Fri Sep 18, 2026 | 07:33 PM IST

Medically Reviewed by Dt Meena Kumari , Dietician

100 ग्राम दाल या 100 ग्राम पनीर: किसमें मिलता है ज्यादा प्रोटीन? न्यूट्रिशनिस्ट से जानें डाइट के लिए सही विकल्प

प्रोटीन की मात्रा के लिए दाल या पनीर में से क्या लेना ज्यादा बेहतर है? कुछ लोग पनीर मानते हैं, तो कुछ को लगता है कि दाल बेहतर है? इस बारे में न्यूट्रिशनिस्ट की अपनी राय है, जिसे उन्होंने विस्तार से इस लेख में समझाया है।
100 ग्राम दाल या 100 ग्राम पनीर: किसमें मिलता है ज्यादा प्रोटीन? न्यूट्रिशनिस्ट से जानें डाइट के लिए सही विकल्प100 ग्राम दाल या 100 ग्राम पनीर: किसमें मिलता है ज्यादा प्रोटीन? न्यूट्रिशनिस्ट से जानें डाइट के लिए सही विकल्प

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जो लोग प्रोटीन की मात्रा ज्यादा लेना चाहते हैं, उनका हमेशा यह सवाल होता है कि उन्हें दाल की मात्रा ज्यादा बढ़ा देनी चाहिए या फिर रोजाना डाइट में पनीर शामिल कर लेना चाहिए। खासतौर पर शाकाहारी लोगों को इसमें कन्फ्यूजन ज्यादा होती है। इस बारे में Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad का कहना है कि दाल और पनीर, दोनों से मिलने वाले पोषक तत्व अलग-अलग होते हैं। पनीर में कम मात्रा में भी अच्छी मात्रा में प्रोटीन मिल सकता है, जबकि दाल प्रोटीन के साथ फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी देती है।

100 ग्राम दाल vs पनीर: किसमें प्रोटीन ज्यादा?

Chief Dietitian Meena Kumari कहती हैं कि अगर प्रोटीन की मात्रा की बात करें, तो आमतौर पर 100 ग्राम पनीर में दाल के मुकाबले ज्यादा प्रोटीन मिलता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दाल नहीं खानी चाहिए। प्रोटीन की मात्रा काफी हद तक दाल की किस्म, पकाने का तरीका और उसमें पानी की मात्रा के हिसाब से प्रोटीन की मात्रा बदल सकती है। 

 

प्रोटीन की मात्रा

100 ग्राम पकी हुई दाल

लगभग 7-9 ग्राम

  100 ग्राम पनीर

लगभग 18-20 ग्राम 

दाल खाने से क्या फायदे मिलते हैं?

Meena Kumari का कहना है, “दाल में न सिर्फ प्रोटीन, बल्कि इसमें फाइबर, आयरन, फोलेट और कई दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं। फाइबर की वजह से दाल रोज के संतुलित भोजन का अच्छा हिस्सा बन सकती है। अलग-अलग तरह की दालें खाना बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बन सकता है। इस वजह से घर के खाने में दाल को शामिल किया जाता है। इसे रोटी या चावल के साथ खाया जा सकता है।”

दाल के प्रोटीन को बेहतर तरीके से लेने के तरीके

Meena Kumari ने बताया कि दाल को रोटी या चावल जैसे अनाज के साथ खाना एक अच्छा तरीका है। इससे खाने में कई तरह के पोषक तत्व मिल सकते हैं। इसके अलावा, दाल के साथ दही, सोया, चना, राजमा जैसे प्रोटीन के स्रोत शामिल किए जाते हैं। हर दिन एक ही चीज खाने के बजाय अलग-अलग ऑप्शन अपनाने से डाइट बेहतर हो सकती है।

dal vs paneerdal vs paneer

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पनीर किन लोगों के लिए बेहतर है?

Meena Kumari कहती हैं, “पनीर उन लोगों के लिए बेहतर है, जो अपने खाने में डेयरी प्रोडक्ट्स शामिल करना चाहते हैं। पनीर से प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी मिलता है। वैसे फुल-फैट पनीर में कैलोरी और सैचुरेटेड फैट ज्यादा हो सकते हैं। इसलिए अगर कोई कैलोरी पर ध्यान दे रहे हैं, तो पनीर की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। इसके अलावा, इसका पकाने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। इसलिए पनीर को कम तेल और मसालों में पकाया जा सकता है।”

वजन कम करने के लिए दाल या पनीर में से क्या लेना चाहिए?

Meena Kumari ने बताया कि अगर किसी को वजन कम करना है, तो सिर्फ प्रोटीन की मात्रा पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए। इसके साथ दिनभर में कुल कैलोरी और फिजिकल एक्टिविटी पर भी ध्यान देना चाहिए। दाल में फाइबर होता है और पकी हुई दाल की कैलोरी मात्रा उसकी किस्म और तैयारी पर निर्भर करती है। वहीं, पनीर में प्रोटीन ज्यादा हो सकता है, लेकिन फुल-फैट पनीर से कैलोरी और सैचुरेटेड फैट भी मिल सकता है। इसलिए वजन घटाने के दौरान दाल और पनीर, दोनों को अपनी जरूरत के हिसाब से शामिल किया जा सकता है।

प्रोटीन के लिए दाल बेहतर या पनीर?

Meena Kumari का जवाब है कि दोनों को ही डाइट में शामिल किया जा सकता है। दाल से प्रोटीन के साथ फाइबर और दूसरे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिलते हैं, जबकि पनीर से ज्यादा प्रोटीन और कैल्शियम मिल सकता है। इसलिए किसी एक को हमेशा बेहतर मानने के बजाय यह देखें कि आपकी डाइट में किस चीज की जरूरत है और आप उसे कितनी मात्रा में खा रहे हैं।

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निष्कर्ष
Meena Kumari सलाह देती हैं कि अच्छी डाइट का मतलब सिर्फ ज्यादा प्रोटीन खाना नहीं है। इसके साथ यह भी मायने रखता है कि आप क्या खा रहे हैं, कितनी मात्रा में खा रहे हैं और आपके भोजन में कितनी वैरायटी है। दाल और प्रोटीन उम्र, वजन, फिजिकल एक्टिविटी और मेडिकल कंडीशन के अनुसारही प्रोटीन की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। इसलिए प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए डायटिशियन की सलाह जरूर लें।

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FAQ

  • मसल बिल्डिंग और वर्कआउट करने वालों के लिए क्या बेहतर है?

    वर्कआउट करने वालों के लिए पनीर ज्यादा फायदेमंद है। इसमें धीमी गति से पचने वाला केसीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो मांसपेशियों की रिकवरी और स्ट्रेंथ बढ़ाने में तेजी से मदद करती है।
  • मूंग दाल, चना दाल या तुअर दाल: प्रोटीन के लिहाज से कौन-सी दाल सबसे अच्छी है?

    प्रोटीन की मात्रा के मामले में चना दाल और मूंग दाल सबसे आगे हैं। हालांकि, पाचन के नजरिए से छिलके वाली मूंग दाल सबसे बेहतरीन मानी जाती है, क्योंकि यह शरीर में आसानी से अवशोषित होती है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 18, 2026 18:20 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dt Meena Kumari

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