Thu Oct 15, 2026 | 04:33 PM IST

Medically Reviewed by Dt Payal Dutt , Sr. Dietitian – Clinical Nutrition & Therapeutic Diet Planning

व्रत में फल और साबूदाना खाने के बाद भी कमजोरी? ये गलतियां हो सकती हैं वजह

व्रत में फल और साबूदाना खाने के बावजूद थकान या कमजोरी महसूस होती है, तो भोजन में प्रोटीन या लिक्विड की कमी वजह हो सकती है। यहां न्यूट्रिशनिस्ट से जानिए, व्रत में कमजोरी का कारण और क्या खाएं ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिले।
व्रत में फल और साबूदाना खाने के बाद भी कमजोरी? ये गलतियां हो सकती हैं वजहव्रत में फल और साबूदाना खाने के बाद भी कमजोरी? ये गलतियां हो सकती हैं वजह

व्रत के दौरान कई लोग फल, साबूदाना, आलू जैसी चीजें खाते हैं, ताकि दिनभर शरीर में एनर्जी बनी रहे। इसके बावजूद कुछ लोगों को थकान, कमजोरी, सिरदर्द या चक्कर आने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। अक्सर लोग इसे व्रत का सामान्य हिस्सा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून की सीनियर डाइटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, इसके पीछे खान-पान में पोषक तत्वों की कमी, पर्याप्त पानी न पीना या लंबे समय तक खाली पेट रहना जैसे कारण हो सकते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, व्रत में सिर्फ पेट भरना ही जरूरी नहीं है, बल्कि शरीर को पर्याप्त एनर्जी और जरूरी पोषक तत्व देना भी जरूरी है। आइए जानते हैं कि व्रत में फल और साबूदाना खाने के बाद भी कमजोरी क्यों महसूस हो सकती है और इसके पीछे कौन-सी गलतियां जिम्मेदार हो सकती हैं।

व्रत में फल और साबूदाना खाने के बाद भी कमजोरी क्यों होती है?

न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, व्रत के दौरान फल और साबूदाना खाना आम है, लेकिन इन पर ही निर्भर रहने से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। साबूदाना शरीर को कार्बोहाइड्रेट देता है, जबकि फलों से विटामिन, मिनरल्स और कुछ मात्रा में फाइबर मिलता है लेकिन इनसे पर्याप्त प्रोटीन मिलना मुश्किल है। प्रोटीन की कमी वाला भोजन लंबे समय तक पेट भरा रखने और बैलेंस पोषण देने में पर्याप्त नहीं हो सकता। इसलिए व्रत में दूध, दही, पनीर या मूंगफली जैसी चीजें भी शामिल करें।

1. लंबे समय तक कुछ न खाना

कुछ लोग सुबह फल खाकर पूरे दिन कुछ नहीं खाते और शाम को एक साथ भोजन करते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहने से थकान, सिरदर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है। कुछ लोगों में ब्लड शुगर लेवल भी कम हो सकता है। इसलिए व्रत के दौरान बहुत लंबा अंतर रखने के बजाय थोड़ी-थोड़ी देर में बैलेंस भोजन या हल्का नाश्ता करें। डायबिटीज के मरीज व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

2. पर्याप्त पानी न पीना

न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त बताती हैं कि व्रत में कई लोग खाने पर ध्यान देते हैं, लेकिन पानी पीना भूल जाते हैं। शरीर में पानी की कमी होने पर थकान, सिरदर्द, मुंह सूखना और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर हल्की गर्मी, ज्यादा चलने या शारीरिक मेहनत करने पर शरीर को ज्यादा लिक्विड की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए दिनभर थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिएं।

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3. साबूदाना और आलू का ज्यादा सेवन करना

साबूदाना और आलू कार्बोहाइड्रेट के अच्छे सोर्स हैं, जो शरीर को एनर्जी देते हैं लेकिन अगर व्रत में ज्यादातर भोजन इन्हीं से बना हो, तो खान-पान में प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी रह सकती है। ज्यादा तेल और घी में बना साबूदाना वड़ा या तली हुई चीजें खाने से एक्स्ट्रा कैलोरी भी मिल सकती है। इसलिए साबूदाना खाते समय उसके साथ दही, मूंगफली या अन्य व्रत में खाए जाने वाले पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स शामिल करें।

4. पर्याप्त भोजन न करना

न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, व्रत में वजन बढ़ने के डर से या धार्मिक नियमों के कारण कुछ लोग बहुत कम खाते हैं। अगर दिनभर में शरीर की जरूरत के मुताबिक एनर्जी नहीं मिलती, तो कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है। फल खाने के बावजूद शरीर को पर्याप्त कैलोरी नहीं मिल रही हो, तो भी ऐसा हो सकता है। इसलिए अपनी भूख और जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा में भोजन करें। बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को व्रत के दौरान खास सावधानी बरतनी चाहिए।

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5. पहले से पोषक तत्वों की कमी

न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त बताती हैं कि अगर आप व्रत के अलावा सामान्य दिनों में भी जल्दी थक जाते हैं, तो कमजोरी की वजह सिर्फ व्रत नहीं हो सकता। आयरन की कमी, विटामिन B12 की कमी या एनीमिया जैसी समस्याएं भी थकान और चक्कर आने का कारण बन सकती हैं। ऐसे में केवल खान-पान बढ़ाने के बजाय डॉक्टर की सलाह से जांच कराना जरूरी है। बार-बार कमजोरी होने पर इसे व्रत का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज न करें।

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नवरात्रि में व्रत का सेहत पर असर

साल 2023 में Medical Journal, Armed Forces India में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, नवरात्रि के दौरान 7 दिनों के अल्पकालिक उपवास (fasting) पर की गई रिसर्च में यह पाया गया कि ब्लड में कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के लेवल में अहम बदलाव देखे गए, जो माइक्रोआरएनए (miR126) के लेवल की तुलना में ज्यादा गतिशील (dynamic) थे।

उपवास के दौरान miR126 की अभिव्यक्ति (expression) में कमी देखी गई, जो यह संकेत देती है कि यह अल्पकालिक उपवास में भूमिका निभाता है। हालांकि, उपवास के दौरान ब्लड शुगर के लेवल में उतार-चढ़ाव तो दिखा, लेकिन उसका miR126 के लेवल के साथ कोई सीधा या जरूरी संबंध नहीं पाया गया।

निष्कर्ष

व्रत में फल और साबूदाना खाने के बाद भी कमजोरी महसूस होने के पीछे सिर्फ भूखा रहना ही नहीं, बल्कि असंतुलित भोजन, पानी की कमी और लंबे समय तक कुछ न खाना जैसे कारण हो सकते हैं। इसलिए व्रत के दौरान कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों को भी जगह दें और पर्याप्त पानी पिएं। अगर व्रत में तेज चक्कर, बेहोशी या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर व्रत तोड़कर डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • क्या व्रत में नारियल पानी पीना फायदेमंद है?

    नारियल पानी शरीर को लिक्विड और पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स देने में मदद कर सकता है। हालांकि, किडनी की बीमारी वाले लोग डॉक्टर की सलाह से इसका सेवन करें।
  • क्या व्रत में ज्यादा मीठा खाने से भी थकान महसूस हो सकती है?

    बहुत ज्यादा मीठा खाने से ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव हो सकता है। कुछ लोगों को इसके बाद दोबारा भूख या सुस्ती महसूस हो सकती है। इसलिए केवल मीठे फल, मिठाई पर निर्भर रहने के बजाय बैलेंस भोजन करें।
  • क्या व्रत रखने से वजन कम हो सकता है?

    व्रत के दौरान वजन में बदलाव कुल कैलोरी के सेवन, फिजिकल एक्टिविटी और शरीर में पानी की मात्रा पर निर्भर करता है। केवल व्रत रखने से वजन कम होने की गारंटी नहीं होती।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 15, 2026 15:52 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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