Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

PCOS में वजन कैसे कम करें? एक्सपर्ट से जानें

कई महिलाएं PCOS के कारण वजन बढ़ने की समस्या से परेशान रहती हैं और बहुत मेहनत के बाद भी वजन कम नहीं कर पाती हैं। हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज करने जैसे हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करके वजन को कम किया जा सकता है।

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आज के समय में बहुत सी महिलाएं PCOS से परेशान रहती हैं। पीसीओएस में महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ जाता है, जिसके कारण वजन बढ़ने, पीरियड्स के अनियमित होने, बालों के झड़ने, मूड स्विंग्स होने, शरीर और चेहरे पर अनचाहे बाल आने और मुंहासों जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इस स्थिति में महिलाओं के लिए वजन कम करना एक मुश्किल काम होता है। ऐसे में अक्सर उनके मन में सवाल उठता है कि पीसीओएस की स्थिति में वजन कम करने के लिए क्या करना चाहिए? ऐसे में Dr. Gayathri Karthik Nagesh, Program Director - Department of Obstetrics & Gynaecology, Aster CMI Hospital, Bangalore और जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं पीसीओएस में वजन कम करना मुश्किल होता है, लेकिन लाइफस्टाइल में सुधार करके वजन कम किया जा सकता है। 

PCOS में वजन बढ़ने का कारण

PCOS में वजन बढ़ने की समस्या इसका एक सामान्य लक्षण है। इस स्थिति में इंसुलिन रेजिस्टेंस और हार्मोनल असंतुलन (खासकर एंड्रोजन हार्मोन के बढ़ने) के कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है, जिसके कारण सामान्य डाइट लेने पर भी शरीर में फैट (खासकर पेट के पास) जमा होने और तेजी से वजन बढ़ने की समस्या होती है। 

PCOS में कितना वजन कम करना काफी होता है?

2025 में Journal Of Personalized Medicine में प्रकाशित स्टडी के अनुसार PCOS में प्रजनन, मेटाबॉलिज्म और दिल से जुड़े जोखिमों की संभावना को कम करने के लिए महिलाओं को कम से कम कुल वजन का 5% कम करना जरूरी है। इतना वजन कम करने से ओव्यूलेशन बेहतर होता है, हाइपरएंड्रोजेनिज्म और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होता है। इस स्टडी में यह भी बताया गया है कि इनफर्टिलिटी का इलाज कराने वाली ज्यादा वजन वाली महिलाओं में 10% वजन कम करना फायदेमंद साबित हुआ है। 

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PCOS में वजन कम करने के लिए क्या करें?

डॉ. गायत्री कार्तिक नागेश के अनुसार, "PCOS को सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करके कुछ हद तक मैनेज किया जा सकता है। पीसीओएस से परेशान महिलाओं के लिए वजन कम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि बैलेंस और लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली डाइट लें और नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटीज को बढ़ावा दें। ऐसा करने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या में सुधार करने, मेटाबॉलिज्म में सुधार करने और वजन कम करने में मदद मिल सकती है।"

Nutrients (2021) में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, PCOS में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स डाइट लेने, डिसिप्लींन के साथ परहेज करने, फिजिकल एक्टिविटीज करने और ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने से HDL यानी अच्छा कोलेस्ट्रॉल और SHBG (एक जरूरी प्रोटीन है, जो हार्मोन्स को कंट्रोल करता है) के लेवल को बढ़ाने और शरीर की चर्बी को कम करने में मदद मिल सकती है।

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, "PCOS शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने और मेटाबॉलिक समस्याओं के कारण होता है। इसके कारण अक्सर महिलाओं को वजन बढ़ने जैसी परेशानी का सामना करना पड़ता है, कई मामलों में इसको कम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पीसीओएस से राहत देने और वजन कम करने के लिए हेल्दी और लो ग्लाइसेमिक वाले फूड्स को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इसके साथ-साथ शरीर को हाइड्रेट रखना और नियमित एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है।"

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लो ग्लाइसेमिक फूड्स

पीसीओएस में वजन कम करने के लिए महिलाओं को लो ग्लाइसेमिक और पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स को डाइट में शामिल करना चाहिए। इसके लिए महिलाएं हरी सब्जियों, फलों, सीड्स, नट्स, दालें और साबुत अनाज जैसे फूड्स को डाइट में शामिल कर सकती हैं। ऐसा करने से शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने, इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या से राहत देने और वजन को नियंत्रित करने जैसे पीसीओएस के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है।

प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स युक्त फूड्स खाएं

पीसीओएस में वजन कम करने के लिए डाइट में लीन प्रोटीन, फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर हरी सब्जियों, फलों, ड्राई फ्रूट्स और साबुत अनाज जैसे फूड्स को हर मील में शामिल करें। इनका सेवन करने से पेट को लंबे समय तक भरा रखने, मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने, ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकने, ओवरईटिंग से बचाव करने में मदद मिलती है, साथ ही इससे स्वास्थ्य में सुधार करने में भी मदद मिलती है। 

शरीर को हाइड्रेटेड रखें

वजन कम करने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना भी फायदेमंद होता है। दिनभर में पर्याप्त पानी पीने से शरीर को नेचुरली डिटॉक्स करने, मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने और पाचन प्रक्रिया में सुधार करने में मदद मिलती है, जिससे वजन नियंत्रित रह सकता है।

2025 में Physiology And Behavior में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, पानी पीने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं, जिसमें वजन घटना, समय के साथ वजन कम बढ़ना और खाली पेट ग्लूकोज या इंसुलिन के लेवल में कमी आना शामिल है।

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अनहेल्दी फूड्स को खाने से बचें

पीसीओएस या नॉर्मल स्थिति में वजन कम करने के लिए महिलाओं को रिफाइंड शुगर, मैदा, व्हाइट ब्रेड, प्रोसेस्ड फूड्स और जंक फूड्स को खाने से बचना चाहिए। इनका अधिक सेवन करने के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होने, ब्लड शुगर का स्तर और वजन बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके कारण पीसीओएस की स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। 

नियमित योग और एक्सरसाइज करें

वजन कम करने के लिए अक्सर लोगों को नियमित एक्सरसाइज और योग करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं को वजन कम करने के लिए नियमित रूप से 30 मिनट के लिए वॉकिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी एक्सरसाइज और योग करना चाहिए। ऐसा करने से शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट को कम करने और शरीर में हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद मिलती है, जो पीसीओएस के लक्षणों को कुछ हद तक कम करने में सहायक हो सकता है। 

2024 में BMC Women's Health में प्रकाशित स्टडी के अनुसार PCOS से पीड़ित महिलाओं में वजन घटाने और BMI कम करने के लिए मध्यम-तीव्रता वाला एरोबिक एक्सरसाइज सबसे ज्यादा प्रभावी एक्सरसाइज माना जाता है। 

लंबे समय तक भूखा रहने से बचें

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं, पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक भूखा रहने से बचना चाहिए। इसके अलावा, वजन कम करने के लिए हेल्दी और पोषक तत्वों से युक्त फूड्स को छोटे-छोटे मील करके खाएं। ऐसा करने से पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाए रखने, मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने और वजन कम करने में मदद मिल सकती है। 

स्ट्रेस कम करें

पीसीओएस में अधिक स्ट्रेस में रहने और पर्याप्त नींद न ले पाने के कारण महिलाओं को हार्मोन्स के असंतुलित होने और वजन बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हार्मोन्स को बैलेंस रखने और वजन को नियंत्रित रखने के लिए भरपूर नींद लेना और स्ट्रेस को कम करना जरूरी है। स्ट्रेस को कम करने के लिए मेडिटेशन करना फायदेमंद हो सकता है।

डॉ. गायत्री कार्तिक नागेश कहती हैं कि, "वजन कम करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को नियमित रूप से फॉलो करना जरूरी हो जाता है, क्योंकि धीरे-धीरे और लगातार वजन कम करना पीसीओएस के लक्षणों को नियंत्रित करने में अधिक प्रभावी होता है। इसके लिए छोटे-छोटे मील लें।"

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डॉक्टर से सलाह कब लें?

लंबे समय से पीसीओएस बने रहने के कारण डाइट में सुधार करने और लाइफस्टाइल में बदलाव करने के बाद भी लगातार वजन बढ़ने, बैलेंस डाइट रखने या एक्सरसाइज करने पर वजन कम न होना और अचानक से वजन बढ़ने जैसी समस्याएं होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा भी पीसीओएस से जुड़े अन्य लक्षणों जैसे ज्यादा मुंहासे होने, लंबे समय तक पीरियड्स के अनियमित होने, बालों के झड़ने और चेहरे पर अनचाहे बाल आने की समस्या को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ऐसा करने से पीसीओएस के कारण होने वाली समस्याओं को समय रहते कम किया जा सकता है और किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। 

निष्कर्ष

PCOS में अक्सर महिलाओं को वजन बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पीसीओएस की स्थिति में वजन कम करने के लिए सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना जरूरी हो जाता है। इसके लिए नियमित रूप से धीरे-धीरे अपने रूटीन में बदलाव करें, एक्टिव रहने की कोशिश करें और हेल्दी आदतें डालें। ऐसा करने से न सिर्फ वजन कम करने में मदद मिलती है, बल्कि ऐसा करने से शरीर को एनर्जी देने, पीसीओएस के लक्षणों को नियंत्रित रखने और स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • PCOS में क्या नहीं खाना चाहिए?

    पीसीओएस की स्थिति में महिलाओं को मैदा, प्रोसेस्ड फूड, अधिक मीठा, शुगरी ड्रिंक्स, अधिक नमक युक्त फूड, पैकेज्ड फूड, तला-भुने और अधिक मसालेदार फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए। इनका सेवन करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ सकती है।
  • क्या पीसीओएस मोटापे के कारण होता है?

    पीसीओएस मोटापे के कारण नहीं होती है, लेकिन मोटापा पीसीओएस के लक्षणों को बढ़ावा दे सकता है, साथ ही इसकी स्थिति को अधिक बिगाड़ सकता है।
  • क्या पीसीओएस वजन घटाने से दूर हो सकता है?

    पीसीओएस की स्थिति में अक्सर महिलाओं को वजन बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इस स्थिति में वजन कम करने से पीसीओएस को कुछ हद तक कम किया जा सकता है, साथ ही इससे हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद मिल सकती है।
  • पीसीओएस बढ़ने के क्या लक्षण हैं?

    पीसीओएस बढ़ने पर महिलाओं को पीरियड्स के अनियमित होने, चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल आने, वजन बढ़ने, मुंहासों की समस्या होने, बालों के झड़ने, पतला होने, त्वचा में बदलाव आने, थकान होने, मूड स्विंग्स की समस्या होने और फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ने की समस्या हो सकती है।
  • क्या पीसीओएस पेट की चर्बी का कारण बनता है?

    पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की समस्या होने पर शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोन्स के असंतुलित होने और मेटाबॉलिक समस्या बढ़ने लगती है। जिसके कारण पेट के आसपास फैट के जमा होने की समस्या होने लगती है।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 15, 2026 19:03 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Apr 15, 2026 19:03 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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