PCOS में बहुत सी महिलाएं वजन बढ़ने की समस्या से परेशान रहती हैं और वजन कम करने की कोशिश में लगी रहती हैं, लेकिन वजन कम नहीं हो पाता है। PCOS में वजन कम करने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार करने के साथ-साथ खानपान पर खास ध्यान देना भी जरूरी हो जाता है। Dr. Gayathri Karthik Nagesh, Program Director - Department of Obstetrics & Gynaecology, Aster CMI Hospital, Bangalore और जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन की मानें तो डाइट में साबुत अनाज, फल और सब्जियों को शामिल करके वजन घटाने में मदद मिल सकती है। वजन घटाने से PCOS में होने वाली समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।।
PCOS में वजन घटाना क्यों जरूरी है?
डॉ. गायत्री कार्तिक नागेश के अनुसार, "PCOS में वजन कम करना जरूरी होता है। ऐसा करने से शरीर में हार्मोन्स को बैलेंस करने, मेटाबॉलिक सिंड्रोम से बचाव कर मेटाबॉलिज्म को ठीक करने, इंसुलिन में सुधार करने, डायबिटीज के खतरे को कम करने, ओव्यूलेशन के स्वास्थ्य में सुधार करने और हार्ट को हेल्दी रखने में मदद मिलती है।"
NHS (2022) के अनुसार, ज्यादा वजन वाली महिलाओं में PCOS के लक्षणों और इससे होने वाली लॉन्ग टर्म स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने के खतरे को वजन कम करके काफी हद तक कम किया जा सकता है। PCOS में सिर्फ 5% तक वजन कम करना भी आपकी सेहत में बड़ा सुधार ला सकता है। आप अपने वजन और लंबाई के आधार पर BMI यानी बॉडी मास इंडेक्स कैलकुलेट करके पता लगा सकते हैं कि आपका वजन सही है या नहीं। एक नॉर्मल और हेल्दी BMI 18.5 से 24.9 के बीच होता है। ऑनलाइन BMI कैलकुलेट की मदद से वजन की हेल्दी रेंज को चेक किया जा सकता है।
वजन कम करने के लिए आप रेगुलर एक्सरसाइज, हेल्दी और बैलेंस डाइट ले सकते हैं। इसके लिए आप अपनी डाइट में ताजे फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, लीन मीट और चिकन को डाइट में शामिल करें।
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PCOS में वजन कम करने के लिए क्या खाएं?
डॉ. गायत्री आगे कहती हैं, "PCOS में महिलाओं के लिए वजन कम करने का सबसे अच्छा तरीका है बैलेंस डाइट और लो ग्लाइसेमिक (low-glycaemic) वाली डाइट लेना, जिससे इंसुलिन के स्तर को बैलेंस रखने और वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।"
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, "PCOS को कंट्रोल करने और वजन कम करने के लिए अपनी डाइट में भरपूर पोषण और बैलेंस डाइट शामिल करें। इसके लिए कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low GI) वाले साबुत अनाज और हरी सब्जियों जैसे फूड्स को खाएं। ये शरीर में ब्लड शुगर और इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित रखता है, जिससे वजन कम करने और हार्मोन्स को बैलेंस रखने में सहायक हो सकता है।"
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लो-ग्लाइसेमिक फूड्स क्या होते हैं?
डॉ. गायत्री कार्तिक नागेश बताती हैं, "लो-ग्लाइसेमिक डाइट का मतलब है, ऐसे फूड्स खाना जो ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं, जिससे शरीर में इंसुलिन के स्तर को बैलेंस रखने में मदद मिलती है। बता दूं, इंसुलिन एक ऐसा हार्मोन है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। PCOS में महिलाओं को इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या हो जाती है। इसका मतलब यह है कि शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता है, जिससे वजन बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं।"
PCOS में वजन कम करने के लिए बेस्ट डाइट
डॉ. गायत्री कार्तिक बताती हैं कि, "PCOS में वजन कम करने के लिए महिलाओं को लो-ग्लाइसेमिक वाले फलों, सब्जियों, नट्स, सीड्स, साबुत अनाज और प्रोटीन और फाइबर से युक्त नेचुरल फूड्स को डाइट में शामिल करना चाहिए। इन फूड्स को खाने से शरीर को जरूरी पोषण देने और वजन कम करने में मदद मिलती है। हर मील में प्रोटीन और फाइबर से युक्त फूड्स को लेने से पेट को लंबे समय तक भरा रखने, मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने और वजन कम करने में मदद मिलती है।"
MDPI के Nutrients (2021) के अनुसार, PCOS में कम GI वाली डाइट लेना फायदेमंद माना जाता है क्योंकि यह ज्यादा GI वाली डाइट की तुलना में शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस, फास्टिंग इंसुलिन, खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को कम करने में मदद करती है। इसके अलावा, इससे कमर के फैट और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को कम करने में मदद मिलती है। हालांकि, इस डाइट का फास्टिंग ग्लूकोज, अच्छे कोलेस्ट्रॉल, शरीर के कुल वजन या फ्री एंड्रोजन इंडेक्स पर कोई खास असर नहीं पड़ता है।
हरी सब्जियां खाएं
पीसीओएस में वजन कम करने के लिए डाइट में मेथी, पालक, बीन्स और ब्रोकली जैसी हरी सब्जियों को शामिल करना फायदेमंद होता है। इनमें अच्छी मात्रा में फाइबर, प्रोटीन और बहुत से पोषक तत्व होते हैं, जिससे पेट को लंबे समय तक भरा रखने और ओवरईटिंग से बचाव करने में मदद मिलती है, जो वजन कम करने में सहायक हो सकते हैं।
फल खाएं
पीसीओएस की स्थिति में वजन को नियंत्रित रखने के लिए संतरा, नाशपाती, सेब और बेरीज जैसे फलों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इनमें नेचुरल मीठा होता है, जिनसे पेट को भरा रखने और वजन कम करने में मदद मिलती है। ध्यान रहे, इस दौरान चीकू और पके हुए केले जैसे ज्यादा मीठे फलों का सेवन करने से बचें।
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साबुत अनाज खाएं
PCOS में वजन घटाने के लिए मल्टीग्रेन आटे या ओट्स, क्विनोआ और ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और ये धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है। साथ ही इनसे भूख कम लगती है, इंसुलिन कंट्रोल में रहता है और वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
नट्स और सीड्स खाएं
वजन कम करने के लिए अखरोट, बादाम, अलसी के बीज और चिया सीड्स जैसे नट्स और सीड्स को डाइट में शामिल करना फायदेमंद है, खासकर पीसीओएस की स्थिति में। इनमें अच्छी मात्रा में फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे हेल्दी फैट्स होते हैं, जिनसे शरीर में हार्मोन्स को बैलेंस रखने में मदद मिलती है, लेकिन ध्यान रहे, इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करें, क्योंकि इनमें कैलोरी ज्यादा होती है।
लीन प्रोटीन युक्त फूड्स खाएं
लीन प्रोटीन से भरपूर फूड्स PCOS की डाइट का एक जरूरी हिस्सा हैं। प्रोटीन शरीर को ताकत देने, मांसपेशियों को मजबूती देने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने में सहायक होते हैं, साथ ही ये भूख को कंट्रोल करने में भी मदद करते हैं। लीन प्रोटीन के लिए पीसीओएस में महिलाएं अंडा, पनीर, दही, राजमा, दाल, चना और नॉन वेज खाने वाली महिलाएं चिकन को डाइट में शामिल कर सकती हैं। हर मील में प्रोटीन को शामिल करने की आदत बनाएं। ऐसा करने से महिलाओं को बार-बार भूख लगने और ओवरईटिंग से बचाव करने में मदद मिलती है।
PCOS में वजन कम करने के लिए डाइट चार्ट
| दिन | ब्रेकफास्ट | लंच | शाम का नाश्ता | डिनर |
| सोमवार/ दिन 1 | ओट्स और बेरीज | मल्टीग्रेन रोटी और राजमा | मुट्ठी भर भीगे हुए बादाम | बीन्स और सब्जियों का सूप |
| मंगलवार/ दिन 2 | सेब और चिया सीड्स | सब्जियों वाला क्विनोआ पुलाव | अखरोट और अलसी | सोया चंक्स और ब्राउन राइस |
| बुधवार/ दिन 3 | फल और नट्स बाउल | ओट्स खिचड़ी और दही | भुने हुए चने | उबली हुई सब्जियां और दाल |
| गुरुवार/ दिन 4 | बेसन और सब्जियों का चीला | मल्टीग्रेन रोटी और बीन्स | मुट्ठी भर भुने मखाने | मेथी की सब्जी और रोटी |
| शुक्रवार/ दिन 5 | ओट्स उपमा | ब्राउन राइस और कढ़ी | भुने हुए नट्स | लौकी की सब्जी और मूंग दाल |
| शनिवार/ दिन 6 | वेजिटेबल दलिया | क्विनोआ और राजमा | बादाम और अखरोट | मिक्स वेज सूप |
| रविवार/ दिन 7 | पनीर सैंडविच | ब्राउन राइस और दाल | चिया पुडिंग | लो-फैट पनीर टिक्का |
डाइट में इन बातों का भी रखें ध्यान
डॉ. गायत्री कार्तिक कहती हैं कि, "पीसीओएस से राहत और वजन कम करने के लिए अपने हर मील में प्रोटीन और फाइबर से भरपूर फूड्स को शामिल करना फायदेमंद होता है। इसके अलावा, हर 3-4 घंटे में कुछ न कुछ खाएं, लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें और पूरे दिन शरीर को एक्टिव रखने की कोशिश करें।"
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PCOS में वजन घटाना है, तो क्या न खाएं?
डॉ. गायत्री कार्तिक के अनुसार, “PCOS से पीड़ित महिलाओं को अनहेल्दी फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए। इनका अधिक सेवन करने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस होने, ब्लड शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने, वजन बढ़ने और पीसीओएस के अन्य लक्षणों को और अधिक बिगाड़ने का कारण बन सकता है।” ऐसे में इन फूड्स का सेवन करने से बचें।
- रिफाइंड शुगर (चीनी, मिठाई, केक और शुगरी ड्रिंक्स) के सेवन से बचें।
- व्हाइट ब्रेड और मैदा न खाएं।
- चिप्स, बिस्कुट और पैकेज्ड फूड जैसे प्रोसेस्ड फूड को खाने से बचें।
- फास्ट फूड या जंक फूड से बचें।
- तले-भुने फूड्स से बचें।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
PCOS के कारण अधिक वजन बढ़ने, वजन के नियंत्रण से बाहर होने, इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण ब्लड शुगर का स्तर अधिक बढ़ने, लंबे समय तक पीरियड्स में गड़बड़ी होने और फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानी होने जैसी समस्याएं होने या अधिक मुंहासे होने और मूड स्विंग्स होने की अधिक समस्या होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें ताकि पीसीओएस के लक्षणों को समय रहते बिगड़ने से रोका जा सके।
निष्कर्ष
PCOS के कारण अक्सर महिलाओं को अधिक वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वजन कम करने के लिए डाइट में हरी सब्जियों, फलों, नट्स, सीड्स, लीन प्रोटीन और साबुत अनाज जैसे फूड्स को डाइट में शामिल करें। इनका सेवन करने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस से राहत देने, ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकने, वजन कम करने और पीसीओएस के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, इस समस्या से राहत के लिए रिफाइंड शुगर, व्हाइट ब्रेड, मैदा, प्रोसेस्ड और फास्ट फूड्स को खाने से बचें। इनके कारण वजन बढ़ने और पीसीओएस के लक्षण बिगड़ सकते हैं। ध्यान रहे, स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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FAQ
PCOS में वजन क्यों बढ़ता है?
PCOS में महिलाओं को इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होती है, जिसके कारण उनके शरीर में हार्मोन्स असंतुलित होने और वजन बढ़ने जैसी परेशानियां होती हैं। वजन बढ़ना पीसीओएस के लक्षणों में से एक है।PCOS में वजन कैसे कम करें?
पीसीओएस में वजन कम करने के लिए डाइट में लो कार्ब्स, लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स, हाई प्रोटीन और फाइबर से भरपूर डाइट लें, (स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और कार्डियो करें) नियमित एक्सरसाइज करें, स्ट्रेस कम करें, हार्मोन्स को बैलेंस करें, भरपूर नींद लें और मीठे और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से बचें।PCOS में रात को क्या खाना चाहिए?
पीसीओएस में महिलाओं को रात के समय प्रोटीन और फाइबर से युक्त सलाद, सूप, टोफू, ग्रिल्ड पनीर और चिकन जैसे हल्के फूड्स को डाइट में शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, आप चाहें तो रात को सोने से पहले हल्दी दूध या गर्म पानी का सेवन कर सकते हैं।क्या PCOS लड़की पतली हो सकती है?
PCOS होने पर लीन प्रोटीन और फाइबर से भरपूर फूड्स को डाइट में शामिल करने से वजन को कम किया जा सकता है, साथ ही वजन को नियंत्रित करने के लिए नियमित एक्सरसाइज करना, भरपूर नींद लेना और स्ट्रेस कम करने जैसी हेल्दी आदतों को अपनाना जरूरी होता है।
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Apr 10, 2026 22:52 IST
Modified By : Priyanka Sharma Apr 10, 2026 22:52 IST
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Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Archana Jain