Fri Oct 9, 2026 | 01:07 AM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay S Dahiphale , Consultant Urologist, Andrologist & Sexologist

पेनिस में सेंसिटिविटी कम क्यों महसूस होती है? डॉक्टर से जानें इसके 7 मुख्य कारण

Penile Sensitivity: पेनिस में सेंसिटिविटी कम होने के पीछे कई तरह के कारण हो सकते हैं, जैसे हस्तमैथुन, डायबिटीज और नर्व पर दबाव बनना। ऐसा होने पर जरूरी है कि तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं और पूरा ट्रीटमेंट करवाएं।
पेनिस में सेंसिटिविटी कम क्यों महसूस होती है? डॉक्टर से जानें इसके 7 मुख्य कारणपेनिस में सेंसिटिविटी कम क्यों महसूस होती है? डॉक्टर से जानें इसके 7 मुख्य कारण

सामान्यतः पुरुषों को पेनिस सेंसिटिविटी पर बात करते हुए आपने कम ही सुना होगा, लेकिन पेनिस में सेंसिटिविटी का कम होना एक गंभीर समस्या है। लोगों को अक्सर यह नहीं पता चलता है कि पेनिस में सेंसिटिविटी का मतलब होता है? विशेषज्ञों की मानें, तो यौन संबंध के प्रति पेनिस में मौजूद नसें कितनी जल्दी और कैसी प्रतिक्रिया करती हैं, इसे ही पेनिस में सेंसिटिविटी कहा जाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि पेनिस में सेंसिटिविटी की कमी किन कारणों से आती है? इस बारे में जानने के लिए हमने नवी मुंबई स्थित मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से बात की है।

डॉ. विजय दहिफले के मुताबिक, "पेनिस में सेंसिटिविटी शारीरिक (छूने से), मानसिक या हार्मोनल बदलावों से जुड़ी हो सकती है। किसी भी तरह की शारीरिक या हार्मोनल समस्या होने पर पेनिस में सेंसिटिविटी के स्तर में कमी देखी जा सकती है।"

पेनिस में सेंसिटिविटी कम होने के कारण

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1. हस्तमैथुन

International Journal of Urology में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, कई पुरुषों में हस्तमैथुन के तरीकों के कारण पेनिस की सेंसिटिविटी प्रभावित होती है। रिपोर्ट के अनुसार, कई युवा हस्तमैथुन के दौरान लिंग पर बहुत तेज दबाव, अजीब पोजिशन या अत्यधिक गति का इस्तेमाल करते हैं। 

इसकी वजह से शरीर उसी खास और तेज दबाव का आदी हो जाता है। नतीजतन, सिर्फ हस्तमैथुन के दौरान पुरुषों को इरेक्शन होता है, लेकिन पार्टनर के साथ प्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाते समय वह खास दबाव नहीं मिल पाता, जिससे तनाव में कमी आ जाती है।

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2. नर्व पर दबाव

डॉ. विजय दहिफले कहे हैं, "लंबे समय तक बैठै रहने या किसी तरह की शारीरिक गतिविधि के दौरान पेनिस की नसों पर दबाव बनने से भी उसकी सेंसिटिविटी प्रभावित होती है। इतना ही नहीं, अगर आप उन लोगों में से हैं, जो नियमित रूप से एक्सेसिव फिजिकल ट्रेनिंग करते हैं और गलत तरीके से भारी वजन उठाते या अत्यधिक साइकिल चलाते हैं, तो इससे नसों पर दबाव पड़ता है। नतीजतन, पेनिस सेंसिटिविटी कम हो सकती है।"

3. डायबिटीज

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डायबिटीज एक तरह की क्रॉनिक कंडीशन है, जिसे अगर समय पर मैनेज न किया जाए, तो नसें क्षतिग्रस्त हो सकती है। इसका प्रभाव पेनिस की नसों पर भी पड़ता है। ऐसी स्थिति में धीरे-धीरे जेनिटल सेंसिटिविटी कम होने लगती है। ऐसे पुरुषों को अक्सर यौन संबंध बनाने में दिक्कत आती है और इन्हें इरेक्शन की प्रॉब्लम भी हो सकती है। ऐसे पुरुषों को समय पर अपना इलाज शुरू करवा देना चाहिए वरना भविष्य में स्थिति गंभीर हो सकती है।

Mayo Clinic के अनुसार, डायबिटीज से पीड़ित पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (नपुंसकता या लिंग में तनाव की कमी) होना एक बहुत ही आम समस्या है। असल में डायबिटीज के कारण नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे उनका रेस्पॉन्स बदल जाता है। ऐसे में सेक्शुअल एक्टिविटी के दौरान पेनिस की सेंसिटिविटी कम हो जाती है।

4. न्यूरोलाॅजिकल डिसऑर्डर

यह भी एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें सेंट्रल नर्वस सिस्टम, जैसे स्पाइनल काॅर्ड और जनरल पॉलीन्यूरोपैथी शामिल हैं, प्रभावित होता है। इससे यह ब्रेन तक पहुंचने वाले सेंसिटिविटी वाले सिग्नल को बाधित हो जाती है। ऐसे में पुरुषों को यौन संबंध बनाने में इरेक्शन की समस्या हो सकती है।

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5. सर्जरी

अगर किसी पुरुष की पेल्विक एरिया के आस-पास किसी तरह की सर्जरी हुई है, जैसे प्रोस्टेट, ब्लैडर (मूत्राशय) या मलाशय (कोलोरक्टल) का ऑपरेशन। ऐसे में आसपास की संवेदनशील नसों को चोट पहुंचने का जोखिम रहता है। इसके अलावा, पेल्विक कैंसर के इलाज में दी जाने वाली रेडिएशन थेरेपी (सिकाई) के कारण समय के साथ प्रभावित हिस्से के टिश्यूज में स्कार पड़ सकता है और नसों को स्थायी नुकसान हो सकता है। पेनिस में सेंसिटिविटी में कमी का यह भी एक बड़ा कारण है।

6. बढ़ती उम्र

बढ़ती उम्र के साथ पेनिस में सेंसिटिविटी में कमी आना एक सामान्य समस्या है। विशेषज्ञों की मानें, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, हमारा शरीर युवास्था की तरह सक्रिय नहीं रहता है और शरीर की प्रतिक्रिया भी बदल जाती है। यहां तक कि वस्कुलर हेल्थ में भी बदलाव देखने को मिलता है, जिस कारण नर्व फंक्शन में भी असर पड़ता है। ऐसे में पेनिस की संवेदनशीलता में कमी आना कोई हैरानी की बात नहीं है।

7. हार्मोनल बदलाव

थाइरायड डिसऑर्डर या टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन के स्तर में कमी आने के कारण शरीर में हार्मोनल बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में पुरुषों में न सिर्फ सेक्स की इच्छा कम हो जाती है, बल्कि उन्हें इरेक्शन से संबंधित समस्या भी होने लगती है। हालांकि, समस्या के मूल कारण को जानकर पेनिस सेंसिटिविटी में सुधार किया जा सकता है।

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कब जाएं डाॅक्टर के पास?

पेनिस में सेंसिटिविटी कम होने पर इस स्थिति को इग्नोर नहीं करना चाहिए। अगर समस्या अपने आप कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, तो इसे लेकर परेशान न हों। हां, अगर समस्या लंबे समय तक समस्या बनी हुई है, तो शरीर में अन्य लक्षणों पर भी गौर करें और तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं-

  1. चोट लगने के कारण पेनिस में चोट लगने पर।
  2. पेनिस में दिनों दिन दर्द बढ़ने पर।
  3. पेनिस में सुन्नपन का एहसास होने पर।
  4. इसके अलावा, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने पर।
  5. पेशाब करने में दिककत होने पर।

निष्कर्ष

पेनिस में सेंसिटिविटी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। कई बार यह किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा करता है, जैसे डायबिटीज या न्यूरोलाॅजिकल डिसऑर्डर। समय रहते मूल समस्या का समाधान कर लिया जाए, तो पेनिस की सेंसिटिविटी में सुधार हो सकता है। हां, इसके तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं।

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FAQ

  • क्या बिना दवाओं के पेनिस की सेंसिटिविटी दोबारा वापस आ सकती है?

    अगर समस्या अत्यधिक दबाव, खराब जीवनशैली या शारीरिक तनाव के कारण है, तो पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करने से समस्या का समाधान हो सकता है। वहीं, अगर किसी गंभीर बीमारी के कारण ऐसा हो रहा है, तो बेहतर है डॉक्टर से संपर्क करें।
  • पेनिस में सेंसिटिविटी कम होने पर डॉक्टर किस प्रकार की जांच करते हैं?

    इस स्थिति के सटीक कारण को जानने के लिए बायोथेसियोमेट्री (Biothesiometry - नसों की संवेदनशीलता की जांच), पेनाइल डॉपलर अल्ट्रासाउंड (रक्त प्रवाह जांच), ब्लड शुगर (HbA1c) और फ्री व टोटल टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोनल ब्लड टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 11, 2026 11:00 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale