Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar Prabhu , Consultant – Dermatology, Venereology & Aesthetic Medicine

चेहरे की स्किन कभी स्मूद और कभी रफ क्यों लगती है? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

चेहरे की त्वचा का टेक्सचर हाइड्रेशन, ऑयल प्रोडक्शन, मौसम और स्किनकेयर जैसे कई कारणों से बदलता रहता है। इन बदलावों के पीछे के कारणों और त्वचा की देखभाल के तरीकों पर ध्यान देना जरूरी है।

चेहरे की त्वचा हमारे शरीर के सेंसिटिव हिस्सों में से एक है। दिनभर में त्वचा में कई तरह के बदलाव महसूस हो सकते हैं। कभी चेहरा छूने पर बहुत सॉफ्ट और चिकना लगता है, तो कभी त्वचा सूखी, खिंची हुई या खुरदरी महसूस होने लगती है। कई बार सुबह त्वचा नॉर्मल रहती है, लेकिन दिन बीतने के साथ त्वचा में बदलाव आने लगते हैं, लेकिन ऐसा क्यों होता है यह सवाल कई लोगों के मन में आता है? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Sunil Kumar Prabhu, Consultant dermatologist and Aesthetic Physician, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।

स्किन कभी रफ और कभी स्मूद क्यों लगती है?

डॉ. सुनील कुमार प्रभु के अनुसार, चेहरे की त्वचा का टेक्सचर दिन-ब-दिन और एक ही दिन में भी बदल सकता है। यह आमतौर पर हाइड्रेशन, ऑयल प्रोडक्शन, मौसम, स्किनकेयर प्रोडक्ट्स और स्किन बैरियर की स्थिति से प्रभावित होता है।

स्किन में बदलाव के कारण

डॉ. सुनील कहते हैं, स्किन में बदलाव शरीर में पानी की कमी होने, मौसम में बदलाव, स्किन बैरियर के नुकसान और डेड स्किन सेल्स के कारण होते हैं।

1. त्वचा में हाइड्रेशन

जब त्वचा में पर्याप्त नमी होती है और उसका प्रोटेक्टिव बैरियर हेल्दी होता है, तो यह सॉफ्ट, स्मूद और लचीली महसूस होती है। जब त्वचा में पानी की कमी हो जाती है, तो यह ड्राई, खिंची हुई या खुरदरी महसूस हो सकती है।

डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी भी एक आम कारण है। पर्याप्त मात्रा में लिक्विड न पीने से भी ड्राईनेस बढ़ सकती है, हालांकि चेहरे का रूखापन सीधे तौर पर इस बात से जुड़ा होता है कि त्वचा नमी बनाए रखने में कितनी सक्षम है, न कि सिर्फ इस बात से कि कोई व्यक्ति कितना पानी पीता है।

साल 2018 में Skin Research and Technology में प्रकाशित सिस्टमेटिक रिव्यू के अनुसार, खाने-पीने में पानी की मात्रा बढ़ाने से त्वचा की ऊपरी परत (स्ट्रेटम कॉर्नियम) में नमी बढ़ सकती है।

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2. मौसम में बदलाव

त्वचा पर मौसम से भी काफी असर पड़ सकता है। ठंडी या ड्राई हवा त्वचा की नमी कम कर सकती है, जिसके कारण चेहरा ड्राई या खुरदरा महसूस हो सकता है। वहीं दूसरी ओर गर्म और उमस भरे मौसम में पसीना और ऑयल ज्यादा आ सकता है। जिससे त्वचा चिपचिपी या ज्यादा ऑयली महसूस हो सकती है।

मौसम में अचानक बदलाव होने पर भी त्वचा की टेक्सचर कुछ समय के लिए बदल सकती है। इसलिए हर दिन चेहरे का एक जैसा महसूस न होना नॉर्मल हो सकता है।

3. ज्यादा फेस वॉश या गर्म पानी से नुकसान

हेल्दी स्किन के लिए चेहरे को साफ रखना जरूरी है, लेकिन बार-बार चेहरा धोना फायदेमंद नहीं होता है। बहुत ज्यादा चेहरा धोने, गर्म पानी, तेज क्लींजर, स्क्रब या जलन बढ़ाने वाले इंग्रीडिएंट्स से बने प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से भी स्किन बैरियर को नुकसान हो सकता है और त्वचा की सतह खुरदरी महसूस हो सकती है।

4. डेड सेल्स के जमा होने के कारण

डेड स्किन सेल्स नेचुरल रूप से त्वचा की सतह पर जमा हो जाते हैं। नॉर्मली वे धीरे-धीरे स्किन से हट जाते हैं, लेकिन जब यह प्रक्रिया ठीक से नहीं होती, तो त्वचा खुरदरी महसूस हो सकती है या बेजान दिख सकती है।

5. एक्सफोलिएशन से सावधान रहे

स्किनकेयर रूटीन से भी त्वचा का एहसास कुछ समय के लिए बदल सकता है। एक्सफोलिएशन से त्वचा शुरू में चिकनी महसूस हो सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा एक्सफोलिएशन से स्किन के प्रोटेक्टिव बैरियर को नुकसान पहुंच सकता है और जलन व खुरदरापन हो सकता है।

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कुछ त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी बदल सकती हैं टेक्सचर

डॉ. सुनील कहते हैं, अगर चेहरे की त्वचा लगातार खुरदरी रहती है, तो इसका कारण सिर्फ ड्राईनेस या मौसम नहीं हो सकता है। कई बार ड्राई स्किन, एक्जिमा, मुंहासे और केराटोसिस पिलारिस (keratosis pilaris) जैसी स्थितियों से भी त्वचा का टेक्सचर प्रभावित हो सकता है।

चेहरे की देखभाल कैसे करें?

डॉ. सुनील के अनुसार, स्किन के टेक्सचर को नॉर्मल बनाए रखने के लिए एक आसान स्किनकेयर रूटीन मदद कर सकता है।

  • त्वचा के अनुसार हल्के क्लींजर का इस्तेमाल करें।
  • चेहरा धोने के बाद स्किन टाइप के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं।
  • दिन में ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
  • चेहरे को बार-बार स्क्रब करने या रगड़ने से बचें।
  • एक साथ कई नए स्किनकेयर प्रोडक्ट शुरू न करें।

अगर किसी प्रोडक्ट से जलन या ड्राईनेस बढ़ती है, तो उसका इस्तेमाल रोककर डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

सिर्फ ज्यादा पानी पीने से चेहरे की ड्राईनेस हमेशा ठीक हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं है। शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा जरूरी है, लेकिन चेहरे की त्वचा में नमी बनाए रखने में उसकी अपनी प्रोटेक्टिव लेयर की भूमिका भी अहम होती है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

अगर चेहरे की त्वचा पर खुरदरापन बना रहता है, खुजली या दर्द होता है, रेडनेस या पपड़ी जमती है या बिना किसी साफ कारण के अचानक ऐसा होता है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है। टेक्सचर में लगातार बदलाव कभी-कभी त्वचा की किसी ऐसी समस्या का संकेत हो सकते हैं, जिसके लिए खास इलाज की जरूरत होती है।

निष्कर्ष

चेहरे की त्वचा का कभी मुलायम और कभी खुरदरा महसूस होना कई सामान्य कारणों से हो सकता है, जैसे- त्वचा में नमी की कमी, मौसम में बदलाव, ज्यादा सफाई, हार्ड केमिकल वाले प्रोडक्ट्स और अधिक एक्सफोलिएशन इसके कारण हैं। वहीं, लंबे समय तक बना रहने वाला खुरदरा टेक्सचर कभी-कभी स्किन से जुड़ी किसी समस्या से भी जुड़ी हो सकता है।

ध्यान रहे, त्वचा को बार-बार रगड़ने या अलग-अलग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। स्किन को हेल्दी रखने के लिए नियमित रूप से स्किनकेयर करना जरूरी है। ध्यान रहे, अगर ये समस्या लगातार बनी रहती है या उसके साथ खुजली, रेडनेस, दर्द या पपड़ी जैसी परेशानी दिखाई देती है, तो सही कारण जानने के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर होता है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • रूखी त्वचा किसकी कमी से होती है?

    शरीर में पानी की कमी, नेचुरल ऑयल्स की कमी, हार्ड केमिकल्स वाले साबुन का अन्य प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने, ठंडी हवा में रहने, उम्र बढ़ने और जरूरी पोषक तत्वों की कमी के कारण लोगों को स्किन के ड्राई होने की समस्या हो सकती है।
  • स्किन को स्मूद कैसे बनाएं?

    स्किन को स्मूद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से मॉइस्चराइज करें, सही स्किनकेयर रूटीन को फॉलो करें, गुनगुने पानी के इस्तेमाल से बचें, हेल्दी डाइट लें और स्किन को हल्के हाथ से एक्सफोलिएट करें।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 29, 2026 23:40 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Aug 29, 2026 23:40 IST

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