डिलीवरी के बाद अक्सर महिलाएं सेक्शुअल रिलेशनशिप की शुरुआत 40 दिनों के बाद करती हैं। यह जरूरी भी है, क्योंकि प्रसव के कुछ दिनों बाद तक उनका शरीर कमजोर होता है। इसके बावजूद, कई महिलाओं के दिमाग में यह सवाल उठ सकता है कि क्या डिलीवरी के बाद यौन संबंध बनाने पर टांके खुल सकते हैं?
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता साफ सलाह देती हैं, "डिलीवरी के तुरंत बाद यौन संबंध बनाया जाना बिल्कुल ठीक नहीं है। चूंकि, वजाइनल डिलीवरी के बाद ज्यादातर महिलाओं को टांके लगते हैं, तो इस स्थिति में उन्हें कम से कम 40 दिनों के बाद यौन संबंध बनाने की शुरुआत करनी चाहिए। टांके लगे होने के दौरान संभोग करने से उसके खुलने का जोखिम रहता है। इसका उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है।"
डिलीवरी के बाद तुरंत बाद सेक्स क्यों न करें?

1. टांको का टूटना
डिलीवरी के पहले से ही महिला का शरीर कमजोर और रिकवरी के समय की आवश्यकता होती है। ऐसे में अगर महिला यौन संबंध बनाती है, तो ऐसे में संभोग के दौरान दबाव या रगड़ लगती है। नतीजतन, टांके खुल जाते हैं और घाव गहरा हो जाता है। यह दोनों स्थिति महिला के लिए असहनीय हो सकती है।
2. संक्रमण का जोखिम
डिलीवरी के बाद महिला को टांके सूखने और घाव के उभरने के लिए डॉक्टर कुछ विशेष किस्म की दवा या ऑइंटमेंट देते हैं, ताकि रिकवरी सही तरह से हो जाए। अगर इस स्थिति में यौन संबंध बनाया जाए, तो न सिर्फ टांके खुलेंगे, बल्कि घाव ताजा हो जाएगा। दरअसल, घाव के पूरी तरह ठीक होने या ब्लीडिंग बंद होने से पहले संभोग करने से गर्भाशय या घाव में गंभीर इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
PLOS ONE जर्नल में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, प्रसव के तुरंत बाद पूरी तरह से रिकवरी के बिना यौन संबंध बनाने से अनचाहे गर्भ और संक्रमण का रिस्क बना रहता है। यहां तक कि कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
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3. तीव्र दर्द का एहसास
टांकों का कटना और घाव गहरा होना। निश्चित रूप से दोनों ही स्थितियां गंभीर और खतरनाक हैं। ऐसे में महिला को योनि और इसके आस-पास के क्षेत्र में दर्द बढ़ सकता है। अगर संक्रमण गहरा हो जाता है और समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो दर्द पेल्विक एरिया तक फैल सकता है। महिला के लिए यह दर्द असहनीय हो जाता है।
4. जलन होना
डिलीवरी के तुरंत बाद संभोग करने से टांके की गांठें और खिंची हुई मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। घाव में सिर्फ दर्द नहीं होता है, बल्कि जलन भी होने लगती है। ऐसे में संभोग और कष्टकारी प्रक्रिया हो जाती है। यही कारण है कि डिलीवरी के तुरंत बाद किसी भी महिला को यौन क्रिया में संलग्न नहीं होना है। उन्हें अपनी शरीर को रिकवरी के लिए समय देना चाहिए।
5. योनि का सूखापन
प्रेग्नेंसी ही नहीं, बल्कि डिलीवरी के बाद भी महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि प्रसव के तुरंत बाद शरीर शिशु को स्तनपान कराने के लिए तैयार हो रहा होता है। ऐसे में महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर तेजी से घट जाता है। नतीजतन, योनि में प्राकृतिक रूप से लुब्रिकेशन कम हो जाता है। ऐसे में यौन संबंध बनाने के दौरान न सिर्फ रगड़ से टांके टूट जाते हैं, बल्कि ड्राईनेस सेक्स और भी दर्दनाक बना देती है।
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डिलीवरी के बाद यौन संबंध कब बनाएं?
डाॅ. शोभा गुप्ता की मानें, तो डिलीवरी के बाद तुरंत बाद सेक्स नहीं करना चाहिए। इसके लिए शरीर को पर्याप्त समय चाहिए होता है। सबसे पहले टांकों को पूरी तरह ठीक होने दें। मौजूदा समय में ज्यादातर टांकें सप्ताह भर में अपने आप घुल जाते हैं। हालांकि, इसके बाद भी टिश्यूज को रिकवरी के लिए कुछ समय चाहिए होता है। इसके अलवा, शरीर भी काफी कमजोर होता है। इसलिए जब दर्द पूरी तरह ठीक न हो जाए और खुद को यौन संबंध बनाने के लिए मानसिक रूप से तैयार न हो जाएं, तब तक इससे दूर रहें। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं सर्विक्स को पूरी तरह ठीक होने में करीब 6 सप्ताह का समय लगता है।
American Pregnancy Association के अनुसार, ज्यादातर डॉक्टर डिलीवरी के बाद लगभग चार सप्ताह (एक महीना) तक रुकने की सलाह देते हैं। वहीं, प्रसव के कम से कम दो सप्ताह बाद तक संभोग करना बिल्कुल भी सेफ नहीं है। इस दौरान आमतौर पर ब्लीडिंग होती रहती है, जिससे हैमरेज या गर्भाशय में इंफेक्शन का जोखिम रहता है।
कैसे जानें कि आप तैयार हैं?
डिलीवरी के बाद अक्सर महिलाओं को मानसिक-शारीरिक रूप से तैयार होने में समय लगता है। कई महिलाओं को यह समझ नहीं आता है कि वे इसके लिए तैयार हैं या नहीं? अगर आप भी कंफ्यूज हैं, तो यहां बताए गए संकेतों पर गौर करें-
- पोस्टपार्टम ब्लीडिंग पूरी तरह बंद हो गई है।
- घाव पूरी तरह भर गया है।
- प्रभावित हिस्से में दर्द नहीं होता है।
- डिलीवरी को 6 सप्ताह से ज्यादा का समय हो गया है।
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शुरुआत कैसे करें?
डिलीवरी के बाद यौन संबंध की शुरुआत करना महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। असल में, पहले प्रेग्नेंसी, डिलीवरी और इसके बाद शिशु की संपूर्ण जिम्मेदारी। ऐसे में महिला लंबे समय तक खुद को यौन संबंध के लिए तैयार नहीं कर पाती हैं। डॉक्टर की सलाह मानने से यौन संबंध की शुरुआत करना आसान हो जाता है, जैसे-
- हमेशा धीमी शुरुआत करेंः लंबे समय तक बाद सेक्स को लेकर महिला के मन में कशमश होती है। इसके लिए बेहतर है कि आप पार्टनर के साथ पहले बातचीत करें और प्रक्रिया की शुरुआत धीरे-धीरे करें।
- दर्द हो तो न करेंः डिलीवरी के बाद महिलाओं के लिए सेक्शुअल रिलेशनशिप की शुरुआत करना आसान नहीं होता है। वे मेंटली ब्लॉक हो जाती हैं। ऐसे में उन्हें यौन संबंध बनाते हुए दर्द हो सकता है। जैसे ही दर्द महसूस हो, तो प्रक्रिया को रोक दें।
- सावधानी जरूर बरतेंः हाल ही में प्रेग्नेंसी और डिलीवरी हुई है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि जब भी यौन संबंध की शुरुआत करें, तो बर्थ कंट्रोल पिल या कंडोम का इस्तेमाल करना न भूलें। ऐसा न करने पर फिर से असामयिक प्रेग्नेंसी हो सकती है।
निष्कर्ष
डिलीवरी के तुरंत बाद यौन संबंध बनाना कभी भी समझदारी नहीं है। प्रसव के तुरंत बाद यौन संबंध बनाने से टांके टूट सकते हैं, घाव गहरा हो सकता है और संक्रण्मा का जोखिम बढ़ जाता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि डिलीवरी के बाद कम से कम 6 सप्ताह का समय लें। अगर इसके बाद भी बाॅडी को रिकवरी के लिए समय चाहिए, तो खुद को समय दें। हां, अगर डिलीवरी के बाद सेक्स की शुरुआत करना मुश्किल लगे, तो इस संबंध में डॉक्टर से मिल सकते हैं।
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FAQ
क्या एपिसियोटॉमी (Episiotomy-योनि के चीरे) के टांके ठीक होने के बाद भी सेक्स के दौरान खिंचाव या दर्द महसूस हो सकता है?
हां, टांके सूखने के बाद भी स्कार टिश्यू कुछ महीनों तक सख्त और कम लचीले रह सकते हैं। ऐसे में सेक्स करने से दर्द हो सकता है।क्या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी सेक्स के समय अधिक दर्द महसूस होता है?
स्तनपान कराने वाली महिलाओं में प्रोलैक्टिन हार्मोन बढ़ता है, जो एस्ट्रोजन के स्तर को दबा देता है। एस्ट्रोजन की कमी के कारण योनि में लुब्रिकेशन की कमी हो जाती है। नतीजतन, संभोग के समय जलन और दर्द हो सकता है।
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Sep 16, 2026 11:58 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta