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क्या तिल खाने से शरीर को गर्मी मिलती है? आयुर्वेदाचार्य से जानें

सर्दियों के मौसम में तिल (Sesame Seeds) का उपयोग बढ़ जाता है, तिल के लड्डू, तिल गुड़ की चिक्की, तिल का हलवा और तिल का तेल,  लगभग हर घर में किसी न किसी रूप में तिल का उपयोग किया जाता है। यहां जानिए, क्या तिल खाने से शरीर को गर्मी मिलती है?

सर्दियां शुरू होते ही बाजार में तिल से बनी मिठाइयों की महक फैलने लगती है, तिल के लड्डू, तिल-पट्टी, तिल-गुड़ की चिक्की या फिर तिल का हलवा, मानो हर घर में तिल का मौसम लौट आता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर तिल को ही सर्दियों का सुपरफूड क्यों माना जाता है? जब तापमान गिरता है तो हाथ-पैर बर्फ जैसे ठंडे होने लगते हैं और बार-बार सर्दी-जुकाम घेर लेता है। ऐसे समय में लोग कुछ ऐसा खाने की तलाश में रहते हैं, जो न सिर्फ शरीर को गर्म रखे बल्कि एनर्जी भी दे। दिलचस्प बात यह है कि हजारों साल पहले से आयुर्वेद में तिल को शीत ऋतु के लिए सबसे उपयोगी बताया गया है। इस लेख में सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से जानिए, क्या तिल खाने से शरीर को गर्मी मिलती है?

क्या तिल खाने से शरीर को गर्मी मिलती है? - Does sesame seeds increase body heat in winter

डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, तिल की तासीर स्वभाव से गर्म होती है, जो ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म रखने, त्वचा को पोषण देने और एनर्जी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। डॉक्टर श्रेय के अनुसार, तिल को आयुर्वेद में उष्णवीर्य यानी गर्म तासीर वाला माना गया है। इसका मतलब है कि इसका सेवन शरीर में गर्माहट पैदा करता है, ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव में मदद करता है। इसलिए यह ठंड के मौसम में खासतौर पर फायदेमंद सिद्ध होता है। सर्दी के मौसम में तिल के तेल से शरीर की मसाज करने से भी शरीर को गर्मी मिलती है और ड्राईनेस की समस्या भी कम होती है।

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सर्दियों में तिल खाने के फायदे - What are the benefits of sesame seeds

1. शरीर को अंदर से गर्म रखे

सर्द हवा के कारण शरीर का तापमान गिर जाता है। ऐसे में तिल गर्माहट प्रदान करके हाथ-पैर ठंडे होने, कंपकंपी और कमजोरी जैसी समस्याओं को कम करता है।

2. इम्यूनिटी मजबूत करे

तिल में जिंक, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो इंफेक्शन से बचाते हैं। सर्दियों में बार-बार होने वाले सर्दी-जुकाम से भी सुरक्षा मिलती है।

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Is sesame seeds heat the body

3. स्किन को पोषण मिले

ठंड में स्किन रूखी हो जाती है, तिल में मौजूद नेचुरल ऑयल त्वचा को भीतर से मॉइश्चर देता है और ड्राईनेस कम करता है। तिल का तेल मसाज में भी उपयोग होता है।

4. जोड़ों के दर्द में राहत

सर्दियों में जोड़ों में जकड़न और दर्द बढ़ जाता है। तिल का तेल वात को शांत करता है और गर्माहट देकर राहत देता है।

5. एनर्जी और स्टेमिना बढ़ाए

तिल को शक्ति-वर्धक माना गया है। इसे रोजाना थोड़ी मात्रा में खाने से कमजोरी दूर होती है और शरीर में फुर्ती आती है।

निष्कर्ष

आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि तिल वास्तव में सर्दियों में शरीर की गर्मी बनाए रखने में मदद करते हैं। इनके उष्ण गुण, हेल्दी फैट्स और मिनरल्स शरीर को ठंड से बचाते हैं, इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और एनर्जी प्रदान करते हैं। अगर इसे सही मात्रा में और सही तरीके से डाइट में शामिल किया जाए, तो तिल सर्द मौसम में आपका सबसे भरोसेमंद साथी साबित हो सकता है।

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FAQ

  • तिल शरीर के लिए गर्म है या ठंडा?

    आयुर्वेद में तिल को उष्णवीर्य यानी गर्म तासीर वाला माना गया है। इसका सेवन सर्दियों में शरीर को प्राकृतिक गर्माहट देता है और ठंड लगने की समस्या कम करता है।
  • क्या तिल रोज खा सकते हैं?

    सर्दियों में सीमित मात्रा में तिल रोज 1 से 2 चम्मच खाए जा सकते हैं लेकिन अत्यधिक सेवन से गर्मी बढ़ सकती है।
  • क्या गर्भावस्था में तिल खा सकते हैं?

    सामान्य मात्रा में तिल खाना सुरक्षित है, लेकिन नियमित या ज्यादा मात्रा में सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि तिल की तासीर गर्म होती है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 08, 2025 16:20 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Dec 08, 2025 16:20 IST

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