Wed Oct 21, 2026 | 02:33 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

World Iodine Deficiency Day: आयोडीन की कमी से क्या होता है? घेंघा रोग ही नहीं हो सकती हैं ये 5 समस्याएं

World Iodine Deficiency Day: आयोडीन की कमी से सिर्फ घेंघा रोग नहीं होता बल्कि, यह आपके शरीर में कई समस्याओं को पैदा कर सकती है। जानते हैं इनके बारे में और डॉक्टर से समझते हैं इस स्थिति से कैसे बचें?
World Iodine Deficiency Day: आयोडीन की कमी से क्या होता है? घेंघा रोग ही नहीं हो सकती हैं ये 5 समस्याएंWorld Iodine Deficiency Day: आयोडीन की कमी से क्या होता है? घेंघा रोग ही नहीं हो सकती हैं ये 5 समस्याएं

World Iodine Deficiency Day: आयोडीन शरीर के लिए बेहद जरूरी है। दरअसल, अगर इसकी कमी शरीर के कई जरूरी फंक्शन को प्रभावित कर सकती है और सेहत से जुड़ी समस्याओं की वजह बन सकती है। यह न सिर्फ आपके मेंटल हेल्थ के लिए जरूरी है बल्कि, यह आपके शरीर के हार्मोनल हेल्थ को रेगुलेट करने के लिए भी जरूरी है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida बताते हैं कि ज्यादातर लोगों को लगता है कि आयोडीन की कमी से सिर्फ घेंघा रोग होता है, जबकि ऐसा नहीं है। इसकी कमी से आपको यह तमाम समस्याएं भी हो सकती हैं।

आयोडीन की कमी से क्या होता है?

डॉ. अक्षय चुग कहते हैं कि जब आपके शरीर में आयोडीन कमी होती है, तो सबसे पहला आपका मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल हेल्थ प्रभावित होता है। आप समझ भी नहीं पाएंगे और इसकी कमी से आपके शरीर मे कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं जैसे-

1. वजन बढ़ सकता है

डॉ. अक्षय कहते हैं कि आयोडीन की कमी से आपका वजन तेजी से बढ़ सकता है। वजह बढ़ने का यह एक ऐसा कारण है जिसका एहसास लोगों को बहुत देर से होता है। इसा ऐसा समझें जैसे अकारण वजन बढ़ना। दरअसल, जब आपके शरीर में आयोडीन की कमी होती है तो आपका मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। साल 2024 में Frontiers in Nutrition जर्नल में प्रकाशित शोध की मानें, तो आयोडीन का हमारे शरीर के चयापचय (Metabolism) पर सीधा प्रभाव पड़ता है, जिसमें ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म, लिपिड यानी फैट मेटाबॉलिज्म और मोटापा (Obesity) शामिल हैं। जब शरीर में आयोडीन की कमी होती है T4 और T3 नामक हार्मोन की कमी होती है जिसकी वजह से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।

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2. दूसरों की तुलना ज्यादा ठंड महसूस करना

अगर आपको बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा ठंड लगती है या हर समय आपके हाथ-पैर ठंडे रहते हैं तो यह आयोडीन की कमी की वजह से हो सकता है। दरअसल, इसकी कमी से जब मेटाबॉलिज्म धीमा होता है तो कोशिकाओं में ऊर्जा का उत्पादन और गर्मी पैदा होने की प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती है। इससे आपका शरीर ठंडा रहता है। साथ ही शरीर का तापमान नियंत्रित रखने वाले हार्मोन भी प्रभावित हो जाते हैं जिससे बाकी लोगों की तुलना आप ज्यादा ठंडक महसूस कर सकते हैं।

3. हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण

आयोडीन की कमी सीधे तौर पर हाइपोथायरायडिज्म की बीमारी का कारण बन सकता है। दरअसल, थायराइड ग्रंथि को T3 और T4 जैसे हार्मोन्स को बनाने के लिए आयोडीन की जरुरत होती है और जब शरीर में इसकी कमी होती है तो इन हार्मोन्स का प्रोडक्शन कम हो जाता है जिससे हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण महसूस हो सकते हैं जैसे-

  • हर वक्त थकान और सुस्ती रहना
  • कमजोरी
  • पीरियड्स का रेगुलर न होना

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4. स्किन और बालों की समस्याएं

डॉ. चुग कहते हैं कि शरीर में एक समस्या, दूसरे समस्याओं को जन्म देती है। ऐसे में समझने वाली बात यह जब आपके हार्मोन्स प्रभावित रहते हैं तो आपके बालों और स्किन की सेहत भी प्रभावित हो सकती है। जैसे कि आुके स्किन बहुत ज्यादा ड्राई हो सकती है और त्वचा पर पपड़ी पड़ सकते हैं। इसके अलावा आपके बाल झड़ सकते हैं और बालों का टैक्सचर बहुत ज्यादा ड्राई हो सकता है।

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5. किसी भी घाव की हीलिंग में देरी

घाव की हीलिंग के लिए जरूरी है कि शरीर में आयोडीन की मात्रा सही रहे। यह थायराइड हार्मोन को ऊर्जा प्रदान करता है जो कोशिकीय चयापचय और मरम्मत को नियंत्रित करते हैं। जब आयोडीन की कमी होती है तो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता, मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और घाव की हीलिंग में देरी होती है।

आयोडीन की कमी से कैसे बचें?

Nutrients Journal में प्रकाशिक इस स्टडी की मानें तो आयोडीन की कमी से बचने के लिए, रोजाना खाना पकाने में आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें और आयोडीन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे सीफूड और अंडा खाएं। डॉ. अक्षय कहते हैं कि शरीर को रोजाना लगभग 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की जरूरत होती है, जबकि गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसकी अधिक मात्रा लगभग 250 माइक्रोग्राम चाहिए होती है, इसलिए इस मात्रा का ध्यान रखें और इसकी कमी से बचें।

निष्कर्ष:

डॉ. अक्षय कहते हैं कि कुछ मिलाकर आपको अपने शरीर में आयोडीन की कमी के लक्षण महसूस होते ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए क्योंकि नजरअंदाज करने से दिक्कत बढ़ सकती है और आप ज्यादा परेशान हो सकते हैं। इसके अलावा अपने खाने में नमक की मात्रा का ध्यान रखें और आयोडीन से भरपूर नमक का ही सेवन करें।

FAQ

  • आयोडीन के लिए क्या खाना चाहिए?

    आयोडीन के लिए आयोडीन युक्त नमक को खाने में शामिल करें और सीफूड्स खाएं। हालांकि, वेजिटेरियन हैं तो पालक, कद्दू और कुछ ड्राई फ्रूट्स को डाइट में शामिल कर सकते हैं।
  • क्या दूध में भी आयोडीन होता है?

    गाय के दूध में सामान्य तौर पर 55 से 84 माइक्रोग्राम (mcg) आयोडीन होता है। हालांकि, हर प्रकार के दूध में यह मिलना मुश्किल हो सकता है।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 21, 2026 12:31 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh