आमतौर पर प्रेग्नेंट महिलाओं को यही लगता है कि डिलीवरी के बाद उनका वजन अपने आप कम हो जाएगा। लेकिन डिलीवरी के बाद 6 हफ्तों तक भी पेट बाहर ही निकला रहता है। कई महिलाओं को यह समझ ही नहीं आता है कि ऐसा क्यों होता है? आखिर इतने लंबे समय के बाद भी पेट बाहर क्यों निकला रहता है?
इस संबंध में वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "डिलीवरी के बाद 6 हफ्तों तक पेट का बाहर रहना पूरी तरह नॉर्मल है। यह किसी समस्या का संकेत नहीं है। ऐसा हार्मोनल बदलाव और कुछ अंदरूनी कारणों से होता है।" डॉ. शोभा गुप्ता आगे कहती हैं, "डिलीवरी के बाद 6 हफ्ते तक पेट बाहर रहे, तो महिलाएं इसे लेकर ज्यादा परेशान न हों।"
डिलीवरी के 6 हफ्ते बाद भी पेट बाहर क्यों रहता है?
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1. पेट की मांसपेशियों का अलग होना
डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कहती हैं, "गर्भावस्था के दौरान शिशु के लिए अपने आप गर्भाशय में जगह बनती जाती है। ऐसे में पेट की मांसपेशियां खिंचकर अलग होती है। इसे डायस्टेसिस रेक्टाई कहा जाता है। डिलीवरी के 6 हफ्ते बाद भी पेट में ढीलापन और गैप बना रह जाता है। इसी वजह से डिलीवरी के बाद भी पेट बाहर नजर आता है। इसे ठीक करने के लिए सिर्फ सामान्य क्रंचेस करना काफी नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, डिलीवरी के 6 हफ्ते बाद कोर एक्सरसाइज की जरूरत होती है, ताकि पेट अंदर चला जाए।"
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2. गर्भाशय का सिकुड़ना
प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भाशय शिशु के वजन और आकार के अनुसार फैलता जाता है। शिशु के विकास के लिए यह प्रक्रिया जरूरी होती है। वहीं, डिलीवरी के तुरंत बाद गर्भाशय सिकुड़ता नहीं है। इसके उलट, इस प्रक्रिया को काफी समय लगता है। विशेषज्ञ के मुताबिक कम से कम गर्भाशय को अपने पुराने आकार में वापस आने में लगभग 6 से 8 हफ्ते का समय लगता है। इसलिए, डिलीवरी के बाद भी महिला का पेट बाहर नजर आता है।
3. शरीर में जमा तरल पदार्थ
प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान तथा इसके बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। मेडिकल जर्नल Nutrients में प्रकाशित एक वैज्ञानिक समीक्षा के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान महिला के शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाती है। यह उनके मेटाबॉलिज्म, प्लेसेंटा में ब्लड फ्लो और भ्रूण के सही विकास के लिए जरूरी प्रक्रिया है। गर्भावस्था के दौरान जमा अतिरिक्त पानी और खून धीरे-धीरे साफ होता है, जिससे सूजन और पेट फूला हुआ महसूस हो सकता है। यही कारण है कि डिलीवरी के 6 हफ्ते बाद भी पेट बाहर नजर आता है।
4. फैट का जमा होना
NCBI Bookshelf पर उपलब्ध StatPearls में प्रकाशित Medical Education & Clinical Review के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाएं अच्छी डाइट लेती हैं, ताकि शिशु को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल सके। इसका असर कहीं न कहीं महिला के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है, जिससे उन्हें जेस्टेशनल वेट गेन होता है। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी में प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन शरीर को पेट और हिप्स के आसपास फैट जमा करने के लिए प्रेरित करते हैं, ताकि डिलीवरी के बाद और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान शरीर को पोषण मिल सके। यह भी एक कारण है कि प्रसव के बाद भी महिला का पेट बाहर निकला रहता है।
5. त्वचा का लटकना
प्रेग्नेंसी के दौरान शिशु के विकास की वजह से पेट की त्वचा और कनेक्टिव टिश्यू बहुत ज्यादा खिंच जाते हैं। इन्हें वापस अपनी जगह पर आने और कसाव पाने में कई महीनों का समय लगता है। कुछ मामलों में इससे अधिक समय भी लग सकता है। नतीजतन, डिलीवरी होने के बावजूद महिला का पेट ज्यादा बाहर नजर आता है।
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6 हफ्ते बाद पोस्टपार्टम बेली कैसे कम करें?
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डिलीवरी के बाद भी पेट कम न हो, तो परेशान न हों। कुछ समय तक पेट बाहर रहता है। हां, अगर 6 हफ्ते बाद भी पेट अंदर नहीं हो रहा है, तो आप डाॅक्टर की कुछ सलाहों को मान सकती हैं, जैसे-
- हल्की वॉक करेंः वैसे तो डिलीवरी के बाद तभी किसी भी तरह की एक्सरसाइज की शुरुआत करें, जब डाॅक्टर इसके लिए अनुमति दे दे। स्वस्थ महसूस करने पर आप 6 हफ्ते बाद नियमित रूप से हल्की वॉक करें। इससे कैलोरी बर्न होगी और पेट अंदर करने में मदद मिलेगी।
- क्रैश डाइट से बचेंः डिलीवरी के बाद महिला का शरीर स्तनपान के लिए तैयार होता है। इसलिए, जो महिलाएं ब्रेस्टफीड करा रही हैं, उन्हें क्रैश डाइटिंग से बचना चाहिए। ध्यान रखें कि इस समय बाॅडी को 300 से 500 अधिक यानी दिनभर में करीब 1800 कैलोरी की जरूरत होती है।
- हाइड्रेट रहेंः हार्मोनल शिफ्ट के कारण शरीर में वॉटर रिटेंशन बढ़ जाता है। वहीं, अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीती हैं, तो इसकी वजह से शरीर के तरल पदार्थ में कमी आती है और ब्लोटिंग भी कम होती है।
- अच्छी नींद लेंः डिलीवरी के बाद शिशु की पूरी जिम्मेदारी मां पर आ जाती है। यह वही टाइम पीरियड होता है, जब मां को पर्याप्त रेस्ट चाहिए होता है ताकि शरीर रिकवरी कर सके। लेकिन शिशु की जिम्मेदारी के कारण अक्सर महिलाएं अच्छी नींद नहीं ले पाती हैं, जिससे कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है। नतीजतन बेली फैट बढ़ने लगता है। अच्छी नींद लेने से मेंटल हेल्थ में सुधार होता है और बेली फैट को कम करना आसान हो जाता है।
निष्कर्ष
डिलीवरी के 6 हफ्ते बाद भी पेट का बाहर निकले रहना कोई हैरानी की बात नहीं है। यह सामान्य है। इसलिए, महिलाओं को इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए। हां, 6 हफ्ते बाद भी पेट कम न हो, तो जीवनशैली में कुछ बदलाव कर सकती हैं। इससे पेट कम करने और वजन को संतुलित रखने में मदद मिलेगी। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि डिलीवरी के 6 हफ्ते बाद ही एक्सरसाइज की शुरुआत न करें। इसके लिए पहले डाॅक्टर की सलाह ले लें।
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FAQ
क्या डिलीवरी के बाद बेली बाइंडिंग का उपयोग करने से पेट की मांसपेशियां अपने आप ठीक हो जाती हैं?
डिलीवरी के बाद बेली बाइंडिंग से पीठ को सहारा मिलता है और शुरुआती दिनों की सूजन में कमी आती है, लेकिन यह डायस्टेसिस रेक्टाई (अलग हुई मांसपेशियों) को स्थायी रूप से ठीक नहीं करती।क्या ट्रेडिशनल सिट-अप्स से डायस्टेसिस रेक्टाई की समस्या बढ़ सकती है?
हां, डिलीवरी के तुरंत बाद सिट-अप्स या क्रंचेस नहीं करने चाहिए। इससे पेट का अंदरूनी दबाव बढ़ता है, जिससे मांसपेशियों के बीच का गैप भरने के बजाय और अधिक चौड़ा हो सकता है।
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Sep 16, 2026 13:40 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta