Fri Sep 25, 2026 | 11:39 AM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

खानपान से सोरायसिस कैसे प्रभावित होता है? जानिए क्या खाएं और किन चीजों से परहेज करें

सोरायसिस की समस्या में डाइट का अहम योगदान होता है। अक्सर लोग इसे इग्नोर कर देते हैं। इस लेख में हम बता रहे हैं, कौन से फूड्स सूजन कम करते हैं और किन गलतियों से लक्षण बढ़ सकते हैं। पढ़ें पूरी जानकारी।
खानपान से सोरायसिस कैसे प्रभावित होता है? जानिए क्या खाएं और किन चीजों से परहेज करेंखानपान से सोरायसिस कैसे प्रभावित होता है? जानिए क्या खाएं और किन चीजों से परहेज करें

सोरायसिस त्वचा की एक लंबे समय तक रहने वाली सूजन संबंधी बीमारी है, जिसमें त्वचा पर लाल, मोटे और परतदार चकत्ते दिखाई दे सकते हैं। यह केवल बाहरी त्वचा की समस्या नहीं है, बल्कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी स्किन कंडीशन है। खानपान सोरायसिस को अकेले ठीक नहीं कर सकता, लेकिन सही डाइट शरीर में सूजन को नियंत्रित रखने, स्वस्थ वजन बनाए रखने और सम्पूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर रखने में सहायक हो सकता है।

दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित Advanced Skin Clinic की Founder, Aesthetic Physician, Cosmetologist And Skin Specialist डॉ. करुणा मल्होत्रा, कहती हैं, "सोरायसिस में खानपान की भूमिका को समझते हुए किसी एक चीज को सोरायसिस का कारण या इसका इलाज मानना सही नहीं है। हर व्यक्ति की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। संतुलित भोजन, हेल्दी वेट और सही मेडिकल ट्रीटमेंट की मदद से सोरायसिस को मैनेज किया जा सकता है।"

सोरायसिस में क्या खाएं?

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  1. साल 2025 में American Journal of Clinical Dermatology में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, सोरायसिस को मैनेज करने में डाइट का अहम रोल है। 
  2. सोरायसिस से जूझ रहे मरीजों को अपनी डाइट में अधिक मात्रा में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दालें, चने, राजमा, साबुत अनाज, मेवे और बीज शामिल करने चाहिए। इनकी मदद से शरीर को फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और अन्य जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।
  3. अगर आप नॉन-वेजिटेरियन हैं, तो मछली जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त चीजों को अपनी संतुलित डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि भोजन में रंग-बिरंगी सब्जियां और फल शामिल करना भी पोषण के लिहाज से अच्छा होता है।
  4. साल 2022 में Nutrients में प्रकाशित एक लेख से पता चलता है कि सोरायसिस में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन-C काफी फायदेमंद है।
  5. डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "सोरायसिस में भोजन जितना प्राकृतिक और संतुलित होगा, उतना बेहतर है। प्रोसेस्ड फूड के बजाय फ्रेश सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन को प्राथमिकता देना चाहिए।"

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अधिक वजन होने पर डाइट पर रखें नजर

सोरायसिस और मोटापे के बीच गहरा संबंध देखा गया है। शरीर में अत्यधिक फैट सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है। इसलिए जिन लोगों का वजन ज्यादा है यानी मोटापे का शिकार हैं, उनके लिए संतुलित भोजन और रेगुलर एक्सरसाइज बहुत जरूरी है, ताकि उनका वजन संतुलित रहे। इससे सोरायसिस को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।

डॉ. करुणा मल्होत्रा सलाह देती हैं, वजन कम करने के लिए बहुत कम खाना खाना सही नहीं और न ही क्रैश डाइटिंग करना सही है। वजन कम करने के लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है।

सोरायसिस में क्या न खाएं?

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बहुत अधिक तला हुआ भोजन, अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थ और पेय, प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करना बेहतर है। इनका अधिक सेवन वजन बढ़ाने और शरीर के समग्र स्वास्थ्य पर नेगेटिव असर डालने के लिए जाना जाता है।

Nutrients में प्रकाशित लेख के अनुसार, अधिक मात्रा शराब का अधिक सेवन भी कुछ लोगों में सोरायसिस की कंडीशन को बिगाड़ सकता है और ट्रीटमेंट के प्रभाव को कम कर सकता है। इसलिए शराब से दूरी रखना बेहतर होता है।

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एक्सपर्ट की सलाह

डॉ. करुणा मल्होत्रा के अनुसार, "सोरायसिस में खानपान उपचार का सहायक हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे दवाओं या चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं समझना चाहिए। यदि त्वचा विशेषज्ञ ने कोई उपचार शुरू किया है, तो केवल भोजन बदलने के कारण उसे अपने आप बंद नहीं करना चाहिए।" सही डाइट के अलावा सोरायसिस में नींद, तनाव, शारीरिक गतिविधि और वजन जैसे दूसरे कारकों पर भी ध्यान देना जरूरी है। तनाव और शारीरिक समस्या लोगों में सोरायसिस लक्षणों को बढ़ा सकते हैं, इसलिए केवल भोजन पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के बजाय जीवनशैली में भी जरूरी बदलाव करें।

निष्कर्ष

सोरायसिस के लिए कोई एक ऐसा भोजन नहीं है, जो बीमारी को पूरी तरह खत्म कर दे। लेकिन सब्जियों, फलों, साबुत अनाज, दालों और पर्याप्त प्रोटीन से भरपूर संतुलित आहार के साथ-साथ संतुलित वजन और नियमित शारीरिक गतिविधि, त्वचा और पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकते हैं। डॉ. करुणा मल्होत्रा सलाह देती हैं, "सोरायसिस में हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है। इसलिए किसी खाद्य पदार्थ को बिना वजह पूरी तरह छोड़ने के बजाय संतुलित भोजन लें, अपने लक्षणों पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।"

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FAQ

  • क्या सोरायसिस में दूध और गेहूं पूरी तरह छोड़ना सही है?

    सोरायसिस होने का मतलब यह नहीं है कि आप दूध, गेहूं या ग्लूटेन पूरी तरह बंद कर दें। अगर सीलिएक (Celiac) रोग या ग्लूटेन सेंसिटिविटी अधिक है, तभी गेहूं पूरी तरह छोड़ें। सोरायसिस में दूध या गेहूं लेना है या नहीं, इस बारे में डॉक्टर से जान लें।
  • क्या सोरायसिस में खुद से डाइट में बदलाव करना सही होता है?

    सोरायसिस जैसी स्थिति में खुद से डाइट में बदलाव करना सही नहीं है और न ही इंटरनेट में दी गई सलाह पर आंख बंद करके यकीन करना चाहिए। याद रखने कि सबका शरीर अलग है और लक्षण भी अलग-अलग हो सकते हैं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 25, 2026 10:37 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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