अपने देखा होगा कि PCOS से पीड़ित महिलाएं यह शिकायत करती हैं कि वेट लॉस जर्नी में उनका वजन तो कम हो जाता है, लेकिन पेट की चर्बी कम नहीं होती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर PCOS, जिसे अब PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) कहा जाता है, में वजन कम करने के बावजूद पेट की चर्बी कम क्यों नहीं होती है? इस बारे में एक्सपर्ट बताते हैं कि ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि PCOS के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस और हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में पेट की चर्बी आसानी से कम नहीं होती है। आइए, वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से इस प्रक्रिया को और बेहतर तरीके से जानते-समझते हैं।
PCOS में पेट की चर्बी क्यों नहीं कम होती है?
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1. इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी समस्या
PCOS में वजन कम होने के बाद भी पेट की चर्बी नहीं घटती है। दरअसल, ऐसा इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी समस्या के कारण होता है। डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "PCOS से पीड़ित करीब 80 फीसदी महिलाओं को इंसुलिन रेजिस्टेंस की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। लगातार इंसुलिन रेजिस्टेंस रहने से शरीर की कोशिकाएं शुगर को सही से एब्जॉर्ब करना बंद कर देती हैं। नतीजतन, पैनक्रियाज लगातार भारी मात्रा में इंसुलिन बनाता रहता है। इंसुलिन बढ़ने से फैट-स्टोरेज भी बढ़ना लगता है। चूंकि पेट की फैट सेल्स में इंसुलिन रिसेप्टर्स सबसे अधिक होते हैं, इसलिए शरीर अतिरिक्त ऊर्जा को विसरल फैट में बदल देता है, जो आसानी से कम नहीं होता है।"
साल 2023 में Nutrients में प्रकाशित एक पीयर-रिव्यूड वैज्ञानिक शोध के अनुसार, PCOS महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस के खतरे को बढ़ा देता है। इससे उनमें बेली फैट बढ़ने का जोखिम भी बढ़ता है।
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2. एंड्रोजन हार्मोन में इजाफा
साल 2023 में प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मेडिकल जर्नल Frontiers in Endocrinology में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध पत्र के अनुसार, PCOS में एंड्रोजन यानी मेल हार्मोन बढ़ सकता है, जो कि महिलाओं में विसरल फैट को बढ़ावा देता है। ध्यान रखें कि PCOS होने के कारण महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर गिर जाता है और एंड्रोजन जैसे मेल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। मेल हार्मोन फैट सेल्स के काम करने के तरीके को काफी हद तक प्रभावित करता है। ऐसे में फैट स्टोरेज बढ़ जाता है, विशेषकर पेट की ओर। यही कारण है कि PCOS के दौरान वजन कम करने की कोशिश के बावजूद पेट में मौजूद विसरल फैट नहीं घटता है।
3. सूजन का बढ़ना
विसरल फैट शरीर के लिए सही नहीं है। PCOS के कारण महिलाओं के शरीर में पहले से ही इंसुलिन रेजिस्टेंस और अन्य हार्मोन से जुड़ी समस्या हो जाती है, फैट स्टोर बढ़ता है। साल 2024 में International Journal of Women's Health में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि विसरल फैट यानी पेट के आस-पास मौजूद फैट सिर्फ स्टोर नहीं रहता है, बल्कि यह खास किस्म का केमिकल भी रिलीज करता है, जिससे शरीर में सूजन पैदा हो जाती है। यह सूजन आपके इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या को और ज्यादा बढ़ा देती है, जिसकी वजह से विसरल फैट वहीं जमा रहता है।
4. कोर्टिसोल में बढ़ोतरी
डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "PCOS से ग्रस्त महिलाएं अक्सर तनाव से जूझ रही होती हैं। इसके पीछे सिर्फ उनका खराब स्वास्थ्य ही जिम्मेदार नहीं होता है, कई बार खराब जीवनशैली और पारिवारिक जिम्मेदारियां भी इसकी वजह बनती हैं। ऐसे में उनके शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। कोर्टिसोल एक तरह का स्ट्रेस हार्मोन है। यह हार्मोन शरीर को इमरजेंसी कंडीशन समझकर पेट की विसरल फैट को बचाकर रखने का संकेत देता है। इसका मतलब है कि तनाव के बढ़ने से भी विसरल फैट कम नहीं होता है।"
5. एक्सरसाइज की कमी
डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, "वजन कम करने के लिए सिर्फ डाइट में कटौती करना काफी नहीं होता है। बहुत जरूरी है कि PCOS से पीड़ित महिलाएं पेट की चर्बी घटाने के लिए नियमित रूप से वर्कआउट करें। कई महिलाएं वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज करती हैं, लेकिन उसका तरीका सही नहीं होता है। पेट की चर्बी कम करनी है, तो किसी प्रोफेशनल की मदद से वर्कआउट करें।"
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PCOS में बेली फैट कम करने के लिए क्या खाएं?
| क्रम | क्या खाएं? | विशेषता |
| 1. | लो ग्लाइसेमिक फूड का सेवन करें |
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| 2. | प्रोटीन को महत्व दें |
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| 3. | फाइबर है जरूरी |
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| 4. | हेल्दी फैट खाएं |
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PCOS में बेली फैट कम करने के लिए कौन-सी एक्सरसाइज करें?
PCOS में बेली फैट कम करने के लिए सिर्फ सही डाइट को फॉलो करना काफी नहीं होता है। आपको इसके अलावा नियमित रूप से एक्सरसाइज भी करनी चाहिए। डाॅक्टर सलाह देती हैं-
- नियमित रूप से स्ट्रेंथ वर्कआउट करें। मसल्स बनाने पर जोर दें। इसके लिए हफ्ते में दो से चार बार वेट लिफ्टिंग (स्ट्रेंथ ट्रेनिंग) करें। मांसपेशियां आपके शरीर को अतिरिक्त इंसुलिन की जरूरत पड़े बिना ही ग्लूकोज को हटाने में मदद करती हैं।
- इसके अलावा, रोजाना अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज अवश्य करें। इससे शरीर की इंसुलिन को प्रोसेस करने की क्षमता में सुधार होता है। इसके लिए, वॉक, साइकिलिंग और स्विमिंग जैसी एक्टिविटी कर सकती हैं।
डाॅक्टर की सलाह
डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, PCOS में बेली फैट कम करना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि बेली फैट कम नहीं हो सकता है। इसके अलावा, आपको डाइट और एक्सरसाइज के साथ-साथ कुछ अन्य चीजों पर भी गौर करना चाहिए, जैसे-
- तनाव कम लें। आप जितना ज्यादा तनाव में रहेंगी, वेट लॉस करना उतना ही मुश्किल होगा।
- तनाव कम करने से कोर्टिसोल का स्तर भी घटेगा। इसके लिए, योग, मेडिटेशन आदि कर सकती हैं।
- रोज 8-9 घंटे की गहरी नींद जरूर लें। अच्छी नींद से शरीर का सर्कैडियन रिदम सही रहता है, जो कि मेटाबाॅलिज्म में सुधार करता है।
- अगर तमाम कोशिशों के बावजूद बेली फैट कम नहीं हो रहा है, तो परेशान न हों। बेहतर है कि एक बार डाॅक्टर से संपर्क कर अपनी जांच करवा लें।
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निष्कर्ष
PCOS में बेली फैट कम करना मुश्किल जरूर है, लेकिन यह नामुमकिन नहीं है। हां, इस बात को ध्यान में रखें कि रातों-रात वजन कम नहीं होता है। यह एक लंबी प्रक्रिया है। इसके लिए आपको अपनी डाइट के साथ-साथ जीवनशैली में सुधार करना होगा और तनाव को मैनेज करने पर जोर देना होगा। निश्चित रूप से सही दिशा में काम करने से बेली फैट धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
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FAQ
बेली फैट घटाने के लिए कम से कम कितनी देर की नींद जरूरी होती है?
PCOS में बेली फैट कम करने के लिए रोज 7-8 घंटे की गहरी नींद लेनी चाहिए। गहरी नींद में मेलाटोनिन और ग्रोथ हार्मोन रिलीज होता है, जिससे रात के समय फैट बर्निंग प्रक्रिया बेहतर होती है।क्या PCOS में ज्यादा कार्डियो करने से पेट की चर्बी जल्दी कम होती है?
नहीं ऐसा नहीं होता है। इसके उलट अधिक कार्डियो करने से शरीर में तनाव हार्मोन कोर्टिसोल बढ़ सकता है, जो PCOS में बेली फैट को और अधिक बढ़ा देता है।
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Sep 22, 2026 09:51 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta
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