पिछले कुछ सालों में हाई प्रोटीन डाइट का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है। वजन कम करने, मसल्स गेन करने और फिट रहने के लिए लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा रहे हैं। अंडे, दालें, प्रोटीन शेक, सप्लीमेंट्स और चिकन का सेवन ज्यादा मात्रा में करना कुछ लोगों के लिए बहुत आम हो गया है। हालांकि, प्रोटीन शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन इसकी जरूरत से ज्यादा मात्रा लेना शरीर पर बुरा असर डाल सकता है। ज्यादा मात्रा में प्रोटीन का सेवन शरीर में कई समस्याओं को बढ़ा सकता है, जिसमें थकान, कब्ज, सुस्ती आदि परेशानियां शामिल हैं। आइए इस लेख में दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि ज्यादा प्रोटीन खाने पर शरीर क्या संकेत देता है
ज्यादा प्रोटीन लेने के 5 संकेत
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि ज्यादा मात्रा में प्रोटीन लेने पर स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं, क्योंकि किसी भी चीज को बहुत कम या ज्यादा मात्रा में लेना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
1. बार-बार पेशाब आना
अगर आपको नॉर्मल से ज्यादा बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस होती है तो यह ज्यादा प्रोटीन लेने का संकेत हो सकता है। जब शरीर प्रोटीन को पचाता है तो नाइट्रोजन वाले टॉक्सिक पदार्थ बनते हैं, जिन्हें किडनी पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। ज्यादा मात्रा में प्रोटीन लेने पर किडनी को ज्यादा काम करना पड़ सकता है, जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ सकती है। अगर इसके साथ आपको ज्यादा प्यास लगने की समस्या होती है तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है। इसलिए, हाई प्रोटीन डाइट लेने वालों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है।
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साल 2016 में Journal of Translational Medicine में प्रकाशित स्टडी के अनुसार हाई प्रोटीन डाइट से पेशाब में यूरिया की सांद्रता बढ़ जाती है, जो मूत्राशय की परत पर प्रेशर डालती है। इससे शरीर में CRP जैसे मार्कर बढ़ते हैं, जिससे मूत्राशय में सूजन और समस्या हो सकती है।
2. हर समय सुस्ती महसूस होना
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, प्रोटीन हमारे शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन अगर आप जरूरत से ज्यादा प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट बहुत कम लेते हैं तो शरीर में एनर्जी की कमी हो सकती है। कार्बोहाइड्रेटेड फूड्स आपके शरीर को एनर्जी देने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में प्रोटीन ज्यादा लेने पर शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो जाती है, जिससे लोगों में थकान, सुस्ती और काम में मन न लगने जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। अगर आप हाई प्रोटीन डाइट शुरू करने के बाद लगातार एनर्जी की कमी महसूस कर रहे हैं तो अपनी डाइट का संतुलन जरूर चेक करें।
3. कब्ज की समस्या होना
कई हाई-प्रोटीन डाइट में फाइबर की मात्रा कम हो जाती है, खासकर जब लोग दालों, साबुत अनाज, फल और सब्जियों की जगह सिर्फ एनिमल-बेस्ड प्रोटीन पर ज्यादा निर्भर हो जाते हैं। फाइबर की कमी से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है और कब्ज, ब्लोटिंग और मल त्याग करने में मुश्किल जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ गई है तो इसके साथ पर्याप्त मात्रा में फाइबर का सेवन और भरपूर मात्रा में पानी पीना जरूरी है।

Neurogastroenterology & Motility में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, जो लोग बहुत कम कार्बोहाइड्रेट लेते हैं, उनमें ज्यादा प्रोटीन लेने से कब्ज की समस्या हो सकती है।
4. वजन बढ़ना
अक्सर लोगों को लगता है कि ज्यादा मात्रा में प्रोटीन खाने से सिर्फ वजन कम होगा, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है। अगर आप शरीर की जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं, फिर चाहे वो प्रोटीन से ही क्यों न आए तो ज्यादा एनर्जी शरीर में फैट के रूप में जमा हो सकती है। इसके अलावा, कई प्रोटीन बार, शेक और सप्लीमेंट्स में ज्यादा चीनी और कैलोरी भी होती है, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है। इसलिए, सिर्फ हाई-प्रोटीन फूड के लेबल वाले प्रोडक्ट को अपनी डाइट में शामिल करने से बचें, बल्कि उसमें कैलोरी भी चेक करें।
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साल 2016 में Clinical Nutrition में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, मध्यम उम्र और बुजुर्गों के लंबे समय तक बहुत ज्यादा प्रोटीन खाने से वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
5. हर समय थकान महसूस होना
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपको लगातार थकान की समस्या महसूस होती है तो इसका एक कारण असंतुलित डाइट भी हो सकती है। ज्यादा प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट लेने से शरीर की एनर्जी पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, लंबे समय तक डिहाइड्रेशन के कारण भी थकान की समस्या बनी रह सकती है। हालांकि, लगातार थकान के पीछे एनीमिया, थायराइड की समस्या, विटामिन की कमी या अन्य स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए, यह लक्षण लंबे समय तक बना रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
कितनी प्रोटीन की जरूरत होती है?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा ने बताया कि प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति के शरीर के लिए अलग-अलग होती है। यह उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधियों और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। इसलिए, जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं या एथलीट हैं, उन्हें नॉर्मल लोगों की तुलना में ज्यादा प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। वहीं, किडनी से जुड़ी कुछ बीमारियों से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार प्रोटीन की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए और संतुलित मात्रा में ही इसे लेना चाहिए।
निष्कर्ष
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि प्रोटीन शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन इसका ज्यादा मात्रा में सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। बार-बार पेशाब आना, लगातार सुस्ती होना, कब्ज होना, वजन बढ़ना और हर समय थकान महसूस होना, शरीर में नजर आने वाले ऐसे संकेत हो सकते हैं कि आपकी डाइट में प्रोटीन जरूरत से ज्यादा है या उसका संतुलन सही नहीं है। हेल्दी रहने का सबसे अच्छा तरीका किसी एक पोषक तत्व पर ज्यादा निर्भर होना नहीं है, बल्कि इसके स्थान पर संतुलित आहार लेना है, जिसमें प्रोटीन के साथ कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भी पर्याप्त मात्रा में शामिल हों।
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FAQ
1 दिन में कितना प्रोटीन खा सकते हैं?
एक हेल्दी व्यक्ति को रोजाना 0.8 ग्राम प्रति किलोग्राम शारीरिक वजन के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत होती है। फिजिकली एक्टिव रहने वाले लोगों को 1.2 से 2.0 ग्राम प्रति किलोग्राम तक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है।प्रेग्नेंसी में 1 दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए?
प्रेग्नेंसी में आमतौर पर एक दिन में लगभग 60 से 70 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है, जो शरीर के वजन और प्रेग्नेंसी के महीनों पर निर्भर करता है।
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Jul 26, 2026 16:02 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dt Rakshita Mehra