Fri Sep 11, 2026 | 09:50 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Pooja Pillai , Internal Medicine

बच्चों की हाइट न बढ़ने के पीछे हो सकती हैं खानपान की ये 5 गलतियां, आज ही चेक करें

बच्चों की हाइट न बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिसमें से एक बड़ा कारण है डाइट से जुड़ी कमियां जिसमें प्रोटीन की कमी से लेकर ये तमाम डॉक्टर के बताया कारण, मौजूद हो सकते हैं।

बच्चों की हाइट न बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं और अक्सर माता पिता इन कारणों के बारे में जानने के लिए परेशान रहते हैं। Dr. Pooja Pillai, Consultant-Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangaluru बताती हैं कि हर बच्चा अलग होता है और उनमें पोषण से जुड़ी कमियां अलग होती हैं। हालांकि, हाइट बढ़ाने के लिए कुछ जरूरी मल्टीन्यूट्रिएंट्स की जरूरत होती है जैसे विटामिन डी, जिंक और प्रोटीन। इसके अलावा खान-पान से जुड़ी कई कमियां भी हैं जो कि बच्चों में हाइट न बढ़ने की वजह हैं।

बच्चों की हाइट न बढ़ने के पीछे हो सकती हैं खानपान की ये 5 गलतियां

डॉ. पूजा पिल्लई बताती हैं कि बच्चों की हाइट न बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिसमें से सबसे अहम कारण हैं डाइट से जुड़ी कमियां जिनपर हर माता-पिता ध्यान नहीं दे पाते और अपने उम्र के अनुसार बच्चों की हाइट नहीं बढ़ पाती है जैसे-

1. प्रोटीन की कमी

प्रोटीन की कमी बच्चों की हाइट न बढ़ने की एक बड़ी वजह हो सकती है। दरअसल, प्रोटीन शरीर के लिए बॉडी बिल्डिंग तत्व है जिसकी कमी से शरीर के हार्मोन, हड्डियां और मासंपेशियां, सभी के फंक्शन बिगड़ जाते हैं और इन तीनों के तालमेल बिगड़ने की वजह से हाइट बढ़ने में समस्या होती है।

2. जंक फूड और मीठे ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन

आजकल के बच्चे जंक फूड का बहुत ज्यादा सेवन करते हैं। इसके अलावा मीठे ड्रिंक्स जिनमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है ये हाइट न बढ़ने की वजह हो सकते हैं इसलिए डॉ. पिल्लई का सुझाव है कि जितना हो सके ग्रोथ फेज में बच्चों को जंक फूड और मीठे ड्रिंक्स से दूर रखें।

3. खाना छोड़ना

कुछ बच्चे बचपन से ही खाना खाने में नखरे करते हैं। सही समय पर खाना न खाना या असमय खाना खाना, बच्चे की हाइट को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता शुरू से ही अपने बच्चों में समय पर खाना खाने की आदत डालें। बच्चों को घर का बना खाना जैसे दाल, रोटी, सब्जी और तमाम प्रकार के पांरपरिक भोजनों को खाने की आदत डालें ताकि उन्हों हर मौसम, हर प्रकार के जरूरी पौष्टिक तत्व प्राप्त हो।

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4. प्रोसेस्ड फूड पर बहुत ज्यादा निर्भर रहना

प्रोसेस्ड फूड पर बहुत ज्यादा निर्भर रहना किसी की भी सेहत खराब कर सकता है। ऐसे में बच्चों को बहुत ज्यादा पिज्जा, बर्गर और मैगी जैसी चीजों को खिलाना उनकी सेहत बिगाड़ सकता है। Obesity Pillars नामक जर्नल में प्रकाशित शोध की मानें तो बच्चों को अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स (UPFs) जैसे पैकेटबंद स्नैक्स और फास्ट फूड से दूर रखें। ज्यादा प्रोसेस्ड खाना खाने से बच्चों में कम उम्र में ही मोटापा, डायबिटीज, पेट की बीमारियां, दांतों में सड़न और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

5. पर्याप्त मात्रा में फल और सब्जियों को न खाना

बच्चों का पर्याप्त मात्रा में फल और सब्जियों न खाना उनकी ग्रोथ को प्रभावित करता है। दरअसल, फल और सब्जियों को खाने से शरीर को विटामिन ए, बी, सी, डी, प्रोटीन और जिंक जैसे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं जिसेस बच्चों की ग्रोथ अच्छी होती है। अंत में यही कि बच्चों को संतुलित डाइट दें। इससे उनके हेल्दी ग्रोथ, हड्डियों के विकास, इम्यूनिटी और ओवरऑल सेहत में मदद मिलती है।

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निष्कर्ष:

डॉ. पिल्लई कहते हैं कि कई माता-पिता सिर्फ इस बात पर ध्यान देते हैं कि बच्चा कितना खाता है, लेकिन खाने की क्वालिटी और उसमें मौजूद चीजों की विविधता भी उतनी ही जरूरी है। आयरन, कैल्शियम, विटामिन D, जिंक और प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों की कमी से ग्रोथ, एनर्जी लेवल और सीखने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। चीनी, नमक और अनहेल्दी फैट वाली चीजे बार-बार खाने से पौष्टिक खाने के लिए भूख कम हो सकती है, जबकि बिना सही प्लानिंग के बहुत ज्यादा पाबंदी वाली डाइट से भी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, खासकर तेजी से ग्रोथ होने के समय।

साथ ही, यह भी पक्का करना चाहिए कि बच्चे को भरपूर नींद और शारीरिक गतिविधि मिले, क्योंकि ये दोनों ही ग्रोथ के लिए जरूरी हैं। अगर बच्चे का वजन ठीक से नहीं बढ़ रहा, लंबाई बढ़ने की रफ्तार धीमी है, लगातार थकान रहती है, भूख कम लगती है या विकास से जुड़ी कोई चिंता है, तो किसी पीडियाट्रिशियन या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से मिलकर पूरी जांच करवानी चाहिए। पोषक तत्वों से जुड़ी समस्याओं का जल्दी पता चलने और उन्हें ठीक करने से बच्चे की हेल्दी ग्रोथ और लंबे समय तक अच्छी सेहत में मदद मिल सकती है।

FAQ

  • बच्चों में विटामिन डी की कमी के लक्षण

    बच्चों में विटामिन डी की कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। बार-बार बच्चे बीमार पड़ते हैं और सर्दी-जुकाम की दिक्कत होती रहती है।
  • बच्चों में कैल्शियम की कमी के लक्षण

    बच्चों में ज्यादा पैर दर्द होना, मांसपेशियों की कमजोरी होना और दांतों से जुड़ी समस्या होना बच्चों में कैल्शियम की कमी के लक्षण हो सकते हैं।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 11, 2026 20:30 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Sep 11, 2026 20:30 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr. Pooja Pillai

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