Tue Sep 15, 2026 | 09:51 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

तनाव होने पर ट्राई करें ये 4 आसान ब्रीदिंग एक्सरसाइज, तुरंत रिलैक्स होगा माइंड

जब व्‍यक्‍त‍ि स्‍ट्रेस में होता है, तो उसे सांस लेने में समस्‍या होती है शरीर में ख‍िंचाव महसूस होता है। बेचैनी भी हो सकती है। इससे राहत के ल‍िए कुछ आसान ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज को कभी भी और कहीं भी कर सकते हैं। जानें ऐसी 4 एक्‍सरसाइज के बारे में।

आजकल स्‍ट्रेस हमारी लाइफस्‍टाइल का ह‍िस्‍सा बन चुका है। स्‍ट्रेस का असर र‍िश्‍तों और काम पर पड़ता है। एक समय के बाद जब स्‍ट्रेस द‍िमाग पर पूरी तरह से कंट्रोल कर लेता है, तो शरीर का ख्‍याल रखना मुश्‍क‍िल हो जाता है और तरह-तरह की बीमार‍ियां होने लगती हैं। स्‍ट्रेस को दूर करने का एक आसान तरीका है क‍ि आप ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज को चुनें। जब हम धीरे-धीरे और गहरी सांस लेते हैं, खासकर पेट से सांस लेने की कोशिश करते हैं, तो हमारा ध्यान सांस लेने की प्रक्रिया पर जाता है। इससे तनाव बढ़ाने वाले विचारों से ध्यान कुछ समय के लिए हटाने में मदद मिल सकती है। नियंत्रित सांस लेने से शरीर में रिलैक्सेशन रिस्पॉन्स एक्‍ट‍िव करने में भी मदद मिल सकती है। ब्रीदिंग एक्सरसाइज की एक खास बात यह है कि इसे करने के लिए किसी मशीन या विशेष जगह की जरूरत नहीं होती। व्यक्ति इन्हें घर, ऑफिस या किसी शांत जगह पर कुछ मिनट के लिए कर सकता है। नियमित अभ्यास से तनाव महसूस होने पर सांस को कंट्रोल करना और खुद को शांत करना आसान हो सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 4 ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज के बारे में। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

Harvard Medical School के मुताब‍िक, ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज स्‍ट्रेस कंट्रोल कर सकती हैं। इसमें सांस लेते समय अपना ध्यान, भटकाने वाले विचारों और दूसरी चीजों से हटाकर सांस लेने की प्रक्रिया पर केंद्रित किया जाता है। यह तकनीक खासतौर पर उन लोगों के लिए मददगार हो सकती है, जिन्हें ईट‍िंग ड‍िसऑर्डर हैं और जो पॉज‍िट‍िव तरीके से ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

1. डीप बेली ब्रीदिंग कैसे करें?

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  • आरामदायक स्थिति में बैठें।
  • अपने कंधों को ढीला छोड़ दें।
  • एक हाथ पेट पर रखें।
  • नाक से धीरे-धीरे सांस लें।
  • महसूस करें कि सांस लेते समय पेट ऊपर उठ रहा है।
  • मुंह से धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • 5 से 10 बार सांस लें और छोड़ें।

फायदे

  • हार्ट हेल्‍थ को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है।
  • फेफड़ों की सेहत सुधरती है।
  • तनाव के कारण होने वाली मांसपेशियों की जकड़न को कम करने में मदद मिल सकती है।

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2. 4-4-4 ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज कैसे करें?

  • 4 सेकंड तक धीरे-धीरे सांस अंदर लें।
  • 4 सेकंड तक सांस रोककर रखें।
  • 4 सेकंड तक धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
  • इसे कई बार दोहराएं।

फायदे

  • स्‍ट्रेस मैनेज करने के साथ बीपी कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।
  • च‍िंता और बेचैनी कम करने में मदद म‍िलती है।
  • अन‍िद्रा से बचाव में मदद म‍िलती है।
  • ध्यान और एकाग्रता सुधरती है।

3. अनुलोम-विलोम प्राणायाम कैसे करें?

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  • आरामदायक स्थिति में बैठ जाएं और रीढ़ को सीधा रखें।
  • आंखें बंद करके कुछ सामान्य सांसें लें।
  • दाहिने हाथ के अंगूठे से अपनी दाहिनी नाक बंद करें।
  • बाईं नाक से धीरे-धीरे सांस अंदर लें।
  • अब अनामिका उंगली से बाईं नाक बंद करें और दाईं नाक से धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
  • दाईं नाक से सांस अंदर लें।
  • दाईं नाक बंद करके बाईं नाक से धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
  • इसी क्रम को कुछ बार दोहराएं।

फायदे

  • स्‍ट्रेस और बेचैनी कम करने में मदद म‍िलती है।
  • बीपी कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।
  • हार्ट हेल्‍थ को सपोर्ट म‍िलता है।
  • ऑक्‍सीडेट‍िव स्‍ट्रेस कम होता है।
  • सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है।
  • नींद की गुणवत्ता सुधरती है।

4. 4-7-8 ब्रीदि‍ंग एक्‍सरसाइज कैसे करें?

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  • आरामदायक स्थिति में बैठें या लेटें।
  • मुंह बंद करके नाक से 4 सेकंड तक धीरे-धीरे सांस अंदर लें।
  • 7 सेकंड तक सांस रोककर रखें।
  • अब मुंह से 8 सेकंड तक धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
  • इस प्रक्रिया को शुरुआत में 3 से 4 बार दोहराया जा सकता है।
  • सांस लेते और छोड़ते समय शरीर को ढीला रखें और जोर न लगाएं।

फायदे

  • शरीर और दिमाग को रिलैक्स करने में मदद कर सकती है।
  • हृदय गति को धीमा करने में मदद मिल सकती है।
  • बेचैनी और मानसिक तनाव कम करने में मदद मिल सकती है।

इन बातों का ध्‍यान रखें

  • ब्रीदिंग एक्सरसाइज करते समय सही तकनीक अपनाना जरूरी है। इसल‍िए इन बातों का ध्‍यान रखें-
  • आरामदायक जगह चुनें। ऐसी जगह पर बैठें या लेटें, जहां आप कंफर्ट फील करें।
  • सांस को बहुत तेज, बहुत गहरा या जबरदस्ती अंदर-बाहर न करें।
  • सांस फूलना, चक्कर, सीने में दर्द या घबराहट महसूस होने पर तुरंत एक्सरसाइज रोक दें।
  • शुरुआत में कुछ मिनट अभ्यास करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
  • खाने के तुरंत बाद ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज न करें। खासकर पेट से गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज भोजन के तुरंत बाद करने से बचना चाह‍िए।

नि‍ष्‍कर्ष:

स्‍ट्रेस दूर करने के ल‍िए डीप बेली ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज, 4-4-4 ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज, अनुलोम-विलोम प्राणायाम और 4-7-8 ब्रीदि‍ंग एक्‍सरसाइज कर सकते हैं। इन ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज से स्‍ट्रेस कंट्रोल होगा और हार्ट हेल्‍थ भी बेहतर होगी।

image credit: magnific

FAQ

  • ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

    ब्रीदिंग एक्सरसाइज को सुबह, सोने से पहले या तनाव महसूस होने पर किया जा सकता है। सबसे जरूरी है कि आप इसे आरामदायक और शांत माहौल में करें।
  • क्या अस्थमा वाले लोग ब्रीदिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं?

    कुछ ब्रीदिंग तकनीकें अस्थमा वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। हालांक‍ि, क‍िसी नई तकनीक को अपनाने से पहले डॉक्‍टर से सलाह लेना न भूलें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 15, 2026 20:05 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

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