Fri Oct 23, 2026 | 08:42 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

अगर आप बिल्कुल भी फल नहीं खाते तो क्या होगा, जानें सबके लिए फ्रूट्स का सेवन कितना जरूरी?

What Happens When You Skip Fruit: जब आप फल नहीं खाते, तो आपको सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि कब्ज। इसके अलावा भी फल न खाने के कई नुकसान हो सकते हैं, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
अगर आप बिल्कुल भी फल नहीं खाते तो क्या होगा, जानें सबके लिए फ्रूट्स का सेवन कितना जरूरी?अगर आप बिल्कुल भी फल नहीं खाते तो क्या होगा, जानें सबके लिए फ्रूट्स का सेवन कितना जरूरी?

बहुत से ऐसे लोग हैं जो कभी फल नहीं खाते, तो कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें फल खाना पसंद ही नहीं है। ऐसे में एक सवाल यह आता है कि अगर आप फल कभी नहीं खाते, तो आपके शरीर में इसका क्या असर होगा? इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने Ms. Aditi Prasad Apte, Senior - Clinical Nutritionist, Aster RV Hospital, Bengaluru से बात की। इसके अलावा हमने इस बारे में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से बात की जिन्होंने हमें बताया कि फल खाना सेहत के लिए क्यों जरूरी है?

अगर आप बिल्कुल भी फल नहीं खाते तो क्या होगा?

डाइट एक्सपर्ट अदिति कहती हैं कि फल विटामिन, मिनरल, डाइटरी फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं, जो समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। अगर कोई व्यक्ति फल नहीं खाता है, तो उसे जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते खासकर विटामिन C, पोटैशियम, फोलेट और कुछ खास प्लांट कंपाउंड जो कि इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति बाकी खाने में क्या ले रहा है। लंबे समय तक इन पोषक तत्वों की कमी से इम्युनिटी, पाचन और सामान्य स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है जैसे-

विटामिन C की कमी

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि जब आप अपनी डाइट में फलों को शामिल नहीं करते तो आपको विटामिन सी की कमी हो सकती है। इसके अलावा आपको घाव भरने में दिक्कत आ सकती है और गंभीर मामलों में 'स्कर्वी' (scurvy) जैसी बीमारी भी हो सकती है। इतना ही नहीं, अर्चना जैन कहती हैं कि विटामिन सी की कमी आपके इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकती है, जिससे आप जल्दी-जल्दी किसी बीमारी से संक्रमित हो सकते हैं। साथ ही विटामिन सी आपके स्किन और बालों की सेहत को भी प्रभावित कर सकती है और इसकी कमी से आपके चेहरे की चमक कम हो सकती है और बाल बेजान नजर आ सकते हैं।

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फाइबर की कमी से कब्ज

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि फाइबर की कमी से आपको कब्ज ही नहीं, बल्कि आंतों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। ध्यान देने वाली बात यह कि आपके डाइट में फाइबर का एक बड़ा हिस्सा फलों से आता है और इसकी कमी से आपका पाचन क्रिया प्रभावित हो सकता है। इससे आंतों की गति धीमी हो सकती है और मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है जिससे वजन कंट्रोल करने में मुश्किल हो सकती है और मोटापा बढ़ सकता है। लंबे समय तक सख्त और सूखे मल को बाहर निकालने के लिए जोर लगाने से मलाशय और गुदा की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे नसें सूज सकती हैं और आपको बवासीर या उनमें छोटे-छोटे घाव जैसे एनल फिशर हो सकते हैं।

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पाचन खराब हो सकता है

जब आप डाइट में फलों को शामिल नहीं करते हैं, आपका पाचन खराब हो सकता है। NCBI में प्रकाशित साल 2026 की इस शोध की मानें, तो डाइट में फाइबर की कमी होने से पेट नहीं भरता और बार-बार क्रेविंग हो सकती है। इससे आप ज्यादा खा सकते हैं और मोटापा बढ़ सकता है, कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है और यहां तक कि आपको आगे चलकर लाइफस्टाइल से जुड़ी अन्य बीमारियां जैसे हाई शुगर और हाई बीपी की दिक्कत हो सकती है।

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कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि जब आप फल खाते हैं तो इसका घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल से जुड़ जाता है और उसे शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। इसके कम सेवन करने से LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल और खून में लिपिड का स्तर बढ़ सकता है। इससे हाई बीपी और दिल की बीमारियां हो सकती हैं।

हालांकि, फल न खाने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति में पोषक तत्वों की कमी हो ही जाएगी। इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि क्या उसे वही पोषक तत्व सब्जियों, दालों, साबुत अनाज, नट्स, बीजों और अन्य खाद्य पदार्थों से मिल रहे हैं या नहीं। उदाहरण के लिए, अमरूद, संतरा और बेरी से विटामिन C मिलता है, लेकिन शिमला मिर्च, ब्रोकली और पत्तागोभी जैसी सब्जियों से भी यह मिल सकता है।

निष्कर्ष:

ज्यादातर लोगों के लिए फलों का सेवन फायदेमंद होता है, लेकिन अगर अन्य खाद्य पदार्थों से शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें पूरी हो रही हैं, तो कोई खास फल या फलों की कोई निश्चित मात्रा लेना अनिवार्य नहीं है। फलों के जूस की तुलना में साबुत फल खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है, क्योंकि इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है और इन्हें खाने से पेट भी ज्यादा देर तक भरा रहता है। डायबिटीज के मरीज भी अपने कार्बोहाइड्रेट के सेवन और अपनी व्यक्तिगत आहार संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, सही मात्रा में साबुत फल खा सकते हैं।

FAQ

  • फल खाने का सबसे अच्छा समय कौन सा होता है?

    फल खाने का सबसे अच्छा समय है दिन के समय जब शरीर पूरी तरह से विटामिन सी को अवशोषित कर लेता है। साथ ही पेट के पास फाइबर पचाने का समय होता है।
  • सुबह-सुबह खाली पेट कौन सा फल खाना चाहिए?

    सुबह-सुबह खाली पेट आपको पपीता और सेब जैसे फलों को डाइट में शामिल करना चाहिए जो कि पेट के लिए न्यूट्रल होते हैं और एसिडिटी का कारण नहीं बनते हैं।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 23, 2026 18:43 IST

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