Fri Sep 25, 2026 | 01:18 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

बच्चों को सुबह नाश्ते में क्या देना चाहिए? ये 5 चीजें पेट भरने के साथ शरीर को देंगी पोषण

बच्चों के लिए सुबह का नाश्ता प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए। यहां न्यूट्रिशनिस्ट से जानिए, बच्चे को नाश्ते में क्या दें और किन चीजों से बचें।
बच्चों को सुबह नाश्ते में क्या देना चाहिए? ये 5 चीजें पेट भरने के साथ शरीर को देंगी पोषणबच्चों को सुबह नाश्ते में क्या देना चाहिए? ये 5 चीजें पेट भरने के साथ शरीर को देंगी पोषण

बच्चों की फिजिकल और मेंटल ग्रोथ के लिए पौष्टिक भोजन बेहद जरूरी है। खासकर सुबह का नाश्ता उन्हें दिनभर की एक्टिविटीज के लिए एनर्जी देने में अहम भूमिका निभाता है। कई बार बच्चे सुबह उठने के बाद नाश्ता करने में आनाकानी करते हैं, तो कुछ बच्चे रोजाना एक ही तरह का खाना खाकर बोर हो जाते हैं। जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, सुबह के समय बच्चों को ऐसा नाश्ता देना चाहिए, जिसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स का बैलेंस हो। न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानिए, बच्चों के सुबह के नाश्ते में शामिल की जा सकने वाली 5 पौष्टिक चीजें कौन सी हो सकती हैं?

बच्चों को सुबह नाश्ते में क्या देना चाहिए?

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन की सलाह के आधार पर जानिए बच्चों के सुबह के नाश्ते में कौन-सी 5 चीजें शामिल की जा सकती हैं और इन्हें खिलाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. वेजिटेबल पोहा या उपमा

अगर आपका बच्चा सुबह कुछ हल्का खाना पसंद करता है, तो उसके लिए अलग-अलग तरह की सब्जियों के साथ पोहा या उपमा अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें गाजर, बीन्स और अन्य सब्जियां मिलाकर इसे ज्यादा पौष्टिक बनाया जा सकता है।

  • पोहा और उपमा से कार्बोहाइड्रेट मिलता है, जो शरीर को एनर्जी प्रदान करता है।
  • सब्जियों से विटामिन, मिनरल्स और फाइबर मिलते हैं। पोहा और उपमा में मूंगफली शामिल करने से प्रोटीन की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है।
  • हालांकि, छोटे बच्चों को मूंगफली साबुत देने के बजाय उनकी उम्र के अनुसार सुरक्षित रूप में दें।

2. बेसन या मूंग दाल का चीला

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि बच्चों के नाश्ते में बेसन या मूंग दाल का चीला शामिल करना एक अच्छा तरीका है, जिससे उन्हें प्रोटीन मिल सके। प्रोटीन शरीर की मसल्स की ग्रोथ और सेल्स की मरम्मत के लिए जरूरी होता है।

  • बेसन और मूंग दाल से बना चीला स्वाद में अच्छा होने के साथ पेट भरने वाला भी होता है।
  • आप चीले में बारीक कटी हुई गाजर, प्याज, टमाटर या अन्य सब्जियां मिला सकते हैं। इसे दही के साथ परोसने से नाश्ते में प्रोटीन और कैल्शियम भी शामिल हो सकता है।
  • बच्चों के लिए चीले को कम तेल में नरम और टेस्टी बनाएं।

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3. अंडे

अगर आपका बच्चा अंडा खाता है, तो सुबह के नाश्ते में उबला अंडा या वेजिटेबल ऑमलेट दिया जा सकता है। अंडे में हाई क्वालिटी वाला प्रोटीन होता है।

  • इसके अलावा, अंडे में विटामिन B12 जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो बच्चों के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
  • अंडे के साथ साबुत अनाज की ब्रेड या कोई मौसमी फल देने से नाश्ता ज्यादा बैलेंस बन सकता है।
  • अगर बच्चा अंडा नहीं खाता है, तो उसकी जगह पनीर जैसे विकल्प दिए जा सकते हैं।

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4. इडली-सांभर

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, बच्चों के नाश्ते में इडली-सांभर भी शामिल किया जा सकता है। इडली नरम होती है और बच्चों के लिए इसे खाना आसान रहता है।

  • दाल से तैयार सांभर प्रोटीन का अच्छा सोर्स है, इसमें लौकी, कद्दू, बैंगन और सहजन जैसी सब्जियां डालकर पोषण बढ़ाया जा सकता है।
  • इडली और सांभर का यह मेल बच्चों को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर देता है।
  • नाश्ते में नारियल की चटनी भी इडली-सांभर के साथ दे सकते हैं।

5. नाश्ते में दें फल और दही

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, बच्चों के सुबह के नाश्ते में फल और दही शामिल करना भी अच्छा विकल्प है।

  • केला, सेब, अमरूद और मौसमी जैसे फल विटामिन, मिनरल्स और फाइबर देते हैं।
  • वहीं, दही से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है, जो हड्डियों और दांतों के विकास के लिए जरूरी है।
  • आप कटे हुए फल दही में मिलाकर दे सकते हैं। पैकेट वाले मीठे फ्लेवर्ड दही की जगह सादा दही ही बच्चों को दें।

साल 2013 में Frontiers in Human Neuroscience में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, नाश्ता बच्चों के स्कूल में व्यवहार और पढ़ाई (Academic Performance) पर पॉजिटिव प्रभाव डालता है। खासकर कुपोषित बच्चों में नियमित और पौष्टिक नाश्ता देने से गणित के प्रदर्शन में सुधार देखा गया। स्कूल में मिलने वाले नाश्ते और रोजाना नाश्ता करने की आदत से बच्चे कक्षा में ज्यादा फोकस कर पाते हैं। बेहतर हेल्थ और शिक्षा के लिए बच्चों को नियमित रूप से सही नाश्ता देना बहुत फायदेमंद माना गया है।

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निष्कर्ष

बच्चों के सुबह के नाश्ते में पोहा, चीला, अंडा, फल-दही और इडली-सांभर जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। नाश्ता बनाते समय उनकी भूख, पसंद और पोषण संबंधी जरूरतों का ध्यान रखें। रोजाना एक ही चीज देने के बजाय अलग-अलग पौष्टिक विकल्प अपनाएं। साथ ही, बच्चों को जबरदस्ती खिलाने के बजाय खाने के प्रति पॉजिटिव माहौल बनाएं। बैलेंस नाश्ता बच्चों को सुबह एनर्जी देने और उनकी रोजमर्रा की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है।

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FAQ

  • अगर बच्चा सुबह नाश्ता करने से मना करे तो क्या करें?

    बच्चे को जबरदस्ती खिलाने के बजाय कम मात्रा में उसकी पसंद की पौष्टिक चीजें दें। खाने को आकर्षक तरीके से परोसना और रोज अलग विकल्प देना भी मददगार हो सकता है।
  • क्या बच्चों को रोज एक जैसा नाश्ता देना ठीक है?

    एक ही भोजन बार-बार देने के बजाय अलग-अलग फूड्स को शामिल करना बेहतर है। इससे बच्चे की डाइट में कई पोषक तत्व शामिल किए जा सकते हैं।
  • बच्चे को सुबह उठने के कितनी देर बाद नाश्ता करवाना चाहिए?

    सुबह उठने के बाद बच्चे की भूख और डेली रूटीन के अनुसार नाश्ते का समय तय किया जा सकता है। रोजाना एक नियमित भोजन समय रखने से खाने की आदत बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 25, 2026 11:53 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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