Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhishek Chopra , Pediatrician and Neonatologist

बच्चों में क्यों बढ़ रहे हैं बार-बार सिरदर्द के मामले, डॉक्टर से जानें कारण

क्या आपका बच्चा भी अक्सर सिरदर्द की शिकायत करता है? अगर हां, तो पेरेंट्स के लिए यह लेख बहुत जरूरी है। यहां हम आपको बात रहे हैं कि बच्चों में क्यों बढ़ रहे हैं सिरदर्द के मामले।

आमतौर पर सिरदर्द को हम किसी गंभीर समस्या से जोड़कर नहीं देखते हैं, लेकिन हाल के सालों में आपने देखा होगा कि बच्चों में भी यह समस्या बढ़ रही है। यह किसी हैरानी से कम नहीं है, क्योंकि एक समय तक बच्चों में सिरदर्द की समस्या अधिक नहीं होती थी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बच्चों में सिरदर्द के मामले क्यों बढ़ रहे हैं और क्या यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है? आइए, Dr. Abhishek Chopra, Consultant Pediatrician and Neonatologist, Cloudnine Group of Hospitals, New Delhi से जानते हैं बच्चों में सिरदर्द के मामले बढ़ने के कारणों के बारे में।

बच्चों में क्यों बढ़ रहे हैं सिरदर्द के मामले?

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साल 2021 में Continuum में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, प्रत्येक 10 में से 1 बच्चा माइग्रेन के कारण सिरदर्द की शिकायत करता है, जो कि उनकी रोजमर्रा के काम को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, बच्चों में सिरदर्द होने के सभी कारणों के बारे में जान लेना जरूरी है। इसके कारण इस प्रकार हैं-

बढ़ता स्क्रीन टाइमः अगर बच्चा अपना अधिकतर समय मोबाइल की स्क्रीन पर बिताता है, तो इसकी वजह से उनकी आंखों पर दबाव पड़ता है। अगर समय रहते बच्चे ने मोबाइल नहीं छोड़ा और आंखों को रेस्ट नहीं दिया, तो ऐसे में सिरदर्द तक ट्रिगर हो सकता है। इसके अलावा, रात-रात भी मोबाइल देखने से नींद बाधित होती है, जिससे अगली सुबह सिरदर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

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बढ़ता तनावः इस बात पर यकीन किया जाना बहुत मुश्किल होता है कि बच्चों को भी तनाव हो सकता है। हालांकि, हाल के सालों में बच्चों में तनाव काफी ज्यादा बढ़ा है। खासकर, स्कूल की पढ़ाई, पियर प्रेशर, परिवार का तनाव और कैफीन का अतिरिक्त मात्रा में सेवन किया जाना। ये तमाम चीजें बच्चों में तनाव बढ़ाती हैं, जिसकी वजह से बच्चों में सिरदर्द हो सकता है।

जीवनशैली की बुरी आदतेंः कई बुरी आदतें भी बच्चों में सिरदर्द बढ़ा सकती है, जैसे समय पर नाश्ता न करना, मील स्किप करना, नियमित रूप से बॉडी को हाइड्रेट न करना या रात को अच्छी तथा गहरी नींद न लेना। इस तरह की आदतें भी बच्चों में सिरदर्द का बड़ा कारण बन सकती हैं।

संक्रमणः अगर बच्चे को साइनस, फ्लू या कान में संक्रमण जैसी कोई भी समस्या है, तो भी उनमें सिरदर्द जैसी दिक्कत हो सकती है। हालांकि, जैसे ही शारीरिक समस्या से राहत मिलती है, सिरदर्द में भी कमी आने लगती है।

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निष्कर्ष

हाल के सालों में बच्चों की जीवनशैली में कई बुरी आदतें शुमार हो गई हैं, जैसे लगातार मोबाइल पर समय बिताना, पूरी नींद न लेना और तनाव का बढ़ना। ऐसे में सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। हां, अगर बच्चे को किसी बीमारी की वजह से सिरदर्द हो, तो बेहतर है कि पेरेंट्स अपने बच्चों को डॉक्टर के पास ले जाएं। इससे उनकी समस्या का कारण समझ आएगा और सिरदर्द से राहत मिलने लगेगा।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • मोबाइल स्क्रीन देखने से बच्चों के सिर में दर्द क्यों होने लगता है?

    लगातार मोबाइल स्क्रीन पर नजर रखने से आंखों की मांसपेशियों पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे नींद बाधित होती है। इसी वजह से बच्चों में सिरदर्द होने लगता है।
  • पेरेंट्स बच्चे के सिरदर्द कब गंभीरता से लें?

    अगर सिरदर्द के साथ बच्चे को उल्टी हो, चक्कर आएं, धुंधला दिखाई दे या बुखार हो, तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाने में देरी न करें।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 01, 2026 09:22 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jul 01, 2026 09:22 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Abhishek Chopra

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