Thu Oct 8, 2026 | 02:46 PM IST

Medically Reviewed by Dr Brunda M S , Internal Medicine

हाइपरथायरायडिज्म के मरीजों को ज्यादा भूख क्यों लगती है? डॉक्टर से जानें कारण

Hyperthyroidism and Hunger: हाइपरथायरायडिज्म के मरीजों को बाकी लोगों की तुलना ज्यादा भूख लगती है। यह मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्या है। आइए जानते हैं एक्सपर्ट से कि ऐसा क्यों होता है और इस स्थिति में कर क्या सकते हैं?
हाइपरथायरायडिज्म के मरीजों को ज्यादा भूख क्यों लगती है? डॉक्टर से जानें कारणहाइपरथायरायडिज्म के मरीजों को ज्यादा भूख क्यों लगती है? डॉक्टर से जानें कारण

Hyperthyroidism and Hunger: हाइपरथायरायडिज्म, एक ऐसी स्थिति है जिसमें थायराइड ग्लैंड जरूरत से ज्यादा थायराइड हार्मोन बनाती है। इसका असर पूरे शरीर पर होता है, लेकिन सबसे पहले और सबसे ज्यादा प्रभावित आपका मेटाबॉलिज्म हो सकता है। Dr. Brunda M S, Sr. Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangaluru बताती हैं कि इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए जिसकी मदद से आप अपनी भूख को कंट्रोल कर सकते हैं और बहुत सी समस्याओं से बच सकते हैं। क्या हैं यह? जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की राय।

हाइपरथायरायडिज्म में मेटाबॉलिज्म की गति क्यों बढ़ जाती है?

Dr. Brunda कहती हैं कि हाइपरथायरायडिज्म में,थायराइड ग्रंथि बहुत ज्यादा मात्रा में थायराइड हार्मोन बनाती है, जिससे शरीर की मेटाबोलिक गतिविधि बढ़ सकती है। ये हार्मोन इस बात पर असर डालते हैं कि शरीर कितनी तेजी से ऊर्जा का इस्तेमाल करता है जब इनका स्तर बहुत ज्यादा हो जाता है, तो शरीर सामान्य से ज्यादा तेजी से कैलोरी बर्न कर सकता है। नतीजतन, कुछ लोगों को ज्यादा भूख लगती है क्योंकि शरीर को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है। ज्यादा खाने के बावजूद, व्यक्ति का वजन कम हो सकता है क्योंकि उनकी ऊर्जा की खपत काफी बढ़ सकती है।

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हाइपरथायरायडिज्म में तेजी वेट लॉस क्यों होता है?

Dr. Brunda कहती हैं कि हाइपरथायरायडिज्म में तेजी से वेट लॉस के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिसमें कि पहला कारण है ओवरएक्टिव थायराइड ग्लैंड, अतिरिक्त T3 और T4 हार्मोन उत्पन्न करती है, जो आपके बेसल मेटाबोलिक रेट और कैलोरी बर्निंग को बढ़ा देते हैं। थायराइड हार्मोन आपकी कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव फॉस्फोराइलेशन की प्रक्रिया को अलग कर देते हैं, जिससे गर्मी ज्यादा पैदा होती है और ऊर्जा फैट के रूप में जमा होने के बजाय गर्मी के रूप में बर्बाद हो जाती है। इससे शरीर तेजी से अपना वजन खोने लगता है।

क्या वजन बढ़ा भी सकता है हाइपरथायरायडिज्म?

American Thyroid Association के अनुसार हाइपरथायरायडिज्म में भी वजन बढ़ सकता है क्योंकि जब आप ज्यादा भूख लगने की वजह से ज्यादा खाना खाते हैं या फिर लगातार कुछ न कुछ खाते रहते हैं तो आपका वजन बढ़ सकता है। हालांकि, यह हर किसी के साथ नहीं होता।

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क्या हाइपरथायरायडिज्म के हर व्यक्ति में वेट लॉस की समस्या होती है?

Dr. Brunda कहती हैं कि हाइपरथायरायडिज्म वाले हर व्यक्ति को भूख बढ़ने या वजन घटने की समस्या नहीं होती है। हाइपरथायरायडिज्म में भूख और शरीर के वजन के बीच का संबंध सिर्फ "तेज मेटाबॉलिज्म की वजह से ज्यादा खाना" कहने से कहीं ज्यादा जटिल है। थायराइड हार्मोन एक साथ कई प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं, जिनमें कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन का मेटाबॉलिज्म शामिल है। ऐसे में शरीर जमा हुई ऊर्जा का तेजी से इस्तेमाल कर सकता है ।

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हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण

डॉक्टर कहती हैं कि हाइपरथायरायडिज्म में शरीर कुछ अन्य लक्षणों को भी महसूस कर सकता है जैसे

  • गर्मी बर्दाश्त न कर पाना
  • पसीना आना
  • दिल की धड़कन बढ़ना
  • शरीर में कंपन
  • घबराहट
  • नींद न आना
  • बार-बार मल त्याग और मांसपेशियों में कमजोरी शामिल हो सकते हैं।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

जब यह स्थिति गंभीर हो या इसका इलाज न किया जाए, तो इससे वजन और मांसपेशियों में कमी आ सकती है। कुछ लोगों को लग सकता है कि उनकी भूख काफी बढ़ गई है, जबकि दूसरों की भूख में बहुत कम बदलाव हो सकता है। खासकर बुजुर्गों में कभी-कभी लक्षण उतने स्पष्ट नहीं होते हैं। लक्षणों की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि थायराइड हार्मोन का स्तर कितना ज्यादा है और यह स्थिति कितने समय से बनी हुई है।

निष्कर्ष:

लगातार भूख बढ़ना और बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना, इसे सीधे तौर पर हाइपरथायरायडिज्म का कारण नहीं मानना चाहिए। डायबिटीज, शारीरिक गतिविधि में बदलाव, खान-पान की आदतें, कुछ दवाएं और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी भूख और वजन को प्रभावित कर सकती हैं। अगर हाइपरथायरायडिज्म का संदेह हो, तो डॉक्टर लक्षणों का मूल्यांकन कर सकते हैं और ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं, जिनमें आमतौर पर थायराइड-उत्तेजक हार्मोन और थायरॉइड हार्मोन का मापन शामिल होता है।

अंतर्निहित थायराइड विकार का उपचार करने से आमतौर पर चयापचय और भूख को सामान्य स्थिति में लाने में मदद मिलती है। लोगों को केवल आहार प्रतिबंध के माध्यम से हाइपरथायरायडिज्म को नियंत्रित करने का प्रयास नहीं करना चाहिए, क्योंकि अंतर्निहित हार्मोनल असंतुलन के लिए उचित चिकित्सा मूल्यांकन और उपचार आवश्यक है।

FAQ

  • हाइपरथायराइड में क्या क्या नहीं खाना चाहिए?

    हाइपरथायराइड में आपको कैफीन, प्रोसेस्ड फूड्स, तेज नमक के सेवन से और ग्लूटेन ज्यादा लेने से बचना चाहिए। 
  • क्या चावल खाने से थायराइड बढ़ता है?

    चावल खाने से थायराइड नहीं बढ़ता, लेकिन अगर आप ज्यादा मात्रा में चावल खाते हैं तो आपका वजन बढ़ सकता है जो कि थायराइड कंट्रोल करने के प्रोसेस को प्रभावित कर सकता है।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 08, 2026 12:34 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Brunda M S