Tue Oct 6, 2026 | 11:30 AM IST

Medically Reviewed by Dt Payal Dutt , Sr. Dietitian – Clinical Nutrition & Therapeutic Diet Planning

नाश्ता मिस हो गया तो खाएं ये 5 हाई-प्रोटीन ब्रंच, पेट रहेगा भरा और सेहत को मिलेंगे फायदे

नाश्ता मिस होने पर प्रोटीन से भरपूर ब्रंच लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है। यहां न्यूट्रिशनिस्ट से जानिए, 5 आसान और हेल्दी हाई-प्रोटीन ब्रंच आइडियाज।
नाश्ता मिस हो गया तो खाएं ये 5 हाई-प्रोटीन ब्रंच, पेट रहेगा भरा और सेहत को मिलेंगे फायदेनाश्ता मिस हो गया तो खाएं ये 5 हाई-प्रोटीन ब्रंच, पेट रहेगा भरा और सेहत को मिलेंगे फायदे

दिन की शुरुआत अगर सिर्फ चाय, बिस्कुट या हल्के नाश्ते से होती है, तो कुछ घंटों बाद दोबारा भूख लगना आम बात है। खासकर उन लोगों के लिए जो सुबह देर से खाना खाते हैं या दोपहर का भोजन देर से करते हैं उनके लिए ब्रंच एक जरूरी मील बन सकता है। कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून की सीनियर डाइटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त ने कुछ हाई-प्रोटीन विकल्प बताए हैं, जिन्हें घर पर मौजूद सामान्य सामग्री से तैयार किया जा सकता है। इनमें रागी डोसा, ओट्स चीला, पनीर भुर्जी, मूंगदाल चीला और बेसन-पनीर चीला जैसे विकल्प शामिल हैं। ब्रंच यानी नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच लिया जाने वाला भोजन अगर सही तरीके से चुना जाए, तो यह लंबे समय तक पेट भरा रखने और दिनभर की डाइट को बैलेंस रखने में मदद कर सकता है।

5 हाई-प्रोटीन ब्रंच आइडियाज

न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, प्रोटीन सिर्फ मसल्स के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई जरूरी कामों में भूमिका निभाता है। पर्याप्त प्रोटीन वाला भोजन खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम हो सकती है।

1. मूंगफली की चटनी के साथ रागी डोसा

न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त बताती हैं कि रागी डोसा ब्रंच के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। रागी में फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे मूंगफली की चटनी के साथ खाने से भोजन में प्रोटीन और हेल्दी फैट की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। मूंगफली में प्रोटीन के साथ कैलोरी भी ज्यादा होती है, इसलिए चटनी की मात्रा अपनी जरूरत के अनुसार रखना बेहतर है। इसे सब्जियों या सांभर के साथ लिया जाए तो भोजन और बैलेंस हो सकता है।

2. मूंगफली और तिल की चटनी के साथ ओट्स चीला

न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, ओट्स से बना चीला ब्रंच के लिए आसान और पेट भरने वाला विकल्प है। इसमें सब्जियां जैसे प्याज, टमाटर, गाजर या शिमला मिर्च मिलाई जा सकती हैं। इसके साथ मूंगफली और तिल की चटनी लेने से भोजन में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट शामिल होते हैं। अगर आप लंबे समय तक भूख से बचना चाहते हैं, तो इस तरह का बैलेंस भोजन फायदेमंद हो सकता है।

high protein brunch ideashigh protein brunch ideas

3. पनीर भुर्जी के साथ टोस्ट

पनीर प्रोटीन का अच्छा सोर्स है और इसे भुर्जी के रूप में बनाकर ब्रंच में शामिल किया जा सकता है। पनीर भुर्जी के साथ साबुत अनाज या मल्टीग्रेन टोस्ट लिया जा सकता है। इसमें प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च और अन्य सब्जियां मिलाने से फाइबर और पोषक तत्व भी बढ़ते हैं। यह विकल्प उन लोगों के लिए खासतौर पर आसान है, जिन्हें जल्दी तैयार होने वाला ब्रंच चाहिए।

इसे भी पढ़ें: 100 ग्राम दाल या 100 ग्राम पनीर: किसमें मिलता है ज्यादा प्रोटीन? न्यूट्रिशनिस्ट से जानें डाइट के लिए सही विकल्प

4. मूंगदाल चीला

न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के अनुसार, मूंगदाल चीला हाई-प्रोटीन ब्रंच का एक आसान विकल्प है। मूंगदाल को भिगोकर पीसने के बाद इसमें सब्जियां और मसाले मिलाकर चीला बनाया जा सकता है। इसे दही या हरी चटनी के साथ खाया जा सकता है। अगर आप इसे ज्यादा बैलेंस बनाना चाहते हैं, तो चीले में पनीर या बारीक कटी सब्जियां भी शामिल कर सकते हैं।

5. बेसन और पनीर का चीला

बेसन और पनीर का कॉम्बिनेशन ब्रंच में प्रोटीन बढ़ाने का एक आसान तरीका हो सकता है। बेसन से चीला तैयार करके उसमें पनीर की फिलिंग की जा सकती है। साथ में सलाद या दही लेने से भोजन में फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी शामिल होंगे। इसे बहुत ज्यादा तेल या मक्खन में बनाने से बचना चाहिए, खासकर अगर आपको वजन कंट्रोल रखना हो।

इसे भी पढ़ें: क्या रोज पीनट बटर खाना सुरक्षित है? जानें इसके फायदे और जरूरी सावधानियां

हाई-प्रोटीन ब्रंच के फायदे

न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त बताती हैं कि ब्रंच में केवल कार्बोहाइड्रेट वाले फूड्स लेने के बजाय प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का बैलेंस रखना बेहतर होता है। इससे भोजन ज्यादा बैलेंस बनता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है। हालांकि, किसी एक भोजन को केवल प्रोटीन पर आधारित करने के बजाय पूरे दिन की डाइट में अलग-अलग पोषक तत्वों को शामिल करना जरूरी है।

साल 2020 में Journal of Obesity & Metabolic Syndrome में प्रकाशित स्टडी के अनुसार-

  • ज्यादा प्रोटीन वाली डाइट वजन घटाने और शरीर की बनावट को सुधारने में बेहद असरदार और सुरक्षित है।
  • यह फैट को कम करते हुए मसल्स को सुरक्षित रखती है और वजन बढ़ने से रोकती है।
  • प्रोटीन हमारे शरीर में भूख कम करने वाले हार्मोन्स को बढ़ाता है और भूख बढ़ाने वाले हार्मोन्स को घटाता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है।

निष्कर्ष

न्यूट्रिशनिस्ट पायल दत्त के बताए ये पांच हाई-प्रोटीन ब्रंच (High-protein brunch) विकल्प घर पर आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। रागी डोसा, ओट्स चीला, पनीर भुर्जी, मूंगदाल चीला और बेसन-पनीर चीला में अलग-अलग सोर्स से प्रोटीन शामिल किया जा सकता है। ब्रंच को हेल्दी रखने के लिए प्रोटीन के साथ सब्जियां, फाइबर और सही मात्रा में हेल्दी फैट शामिल करें और तेल की मात्रा पर भी ध्यान दें।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • एक दिन में कितनी मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए?

    प्रोटीन की जरूरत उम्र, शरीर के वजन, फिजिकल एक्टिविटी और हेल्थ कंडीशन के अनुसार अलग-अलग होती है। इसलिए हर व्यक्ति की जरूरत समान नहीं होती है।
  • क्या प्रोटीन खाने से भूख कम होती है?

    प्रोटीन वाले खाने के कारण कुछ लोगों को भोजन के बाद लंबे समय तक भूख कम महसूस होती है। इसका असर व्यक्ति की कुल डाइट पर भी निर्भर करता है।
  • ब्रंच और नाश्ते में क्या अंतर है?

    नाश्ता आमतौर पर सुबह का पहला भोजन होता है, जबकि ब्रंच नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच लिया जाने वाला भोजन है।

Read Next

→ क्या भोजन के बाद शुगर 200 के पार है? डाइट से जुड़ी ये 6 गलतियां हो सकती हैं जिम्मेदार

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 06, 2026 10:34 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dt Payal Dutt