Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shireen Furtado , Sr. Consultant – Medical & Cosmetic Dermatology

फाइन लाइन्स आंखों के आसपास ही पहले क्यों दिखाई देती हैं? डॉक्टर से जानें

आंखों के आसपास की त्वचा पतली होने और फेशियल एक्सप्रेशन, धूप, स्मोकिंग जैसे कई कारणों से फाइन लाइन्स जल्दी दिखती हैं। डॉ. शिरीन के अनुसार, सनस्क्रीन, मॉइस्चराइजर और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इन्हें कम किया जा सकता है।

हमारी रोज की आदतें स्किन को प्रभावित करती हैं, उम्र बढ़ने और त्वचा की सही देखभाल न करने जैसी आदतों के कारण लोगों को आंखों के पास फाइन लाइन्स आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन कई बार लोगों के मन में सवाल आता है कि आंखों के पास ज्यादा फाइन लाइन्स क्यों दिखती है? आइए इस बारे में Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

आंखों के पास फाइन लाइन्स पहले क्यों दिखती हैं?

डॉ. शिरीन के अनुसार, आंखों के आस-पास अक्सर जल्दी फाइन लाइन्स इसलिए दिखाई देती हैं, क्योंकि इस हिस्से की त्वचा चेहरे के बाकी हिस्सों की तुलना में पतली और ज्यादा नाजुक होती है। ऐसा बार-बार होने वाले फेशियल एक्सप्रेशन, तेज धूप में रहने, स्मोकिंग, प्रदूषण, जेनेटिक्स, नींद की कमी, पानी की कमी, उम्र बढ़ने और स्ट्रेस में रहने के कारण आंखों के पास फाइन लाइन्स की समस्याएं हो सकती हैं।

1. फेशियल एक्सप्रेशन के कारण

आंखों के आस-पास की त्वचा में ऑयल ग्लैंड्स भी कम होते हैं, इसलिए यह आसानी से ड्राई हो सकती है। जब भी हम मुस्कुराते, हंसते, आंखें सिकोड़ते हैं या चेहरे के दूसरे हाव-भाव बनाते हैं, तो आंखों के आस-पास की मांसपेशियां त्वचा को बार-बार सिकोड़ती हैं। कई सालों तक, इन बार-बार होने वाली एक्टिविटी से ये लाइन्स धीरे-धीरे ज्यादा साफ दिखने लगती हैं।

इसे भी पढ़ें: स्किन पर ये 7 लक्षण हो सकते हैं समय से पहले बुढ़ापे के संकेत, न करें नजरअंदाज

2. तेज धूप के कारण

धूप में लंबे समय तक रहना भी आंखों के पास आने वाली फाइन लाइन्स का एक बड़ा कारण है। यूवी किरणें कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जो त्वचा को कसा हुआ और मुलायम बनाए रखने में मदद करते हैं। ऐसे में जो लोग बिना सनस्क्रीन लगाए ज्यादा समय बाहर बिताते हैं, उनमें झुर्रियां जल्दी दिख सकती हैं। तेज धूप में आंखें सिकोड़ने से भी आंखों के आस-पास बार-बार होने वाली एक्टिविटीज बढ़ सकती हैं।

why do fine lines appear early around the eyes 01

3. स्मोकिंग और वायु प्रदूषण के कारण

स्मोकिंग करने की आदत स्किन को प्रभावित करती है। स्मोकिंग और वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से भी त्वचा की सेल्स को नुकसान पहुंचता है, जिससे त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

4. उम्र बढ़ने और जेनेटिक्स के कारण

जेनेटिक्स और उम्र बढ़ने की नेचुरल प्रक्रिया भी अहम भूमिका निभाती है। कुछ लोगों में कम उम्र में ही फाइन लाइन्स बनने की संभावना ज्यादा होती है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, त्वचा धीरे-धीरे कम कोलेजन, इलास्टिन और नेचुरल ऑयल्स बनाती है, जिससे यह पतली और ड्राई हो जाती है और चेहरे की एक्टिविटीज के बाद अपनी असली हालत में वापस आने की क्षमता कम हो जाती है।

5. डिहाइड्रेशन के कारण

शरीर में पानी की कमी होने के कारण आंखों के पास की स्किन ड्राई होने लगती है। ऐसे में आंखों पास की स्किन के ड्राई होने और फेशियल एक्सप्रेशन्स देने से फाइन लाइन्स तेजी से बन सकती हैं। इसके अलावा, खान-पान पर ध्यान न देने के कारण भी लोगों को कई परेशानियां हो सकती हैं।

इसे भी पढ़ें: स्किन पर समय से पहले दिख रहे हैं एजिंग के संकेत? वजह हो सकती हैं आपकी ये लाइफस्टाइल गलतियां

6. नींद की कमी के कारण

नींद की कमी के कारण फाइन लाइन्स और झुर्रियां तेजी से बढ़ने लगती हैं। नींद की कमी से त्वचा के खुद को ठीक से रिपेयर करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। इससे स्किन बैरियर को नुकसान होने और एजिंग के लक्षणों के बढ़ने की समस्या हो सकती है।

7. स्ट्रेस में रहने से

लंबे समय तक तनाव में रहने के कारण पहले से मौजूद फाइन लाइन्स ज्यादा साफ दिख सकती हैं, हालांकि आमतौर पर ये ही एकमात्र कारण नहीं होता है। इसके कई अन्य कारण हो सकते हैं।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2026 में Journal of Cosmetic Dermatology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, आंखों के नीचे और आसपास का एरिया चेहरे के उन सबसे पहले हिस्सों में से है, जहां उम्र बढ़ने के लक्षण दिखाई देते हैं। इसके कारण पतली त्वचा, जलन, सेंसिटिविटी, कोलेजन और इलास्टिन के टूटने, वॉल्यूम और कसाव की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

फाइन लाइन्स को कम करने के लिए क्या करें?

डॉ. शिरीन बताती हैं, फाइन लाइन्स को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता, लेकिन स्किनकेयर पर ध्यान देकर कुछ अच्छी आदतों को अपनाने से फाइन लाइन्स को कम किया जा सकता है। जैसे-

  • ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
  • बाहर निकलने पर सनग्लासेस पहनें।
  • त्वचा को मॉइस्चराइज्ड रखें।
  • स्मोकिंग से बचें।
  • हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर भी स्किन को हेल्दी रखा जा सकता है।

निष्कर्ष

आंखों के आसपास फाइन लाइन्स दिखना हमेशा उम्र बढ़ने का संकेत नहीं होता है। इस हिस्से की पतली त्वचा, बार-बार होने वाले फेशियल एक्सप्रेशन, लंबे समय तक धूप में रहने, जेनेटिक्स कारण और नेचुरली उम्र बढ़ने की प्रक्रिया मिलकर फाइन लाइन्स को प्रभावित कर सकती हैं। स्किन की सही देखभाल और यूवी किरणों से बचाव फाइन लाइन्स के दिखने को कम करने में मदद कर सकते हैं। अगर आंखों के आसपास त्वचा में अचानक या असामान्य बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • चेहरे की फाइन लाइन्स से बचने के लिए क्या करें?

    फाइन लाइन्स बढ़ती उम्र के कारण होती हैं, लेकिन कम उम्र में इससे बचने के लिए स्किन को हाइड्रेट रखें, नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाएं और रोज सही तरीके से स्किनकेयर रूटीन को फॉलो करें।
  • आंखों के पास फाइन लाइन्स के क्या कारण है?

    उम्र बढ़ने, धूप में लंबे समय तक रहने, त्वचा में कोलेजन कम होने, त्वचा के सूखेपन, स्मोकिंग और प्रदूषण के कारण आंखों के पास फाइन लाइन्स आ सकती हैं।

Read Next

गर्दन की त्वचा चेहरे से ज्यादा डार्क क्यों दिखाई देती है? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Priyanka Sharma

Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 28, 2026 23:10 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Shireen Furtado

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content