दिन की शुरुआत अगर सिर्फ चाय, बिस्कुट या हल्के नाश्ते से होती है, तो कुछ घंटों बाद दोबारा भूख लगना आम बात है। खासकर उन लोगों के लिए जो सुबह देर से खाना खाते हैं या दोपहर का भोजन देर से करते हैं उनके लिए ब्रंच एक जरूरी मील बन सकता है। कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून की सीनियर डाइटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त ने कुछ हाई-प्रोटीन विकल्प बताए हैं, जिन्हें घर पर मौजूद सामान्य सामग्री से तैयार किया जा सकता है। इनमें रागी डोसा, ओट्स चीला, पनीर भुर्जी, मूंगदाल चीला और बेसन-पनीर चीला जैसे विकल्प शामिल हैं। ब्रंच यानी नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच लिया जाने वाला भोजन अगर सही तरीके से चुना जाए, तो यह लंबे समय तक पेट भरा रखने और दिनभर की डाइट को बैलेंस रखने में मदद कर सकता है।
5 हाई-प्रोटीन ब्रंच आइडियाज
न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, प्रोटीन सिर्फ मसल्स के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई जरूरी कामों में भूमिका निभाता है। पर्याप्त प्रोटीन वाला भोजन खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम हो सकती है।
1. मूंगफली की चटनी के साथ रागी डोसा
न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त बताती हैं कि रागी डोसा ब्रंच के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। रागी में फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे मूंगफली की चटनी के साथ खाने से भोजन में प्रोटीन और हेल्दी फैट की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। मूंगफली में प्रोटीन के साथ कैलोरी भी ज्यादा होती है, इसलिए चटनी की मात्रा अपनी जरूरत के अनुसार रखना बेहतर है। इसे सब्जियों या सांभर के साथ लिया जाए तो भोजन और बैलेंस हो सकता है।
2. मूंगफली और तिल की चटनी के साथ ओट्स चीला
न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, ओट्स से बना चीला ब्रंच के लिए आसान और पेट भरने वाला विकल्प है। इसमें सब्जियां जैसे प्याज, टमाटर, गाजर या शिमला मिर्च मिलाई जा सकती हैं। इसके साथ मूंगफली और तिल की चटनी लेने से भोजन में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट शामिल होते हैं। अगर आप लंबे समय तक भूख से बचना चाहते हैं, तो इस तरह का बैलेंस भोजन फायदेमंद हो सकता है।
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3. पनीर भुर्जी के साथ टोस्ट
पनीर प्रोटीन का अच्छा सोर्स है और इसे भुर्जी के रूप में बनाकर ब्रंच में शामिल किया जा सकता है। पनीर भुर्जी के साथ साबुत अनाज या मल्टीग्रेन टोस्ट लिया जा सकता है। इसमें प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च और अन्य सब्जियां मिलाने से फाइबर और पोषक तत्व भी बढ़ते हैं। यह विकल्प उन लोगों के लिए खासतौर पर आसान है, जिन्हें जल्दी तैयार होने वाला ब्रंच चाहिए।
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4. मूंगदाल चीला
न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, मूंगदाल चीला हाई-प्रोटीन ब्रंच का एक आसान विकल्प है। मूंगदाल को भिगोकर पीसने के बाद इसमें सब्जियां और मसाले मिलाकर चीला बनाया जा सकता है। इसे दही या हरी चटनी के साथ खाया जा सकता है। अगर आप इसे ज्यादा बैलेंस बनाना चाहते हैं, तो चीले में पनीर या बारीक कटी सब्जियां भी शामिल कर सकते हैं।
5. बेसन और पनीर का चीला
बेसन और पनीर का कॉम्बिनेशन ब्रंच में प्रोटीन बढ़ाने का एक आसान तरीका हो सकता है। बेसन से चीला तैयार करके उसमें पनीर की फिलिंग की जा सकती है। साथ में सलाद या दही लेने से भोजन में फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी शामिल होंगे। इसे बहुत ज्यादा तेल या मक्खन में बनाने से बचना चाहिए, खासकर अगर आपको वजन कंट्रोल रखना हो।
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हाई-प्रोटीन ब्रंच के फायदे
न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त बताती हैं कि ब्रंच में केवल कार्बोहाइड्रेट वाले फूड्स लेने के बजाय प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का बैलेंस रखना बेहतर होता है। इससे भोजन ज्यादा बैलेंस बनता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है। हालांकि, किसी एक भोजन को केवल प्रोटीन पर आधारित करने के बजाय पूरे दिन की डाइट में अलग-अलग पोषक तत्वों को शामिल करना जरूरी है।
साल 2020 में Journal of Obesity & Metabolic Syndrome में प्रकाशित स्टडी के अनुसार-
- ज्यादा प्रोटीन वाली डाइट वजन घटाने और शरीर की बनावट को सुधारने में बेहद असरदार और सुरक्षित है।
- यह फैट को कम करते हुए मसल्स को सुरक्षित रखती है और वजन बढ़ने से रोकती है।
- प्रोटीन हमारे शरीर में भूख कम करने वाले हार्मोन्स को बढ़ाता है और भूख बढ़ाने वाले हार्मोन्स को घटाता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है।
निष्कर्ष
न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के बताए ये पांच हाई-प्रोटीन ब्रंच (High-protein brunch) विकल्प घर पर आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। रागी डोसा, ओट्स चीला, पनीर भुर्जी, मूंगदाल चीला और बेसन-पनीर चीला में अलग-अलग सोर्स से प्रोटीन शामिल किया जा सकता है। ब्रंच को हेल्दी रखने के लिए प्रोटीन के साथ सब्जियां, फाइबर और सही मात्रा में हेल्दी फैट शामिल करें और तेल की मात्रा पर भी ध्यान दें।
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FAQ
एक दिन में कितनी मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए?
प्रोटीन की जरूरत उम्र, शरीर के वजन, फिजिकल एक्टिविटी और हेल्थ कंडीशन के अनुसार अलग-अलग होती है। इसलिए हर व्यक्ति की जरूरत समान नहीं होती है।क्या प्रोटीन खाने से भूख कम होती है?
प्रोटीन वाले खाने के कारण कुछ लोगों को भोजन के बाद लंबे समय तक भूख कम महसूस होती है। इसका असर व्यक्ति की कुल डाइट पर भी निर्भर करता है।ब्रंच और नाश्ते में क्या अंतर है?
नाश्ता आमतौर पर सुबह का पहला भोजन होता है, जबकि ब्रंच नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच लिया जाने वाला भोजन है।
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Oct 06, 2026 10:34 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dt Payal Dutt
