढ़ सकता है और हड्डियों की सेहत बेहतर हो सकती है। जिंक और कैल्शियम, दोनों ही हड्डियों के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स के रूप में काम करते हैं। इसके अलावा तिल में मिलने वाला प्रोटीन हड्डियों को हेल्दी रखने में मददगार है। इसके अलावा तिल का मैग्नीशियम बोन डेंसिटी को बढ़ावा देने में मददगार है।

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2. हार्मोनल असंतुलन ठीक करने में मददगार

किरण गुप्ता कहती हैं कि उम्र चाहे जो हो महिलाएं हार्मोन असंतुलन से परेशान रहती हैं। ऐसे में तिल का सेवन इस असंतुलन को ठीक करने में मदद कर सकता है। दरअसल, तिल में लिग्नन्स (lignans) नामक एक प्लांट कंपाउंड होते हैं, जो फाइटोएस्ट्रोजेन की तरह काम करते हैं और हार्मोन के हेल्दी लेवल को बनाए रखने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं, जब आप इन सीड्स को खाते हैं तो ये पीरियड्स से पहले महसूस होने वाले PMS के लक्षणों को कम करने में मददगार है।

साल 2006 में The Journal of Nutrition में प्रकाशित इस शोध की मानें तो तिल खाने से मेनोपॉज के बाद महिलाओं में सेक्स हार्मोन की स्थिति को संतुलित और बेहतर बनाने में संभावित रूप से मदद मिलती है। ये मेनोपॉज के बाद महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य, अच्छे कोलेस्ट्रॉल और हार्मोनल संतुलन के लिए अपनी नियमित डाइट में 50 ग्राम तिल हर दिन खाना चाहिए।

3. खून की कमी से बचाव में मददगार

तिल खाना शरीर में खून की कमी को कम करने में मददगार है। किरण गुप्ता कहती हैं कि खून की कमी महिलाओं की आम समस्या है और जब आप आयरन से भरपूर तिल का सेवन करते हैं तो ये शरीर में खून की कमी नहीं होती। इस वजह से पीरियड्स हो या प्रेग्नेंसी आपको इस हेल्दी सीड को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। बस प्रेग्नेंसी में आपको इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। हालांकि, नॉर्मल दिनों में डाइट में अलग-अलग तरीके से आप इसे शामिल कर सकते हैं।

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डाइट में तिल को कैसे शामिल करें महिलाएं?

किरण गुप्ता कहती हैं कि महिलाओं के लिए तिल को खाने का सबसे सही तरीका है कि रोज दिन में किसी एक समय 2 चम्मच तिल और थोड़ा सा गुड़ खाएं। दरअसल, ये महिलाओं की सेहत अनुसार बेस्ट फूड कॉम्बिनेशन है जो कि कमजोरी दूर करने के साथ इन तमाम समस्याओं से बचाव में मददगार है। इसके अलावा आप इन तरीकों से भी डाइट में तिल को शामिल कर सकते हैं जैसे-

  • तिल को भूनकर स्नैक्स की तरह खाएं।
  • तिल की चटनी बनाकर खाएं। आपको करना ये है कि तिल को भून लें और इसे पीसकर रख लें और जब भी चटनी खाने का मन हो इसमें थोड़ा सा पानी और नमक मिलाकर खा लें। इसके अलावा आप तिल को भूनकर इसे लहसुन, लाल मिर्च, नमक और सरसों के तेल के साथ पीसकर चटनी बना लें। इसमें नमक मिलाकर खाएं।
  • आप तिल को सलाद में डालकर खा सकती हैं।
  • तिल को दही में डालकर खा सकती हैं।
  • आप तिल की रोटी बनाकर खा सकते हैं जिससे सेहत से जुड़ी समस्याओं से बचाव होता है।
  • आप ओट्स में तिल डालकर सुबह नाश्ते में खा सकते हैं।

निष्कर्ष:

किरण गुप्ता कहती हैं कि अगर आप प्रेग्नेंट हैं या आपको तिल से एलर्जी है तो इसके सेवन से बचें। इसके अलावा आपके शरीर का पित्त बढ़ा हुआ है तो भी आपको तिल के सेवन से बचना चाहिए। साथ ही अगर आपको किसी भी प्रकार की एलर्जी है तो भी तिल के सेवन से बचें। इसके अलाना जिन लोगों को किडनी से जुड़ी समस्या है या पथरी की दिक्कत है उन्हें भी तिल के सेवन से बचना चाहिए।

FAQ

  • महिलाओं को प्रतिदिन कितना तिल खाना चाहिए? 

    डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, महिलाओं को रोज दिन में किसी एक समय 2 चम्मच तिल और थोड़ा सा गुड़ खाना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं के लिए तिल का सेवन सुरक्षित है? 

    गर्भवती महिलाओं को तिल का सेवन करते समय मात्रा का ध्यान रखना चाहिए और विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।  

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 16, 2026 13:26 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Kiran Gupta

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