Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या PCOS के कारण बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है?

PCOS में बार-बार पेशाब आने की समस्या  इंसुलिन रेजिस्टेंस और हार्मोनल असंतुलन के कारण हो सकती है। ऐसी स्थिति में कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए, जानने के लिए पूरे लेख को पढ़ें।

PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) केवल अनियमित पीरियड्स या चेहरे पर अनचाहे बालों से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के सभी फंक्शन को प्रभावित करता है। कई महिलाएं PCOS के साथ बार-बार पेशाब आने जैसी समस्या का सामना करती हैं। हालांकि, महिलाएं इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जबकि इसके पीछे इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोनल असंतुलन और पेल्विक दबाव जैसे महत्वपूर्ण कारण छुपे होते हैं। यहां सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? इस लेख में हम गहराई से समझेंगे कि PCOS और यूरिनरी हेल्थ के बीच क्या संबंध है और इस समस्या को कैसे मैनेज किया जा सकता है? यह लेख Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता ने रिव्यू किया है।

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PCOS में बार-बार पेशाब आने के कारण

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  • इंसुलिन रेजिस्टेंसः CDC के अनुसार, PCOS से पीड़ित आधे से अधिक महिलाओं में 40 वर्ष की आयु तक टाइप 2 डायबिटीज विकसित हो जाती है। डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "टाइप 2 डायबिटीज के मुख्य लक्षणों में बार-बार प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना शामिल हैं। असल में जब ब्लड शुगर हाई होता है, तो शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालता है। इसलिए, PCOS में मरीज को बार-बार पेशाब आने की समस्या हो जाती है।"
  • मोटापाः PCOS से ग्रस्त कई महिलाओं में मोटापा देखा जाता है। मोटापा भी बार-बार पेशाब आने का एक मुख्य कारण है। European Journal of Obstetrics & Gynecology and Reproductive Biology के अनुसार, मोटापे के कारण ब्लैडर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से लगातार पेशाब आने की अर्ज महसूस होती रहती है। दरअसल, मोटापा पेल्विक फ्लोर मसल्स को कमजोर कर देता है, जिससे ब्लैडर पेशाब को लंबे समय तक होल्ड नहीं कर पाता है।
  • हार्मोनल इंबैलेंसः Archives of Gynecology and Obstetrics के अनुसार, PCOS एक हार्मोनल डिसऑर्डर है, इसका जिक्र हमने पहले भी किया था। PCOS की वजह से महिला के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ सकता है। Springer Nature journal से यह भी पता चलता है, "महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन के स्तर और ब्लैडर स्टोरेज का गहरा कनेक्शन है। हार्मोनल असंतुलन की वजह से ब्लैडर इरिटेशन बढ़ जाती है, जिससे बार-बार पेशाब आने लगता है।"
  • संक्रमण का रिस्कः PCOS होने पर कई महिलाओं की इम्यूनिटी बहुत कमजोर हो जाती है। ऐसी महिलाओं में यूटीआई का रिस्क बढ़ जाता है। Current Paediatrics के अनुसार, जब हाई ब्लड प्रेशर हो, तो यूटीआई का खतरा अधिक होने लगता है। यूटीआई में कई लक्षण नजर आते हैं, जैसे योनि में जलन होना, व्हाइट डिस्चार्ज बढ़ना, योनि से दुर्गंध आना आदि। इसके साथ-साथ बार-बार पेशाब आने की समस्या भी होने लगती है।

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PCOS में बार-बार पेशाब आने को कैसे मैनेज करें?

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PCOS में बार-बार पेशाब आने की समस्या को अच्छी लाइफस्टाइल की मदद से मैनेज किया जा सकता है-

  • डाइट में सुधार करेंः विशेषज्ञों के अनुसार PCOS में हेल्दी डाइट लेनी चाहिए। ऐसी चीजें नहीं लेनी चाहिए, जिससे मरीज की कंडीशन बिगड़ सकती है। Mayo Clinic के अनुसार, PCOS में ऐसी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए, जिससे ब्लैडर में दिक्कत पैदा हो सकती है, जैसे कॉफी, चाय, शराब और चॉकलेट। ध्यान रखें कि खानपान की आदतों में सुधार करके PCOS के लक्षणों को कम किया जा सकता है।।
  • इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करेंः 2023 में Reproductive Biology and Endocrinology में प्रकाशित स्टडी की मानें तो इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधार कर आप बार-बार पेशाब आने वाली समस्या से राहत पा सकते हैं। इसका आसान फॉर्मूला यही है कि PCOS से पीड़ित महिलाएं अपने शरीर के कुल वजन का 5-10 फीसदी तक कम करना चाहिए। इससे इसुंलिन मैनेज होता है और ग्लूकोज के स्तर को संतुलित रखने में मदद मिलती है। इससे पेशाब आने की दिक्कत में भी कमी आती है।
  • वजन को कंट्रोल करेंः Current Obesity Reports के अनुसार PCOS एक मेटाबॉलिक समस्या है। इसलिए, इस तरह की परेशानी में महिलाओं का वजन बढ़ जाता है और इसे मैनेज करना भी मुश्किल हो जाता है। महिलाएं अपने वजन को कंट्रोल में रखकर इसे संतुलित कर सकती हैं।
  • फ्लूइड की मात्रा को सीमित रखेंः यह सच है कि आप जितनी ज्यादा मात्रा में पानी या फ्लूइड इनटेक बढ़ाते हैं, उतना ज्यादा पेशाब आने की समस्या हो सकती है। इसके बावजूद, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि हर व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। Mayo Clinic के अनुसार, PCOS के मरीजों को बहुत ज्यादा फ्लूइड इनटेक नहीं बढ़ाना चाहिए और न ही बिल्कुल कम कर देना चाहिए। उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
  • करें एक्सरसाइजः मेयोक्लिनिक के अनुसार, कीगल एक्सरसाइज PCOS में बार-बार पेशाब आने की समस्या को रोकने में मदद करता है। असल में, कीगल एक्सरसाइज से पेल्विक मसल्स मजबूत होते हैं और पेशाब को 5-10 सेकेंड तक होल्ड करने की क्षमता बढ़ती है।

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कब जाएं डॉक्टर के पास

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PCOS में इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह से बार-बार पेशाब आने की समस्या हो जाती है। हालांकि, आप जीवनशैली में सुधार करके बार-बार पेशाब की समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं। अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, तो बेहतर है कि निम्न लक्षणों के नजर आने पर डॉक्टर के पास जाएं-

  • पेशाब करने के दौरान जलन या दर्द होना।
  • पेशाब में खून आना।
  • बार-बार पेशाब के साथ-साथ बुखार और कंपकंपी छूटना।
  • पीठ के निचले हिस्से, पेल्विक एरिया में दर्द होना।
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
  • अचानक वजन का तेजी से घटना या बढ़ना।
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना।

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निष्कर्ष

PCOS में बार-बार  पेशाब आने की समस्या हो जाती है। हालांकि, सही ट्रीटमेंट की मदद से न सिर्फ आप PCOS के लक्षणों को कम कर सकते हैं, बल्कि बार-बार पेशाब आने की समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है। हां, अगर जीवनशैली में बदलाव करने के बावजूद समस्या बनी हुई है, तो बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से मिलें और अपना सही ट्रीटमेंट करवाएं। PCOS से ग्रस्त जो महिलाएं कंसीव करना चाहती हैं, उनके लिए उचित ट्रीटमेंट करवाना और भी जरूरी होता है।

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FAQ

  • मुझे PCOS के साथ इतना पेशाब क्यों आ रहा है?

    PCOS के साथ-साथ बार-बार पेशाब आने की समस्या हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि कई महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर असामान्य रूप से अधिक होता है। टेस्टोस्टेरोन का यह उच्च स्तर पेशाब से संबंधित समस्याएं पैदा करने लगता है। इसके अलावा, PCOS में इंसुलिन रेजिस्टेंस की दिक्कत हो जाती है। यह भी बार-बार पेशाब आने का कारण बनता है।
  • क्या बार-बार पेशाब आना टाइप 2 डायबिटीज का संकेत है? 

    बार-बार पेशाब आना टाइप 2 डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है। असल में PCOS में टाइप 2 डायबिटीज होने का जोखिम अधिक होता है। इसलिए अगर किसी महिला को बहुत प्यास लग रही है, तो उन्हें HbA1c टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।
  • 1 घंटे में कितनी बार पेशाब जाना चाहिए?

    एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन भर में 6-8 बार (हर 3-4 घंटे में) पेशाब आता है। हालांकि, तरल पदार्थ के सेवन, दवाइयों, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर यह तय होता है कि एक व्यक्ति को एक घंटे में कितनी बार पेशाब जाना चाहिए।
  • क्या PCOS के कारण मूत्राशय कमजोर हो सकता है?

    हार्मोनल उतार-चढ़ाव पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को प्रभावित कर सकते हैं। इसका प्रभाव मूत्राशय पर नजर आ सकता है। इसके लिए महिला को कीगल एक्सरसाइज करनी चाहिए।
  • क्या बार-बार यूटीआई होना PCOS का लक्षण है?

    National Center for Health Research की मानें तो PCOS से पीड़ित महिलाओं की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। इसलिए, बार-बार यूटीआई होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, इंसुलिन प्रतिरोध और मोटापा भी प्रतिरक्षा प्रणाली को और कमजोर करता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Meera Tagore
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