प्रेग्नेंसी के दौरान जैसे-जैसे शिशु का विकास होता है, महिला के शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव आते हैं। ऐसे में महिलाओं के शरीर में कुछ समस्याएं होना काफी आम है, जिसमें पीठ का दर्द भी शामिल है। Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida बताती हैं कि उनके पास आने वाली लगभग 70% से 80% प्रेग्नेंट महिलाएं कमर और पीठ दर्द की समस्या से परेशान रहती हैं। इसके कारण रात में सोने में भी उन्हें तकलीफ होती है। भले ही यह आम समस्या है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि कमर दर्द क्यों होता है और इससे राहत के लिए क्या करना चाहिए?
प्रेग्नेंसी में पीठ दर्द के कारण
साल 2025 में BMC Pregnancy and Childbirth में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान पीठ दर्द होना एक आम समस्या है, जो पिछली प्रेग्नेंसी में पीठ दर्द की समस्या रहने, मोटापे, ज्यादा मुलायम गद्दे पर सोने, शारीरिक गतिविधियां न करने, बार-बार झुकने, भारी सामान उठाने जैसी चीजों के कारण हो सकती है।
Dr. Anju Suryapani का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जो पीठ दर्द का कारण बन सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-
1. शरीर का संतुलन बदलना
प्रेग्नेंसी में जैसे-जैसे पेट का आकार बढ़ता है, आपके शरीर का सेंटर ऑफ ग्रेविटी आगे की ओर खिसक जाता है। इस बदलाव से तालमेल बिठाने के लिए महिलाएं अनजाने में पीछे की तरफ झुककर चलने लगती हैं। पोश्चर में आए इस बदलाव के कारण रीढ़ की हड्डी और पीठ की मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ता है।
2. हार्मोनल बदलाव
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में रिलैक्सिन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। ये हार्मोन डिलीवरी की तैयारी के लिए पेल्विक एरिया के लिगामेंट्स और जोड़ों को ढीला और मुलायम बनाते हैं। जोड़ों के ढीले पड़ने से रीढ़ की हड्डी को मिलने वाला सपोर्ट कम हो जाता है, जिससे पीठ में दर्द शुरू होता है।
3. वजन का बढ़ना
स्वास्थ्य के लिए प्रेग्नेंसी में वजन बढ़ना आम और जरूरी होता है, लेकिन बढ़ा हुआ ज्यादा वजन रीढ़ की हड्डी और पेल्विक बोन पर सीधा प्रेशर डालता है, जिससे पीठ में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
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4. मांसपेशियों में खिंचाव
प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भाशय के फैलने के कारण पेट के सामने की मांसपेशियां बीच में से खिंचकर अलग होने लगती हैं। पेट की मांसपेशियां कमजोर होने पर पीठ की मांसपेशियों को शरीर के ऊपरी हिस्से का सारा भार संभालना पड़ता है, जिससे पीठ में दर्द और अकड़न बढ़ जाती है।
5. मानसिक तनाव और स्ट्रेस
प्रेग्नेंसी के समय महिलाओं में होने वाले मानसिक तनाव और स्ट्रेस का असर भी शरीर की मांसपेशियों पर पड़ता है। स्ट्रेस के कारण पीठ और कंधे की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं, जिससे पीठ का दर्द और बढ़ जाता है।
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पीठ दर्द से राहत पाने तरीके
Dr. Anju Suryapani के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले पीठ दर्द से राहत पाने के लिए महिलाओं को सही पोश्चर और हल्की स्ट्रेचिंग या एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है।
- चलते और खड़े होते समय अपने पोश्चर का ध्यान रखें। सीधी खड़ी रहें, अपने कंधों को पीछे और नीचे की तरफ रखें। छाती को सीधा रखें और घुटनों को बिल्कुल टाइट न करें।
- जब भी बैठें, पीठ के पीछे छोटा तकिया या लंबर रोल जरूर लगाएं। पैरों को जमीन पर सीधा रखें और लंबे समय तक एक ही जगह पर न बैठें।
- पीठ के बल सीधे सोने के बजाय बाईं करवट लेकर सोएं। यह आपके और बच्चे दोनों में ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है।
- सोने के समय अपने दोनों घुटनों के बीच में एक तकिया रखें और एक तकिया अपने पेट के नीचे लगाएं। इससे आपकी रीढ़ की हड्डी को सपोर्ट मिलता है।
- जमीन से कोई भी सामान उठाते समय कमर से सीधे झुकने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए।
- हमेशा अपने घुटनों को मोड़कर नीचे बैठें और सामान उठाएं। ऐसा करने से सामान का सारा भार आपकी पीठ के बजाय पैरों की मांसपेशियों पर पड़ता है।
- रोजाना 20 से 30 मिनट की हल्की वॉक करें, जिससे पीठ की मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद मिल सकती है।
- डॉक्टर की सलाह और किसी एक्सपर्ट की निगरानी में पेल्विक टिल्ट, प्री-नेटल योग आदि करें। इससे पीठ के निचले हिस्से के दर्द को कम करने और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में मदद मिलती है।
- पीठ में दर्द वाले हिस्से पर 10 से 15 मिनट के लिए आइस पैक या हल्के गर्म पानी की थैली से सिकाई करें। ध्यान रखें कि सिकाई पीठ पर करें, पेट पर कभी नहीं।
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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
प्रेग्नेंसी में पीठ दर्द एक आम समस्या है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। अगर पीठ दर्द के साथ नीचे दिए गए लक्षण दिखें तो बिना देर किए अपनी डॉक्टर से कंसल्ट करें।
- पीठ दर्द के साथ पेट के निचले हिस्से में तेज ऐंठन या मरोड़ होना।
- योनि से स्पॉटिंग, ब्लीडिंग या फ्लूइड लीकेज होना।
- पेशाब करते समय जलन, दर्द या बुखार महसूस होना।
- पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना।
निष्कर्ष
Dr. Anju Suryapani का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान पीठ दर्द कई कारणों से हो सकती है, जिसमें शरीर का संतुलन बदलना, हार्मोनल बदलाव, वजन बढ़ना, गलत पोश्चर और मांसपेशियों में खिंचाव होना शामिल हैं। पीठ दर्द से राहत के लिए आप ऊपर बताए टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। हालांकि, कोई भी नया एक्सरसाइज शुरू करने से पहले या दर्द बहुत ज्यादा होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी पेनकिलर लेने से बचना चाहिए और स्ट्रेस फ्री रहना जरूरी है।
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FAQ
प्रेग्नेंसी में पीठ दर्द किस ट्राइमेस्टर में सबसे ज्यादा होता है?
पीठ दर्द आमतौर पर दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर में सबसे आम होता है, क्योंकि इस दौरान पेट का आकार तेजी से बढ़ता है और वजन में भी बढ़ोतरी होती है।पीठ दर्द से बचने के लिए सोते समय कौन सा तरीका अपनाना चाहिए?
पीठ दर्द से बचने के लिए बाईं करवट सोना सबसे अच्छा माना जाता है। अपने पैरों के बीच और घुटनों के नीचे एक-एक तकिया रख सकती हैं। इससे रीढ़ की हड्डी पर प्रेशर कम होता है और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर रहता है।
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Sep 19, 2026 14:15 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani
