क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि सुबह मोबाइल पर कोई गाना सुना और उसके बाद वह धुन घंटों तक दिमाग में घूमती रही? आप काम कर रहे हों, खाना बना रहे हों या सोने की कोशिश कर रहे हों, अचानक वही गाना मन में बजने लगता है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि गाना सुनने का मन नहीं होता, फिर भी उसके बोल या धुन अपने आप याद आती रहती है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, किसी गाने का बिना इच्छा के बार-बार दिमाग में दोहराना काफी सामान्य है और इसे आमतौर पर ''इयरवॉर्म'' कहा जाता है। इसमें गाना वास्तव में कानों से सुनाई नहीं देता, बल्कि उसका कोई हिस्सा दिमाग में दोहराता रहता है।
न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत कुमार सुरिसेट्टी से समझिए कि संगीत और याददाश्त के बीच क्या संबंध है, दिमाग किसी धुन को दोहराता क्यों रहता है और चाहकर भी इस लूप को रोकना कई बार इतना मुश्किल क्यों हो जाता है।
एक ही गाना दिमाग में बार-बार क्यों बजता है?
न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, जब किसी गाने की धुन, बोल या कोई छोटा हिस्सा बार-बार दिमाग में दोहराता रहता है, तो इसे इयरवॉर्म (Earworm) कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को वास्तव में कानों से गाना सुनाई नहीं देता, बल्कि दिमाग में उसकी धुन या बोल दोहराते रहते हैं।
- न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, दिमाग में म्यूजिक को याद रखने और दोहराने की प्रोसेस कई तरह की मेंटल एक्टिविटीज से जुड़ी होती है।
- किसी गाने की धुन, बोल और उससे जुड़ी यादें दिमाग में एक-दूसरे से जुड़ सकती हैं। यही वजह है कि कभी-कभी गाना सुने बिना भी उसका कोई हिस्सा अचानक याद आ जाता है।
- इसके पीछे सबसे सामान्य कारण बार-बार उस गाने को सुनना हो सकता है। जब कोई धुन लगातार सुनाई देती है, तो दिमाग उसके पैटर्न को आसानी से पकड़ लेता है। इसके बाद वही धुन अपने आप याद आ सकती है।
- इसके अलावा, किसी गाने से जुड़ी भावना या याद भी उसे दिमाग में दोबारा एक्टिव कर सकती है। उदाहरण के लिए, किसी खास व्यक्ति, जगह या घटना से जुड़ा गाना अचानक उसी व्यक्ति या घटना के बारे में सोचते समय दिमाग में चलने लग सकता है।
- कई बार कोई गाना इसलिए भी अटक जाता है क्योंकि उसकी धुन बहुत सरल या आसानी से याद रहने वाली होती है। अधूरी सुनी हुई धुन भी दिमाग को उसे पूरा करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
- दिमाग का ध्यान जिस चीज पर बार-बार जाता है, उसका मानसिक दोहराव अपने आप मजबूत हो सकता है। खासकर जब हम खुद से कहते हैं कि मुझे यह गाना नहीं सोचना है, तो अनजाने में हमारा ध्यान उसी गाने पर बना रह सकता है।
- थकान, तनाव, बोरियत या खाली समय में भी ऐसी धुनें ज्यादा ध्यान खींच सकती हैं, क्योंकि उस समय दिमाग के पास बाहरी एक्टिविटीज से मिलने वाला ध्यान कम होता है।
- इसलिए कई लोगों को सोने से पहले या किसी शांत समय में एक ही गाना बार-बार याद आने लगता है।
साल 2023 में Quarterly Journal of Experimental Psychology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, दिमाग में किसी गाने का बार-बार घूमना एक आम बात है। नए गानों को सुनने की संख्या यानी एक्सपोजर बढ़ने से अगले दिन काम के दौरान मेंटल फोकस पर असर पड़ता है, हालांकि यह प्रभाव गाने की खासियत पर भी निर्भर करता है।
इस स्टडी में पाया गया कि समय के साथ गानों से जुड़ाव, उनकी पहचान और साथ में गाने की इच्छा सभी में काफी बढ़ोतरी हुई। ये नतीजे यह समझने में मदद करते हैं कि किसी गाने का परिचय और उसकी धुन मिलकर कैसे हमारे दिमाग में बस जाते हैं और इरवर्म को जन्म देते हैं।

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गाना दिमाग से निकालने के लिए क्या करें?
न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत कुमार सुरिसेट्टी सलाह देते हैं कि गाने को जबरदस्ती रोकने की कोशिश करने के बजाय ध्यान को किसी दूसरी एक्टिविटी में लगाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
- बातचीत करना, पढ़ना, कोई काम करना या ऐसा संगीत सुनना जो पूरी तरह अलग हो, ध्यान को दूसरी दिशा में ले जा सकता है।
- कभी-कभी गाने को एक बार पूरा सुन लेना भी मदद कर सकता है, खासकर जब दिमाग किसी अधूरे हिस्से को बार-बार दोहरा रहा हो।
- पर्याप्त नींद, तनाव कम करना और खाली समय में खुद को किसी एक्टिविटी में बिजी रखना भी इस अनुभव को कम कर सकता है।
कब डॉक्टर से बात करनी चाहिए?
न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, कभी-कभार किसी गाने का दिमाग में अटक जाना सामान्य अनुभव है लेकिन यदि म्यूजिक लगातार सुनाई देने लगे, जबकि आस-पास कोई संगीत न बज रहा हो या इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण भी महसूस हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर तब, जब यह समस्या रोजमर्रा के काम, नींद या फोकस को प्रभावित करने लगे।
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निष्कर्ष
एक ही गाना बार-बार दिमाग में बजना अक्सर दिमाग की याददाश्त, ध्यान और म्यूजिक से जुड़े पैटर्न को दोहराने की नॉर्मल प्रोसेस का हिस्सा होता है। इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं होती। गाने को जबरदस्ती दिमाग से निकालने के बजाय ध्यान को दूसरी एक्टिविटी में लगाना ज्यादा मददगार हो सकता है। हालांकि, यदि बिना किसी बाहरी सोर्स के संगीत लगातार सुनाई देता है या समस्या आपके डेली रूटीन को प्रभावित कर रही है, तो एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है।
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FAQ
क्या किसी गाने का अचानक याद आना नॉर्मल है?
कभी-कभार बिना किसी खास वजह के किसी गाने की धुन या बोल याद आ जाना नॉर्मल मानसिक अनुभव हो सकता है। यह जरूरी नहीं कि आपने उस गाने को हाल ही में सुना ही हो।गाना सुनने से क्या फायदा होता है?
गाना सुनने से हमें बहुत फायदे मिलते हैं, इससे तनाव कम हो सकता है और मूड फ्रेश हो सकता है, इसके अलावा गाना सुनने से कई लोगों को अच्छी नींद भी आती है।
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Sep 17, 2026 11:41 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Bharath Kumar Surisetti