प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में कई ऐसे बदलाव आते हैं जिनके लिए महिलाएं पहले से तैयार नहीं होती हैं। प्रेग्नेंसी के बाद कई महिलाएं शिकायत करती हैं कि प्रेग्नेंसी खत्म होने के बाद भी कमर और पीठ का दर्द कम नहीं होता, बल्कि कुछ मामलों में और बढ़ जाता है। अक्सर माना जाता है कि प्रेग्नेंसी खत्म होते ही शरीर पहले जैसा हो जाएगा, लेकिन हकीकत इससे अलग है। नौ महीने तक हार्मोनल बदलाव, बढ़ा हुआ वजन, पेट और कमर की मांसपेशियों पर पड़ा दबाव, ये सभी कारण मिलकर पीठ दर्द को जन्म देते हैं। कई महिलाओं को ते इतना ज्यादा पीठ दर्द होता है कि वे अपने नवजात शिशु को भी नहीं उठा पाती हैं। इस लेख में आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन से जानिए, प्रेग्नेंसी के बाद पीठ दर्द क्यों बढ़ जाता है और इससे बचाव के क्या तरीके हो सकते हैं?
प्रेग्नेंसी के बाद पीठ दर्द क्यों बढ़ जाता है?
डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन बढ़ जाते हैं। ये हार्मोन पेल्विक लिगामेंट्स को ढीला करते हैं ताकि डिलीवरी आसान हो सके लेकिन डिलीवरी के बाद भी ये लिगामेंट्स तुरंत अपनी पुरानी स्थिति में नहीं आते, इस वजह से दर्द और अकड़न बढ़ सकती है। कई महिलाओं को खासकर सुबह उठते समय या लंबे समय तक खड़े रहने पर ज्यादा परेशानी होती है।
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इसके अलावा प्रेग्नेंसी के दौरान पेट की मांसपेशियां खिंच जाती हैं, ऐसे में जब पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, तो शरीर का भार पीठ की मांसपेशियों पर आ जाता है। यही कारण है कि डिलीवरी के बाद पीठ दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है। डॉ. सरीन कहती हैं कि कोर मसल्स को मजबूत किए बिना सिर्फ पेनकिलर दवाएं लेने से समस्या जड़ से खत्म नहीं होती।
सी-सेक्शन के बाद बढ़ सकता है दर्द
जिन महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी (C-section) से होती है, उनमें रिकवरी की प्रक्रिया थोड़ी लंबी होती है। पेट की सर्जरी के कारण मांसपेशियां और कमजोर हो जाती हैं। सर्जरी के बाद महिलाएं दर्द से बचने के लिए शरीर को एक तरफ झुकाकर चलती या बैठती हैं, जिससे पीठ पर असंतुलित दबाव पड़ता है, ऐसे में यह भी पोस्ट-प्रेग्नेंसी बैक पेन का कारण बन सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह से हल्की फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज शुरू करना फायदेमंद होता है।
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वजन बढ़ने के कारण दर्द
प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ा हुआ वजन तुरंत कम नहीं होता। ज्यादा बढ़ा हुआ वजन रीढ़ पर दबाव बढ़ाता है, जिससे कमर दर्द की समस्या बनी रह सकती है। इसके अलावा, नवजात शिशु की देखभाल के कारण मां की नींद पूरी नहीं हो पाती। नींद की कमी से मांसपेशियों की रिकवरी धीमी हो जाती है और दर्द ज्यादा महसूस होता है। डॉ. सरीन कहती हैं कि बैलेंस डाइट, पर्याप्त पानी और परिवार का सपोर्ट महिला की रिकवरी में मदद करते हैं।
राहत के लिए क्या करें?
डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, पोस्ट-प्रेग्नेंसी बैक पेन से राहत के लिए डॉक्टर की सलाह से हल्की कोर स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज शुरू करें, कैल्शियम और विटामिन D लें, बच्चे को उठाते समय सावधानी बरतें, सही पॉश्चर में बैठें और सोएं और जरूरत पड़ने पर फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी के बाद पीठ दर्द एक आम समस्या है। यह हार्मोनल बदलाव, मांसपेशियों की कमजोरी, गलत पॉश्चर और वजन बढ़ने जैसी कई वजहों से हो सकता है। सही समय पर पहचान, नियमित सही एक्सरसाइज और एक्सपर्ट की सलाह से इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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FAQ
प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
पीरियड्स का मिस होना, मतली या उल्टी, थकान, बार-बार पेशाब आना प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, हर महिला में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, ऐसे में डॉक्टर से सलाह लें।प्रेग्नेंसी टेस्ट कब करना चाहिए?
यदि पीरियड्स मिस हो जाएं तो 5-7 दिन बाद सुबह के पहले यूरिन से टेस्ट करना सही रिजल्ट देता है।प्रेग्नेंसी में क्या खाना चाहिए?
प्रेग्नेंसी में बैलेंस डाइट बेहद जरूरी है, हरी सब्जियां, दालें, फल, दूध-दही, प्रोटीन युक्त भोजन और आयरन-फोलिक एसिड सप्लीमेंट लेना फायदेमंद होता है।
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Feb 20, 2026 16:50 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Feb 20, 2026 16:50 IST
Modified By : Akanksha TiwariFeb 20, 2026 16:50 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Gunjan Sarin