Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay S Dahiphale , Consultant Urologist, Andrologist & Sexologist

Penile Curvature (लिंग का टेढ़ापन) क्या है? जानें इसके कारण और इलाज के विकल्प

पेनाइल कर्वेचर में पेनिस में टेढ़ापन आ जाता है। कभी-कभी यह जन्मजात होता है और कभी यौन संबंध बनाने के दौरान आई चोट के कारण होता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि पेनाइल कर्वेचर से जुड़ी कई जरूरी बातें।

Penile Curvature: पेनाइल कर्वेचर एक गंभीर समस्या है। आमतौर पर पुरुष इसके बारे में ज्यादा बात करते नहीं देखे जाते हैं, जबकि इस बारे में पुरुषों को सटीक जानकारी होनी चाहिए। पेनाइल कर्वेचर यानी लिंग का टेढ़ापन, कभी-कभी प्राकृतिक हो, तो कभी यह किसी समस्या का संकेत हो सकता है। इस लेख में मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले आपको बता रहे हैं कि पेनाइल कर्वेचर क्या है और इसके होने के क्या कारण हैं तथा इलाज के विकल्पों को भी समझेंगे।

पेनाइल कर्वेचर क्या है?- what is Penile Curvature

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डॉ. विजय दहिफले के मुताबिक, पेनाइल कर्वेचर यानी लिंग का टेढ़ापन एक हेल्थ कंडीशन है। इस तरह की स्थिति में इरेक्शन या उत्तेजना के समय पेनिस में एक तरफ घुमाव या मोड़ आ जाता है। आमतौर उत्तेजना के समय पेनिस बिल्कुल सीधे होते हैं, लेकिन कुछ ऊपर, नीचे या किसी एक तरफ मुड़े हुए हो भी सकते हैं। यह भी पूरी तरह सामान्य और प्राकृतिक है। हालांकि, डाॅ. विजय दहिफले बताते हैं, ‘पेनिस में थोड़ा घुमाव होना पूरी तरह सामान्य है और इससे यौन संबंध बनाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आती है। हां, अगर इसके टेढ़ेपन के कारण सेक्शुअल लाइफ प्रभावित होती है, तो इस बारे में डाॅक्टर से संपर्क किया जाना जरूरी हो जाता है।

पेनाइल कर्वेचर के कारण

जन्म से ही लिंग का मुड़ा होना

डॉ. विजय दहिफले कहते हैं, "जब जन्म से ही किसी शिशु के पेनिस में टेढ़ापन हो, तो उसे कॉर्डी (Chordee) कहा जाता है। आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि कई किशोरों को प्यूबर्टी में कदम रखने से पहले इस समस्या का पता ही नहीं होता है।"

पेरोनी रोग

National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) के अनुसार, इस समस्या में पेनिस के अंदर स्कार टिशू बन जाने के कारण उम्र के किसी भी पड़ाव में लिंग में टेढ़ापन हो सकता है। हालांकि, यह समस्या क्यों होती है और इसका मूल कारण क्या है, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि लिंग में चोट लगने के कारण इस तरह की समस्या भविष्य में हो सकती है, मगर यह दावे से नहीं कहा जा सकता है।

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पेनिस में फ्रैक्चर

पेनिस में फ्रैक्चर भी पेनाइल कर्वेचर का एक मुख्य कारण होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि आमतौर पर पेनिस फ्रैक्चर तब होता है, जब उत्तेजित (इरेक्ट) पेनिस अचानक बहुत जोर से मुड़ जाता है। इस स्थिति में पेनिस के अंदर मौजूद ट्यूनिका एल्बुजीनिया नाम की झिल्ली फट या टूट जाती है।

डाॅ. विजय दहिफले बताते हैं, "ज्यादातर पेनिस फ्रैक्चर वजाइनल या एनल सेक्स के दौरान होता है। इस स्थिति में पुरुष को जल्द से जल्द अपना ट्रीटमेंट शुरू करवा देना चाहिए।"

स्टडीः NCBI Bookshelf पर प्रकाशित मेडिकल रिव्यू के अनुसार इरेक्शन के दौरान पेनिस में लगने वाली छोटी चोट या घाव भरने की प्रक्रिया के दौरान आने वाली गड़बड़ी को पेरोनी रोग कहा जाता है। इस तरह की स्थिति में पुरुष को लिंग में दर्द, छोटा महसूस होना और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्या महसूस हो सकती है, जिसकी वजह से उनका आत्मविश्वास कमजोर हो जाता है।

पेनाइल कर्वेचर के लक्षण

पेनाइल कर्वेचर यानी लिंग में टेढ़ेपन के अलावा भी कई अन्य लक्षण हो सकते हैं, जैसे-

  1. पेनिस के ऊपरी हिस्से (टिप) से खून आना
  2. इरेक्शन होने पर तेज दर्द या सूजन महसूस होना।
  3. पेनिस और आसपास की त्वचा का रंग बदलना
  4. चोट लगते समय अचानक चटखने, टूटने जैसी आवाज आना।
  5. लंबे समय तक इरेक्शन बनाए रखने में दिक्कत आना।
  6. पेनिस का पतला या छोटा महसूस होना
  7. इरेक्शन के समय दर्द होना और ईडी की समस्या होना
  8. यहां बताए गए सभी लक्षण पेरोनी रोग होने पर भी नजर आते हैं।

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पेनाइल कर्वेचर के इलाज

डॉ. विजय दहिफले बताते हैं, अगर पेनाइल कर्वेचर किसी गंभीर बीमारी के कारण नहीं हुआ है और इसकी वजह से यौन संबंध में किसी तरह की समस्या नहीं आ रही है, तो इसमें ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है। हालांकि, डाॅक्टर इसके असली कारण को देखते हुए पेनाइल कर्वेचर का इलाज करते हैं और इसके लिए निम्न विकल्पों को अपनाते हैं, जैसे-

ट्रैक्शन डिवाइसः यह एक तरह का टूल है, जिसकी मदद से पेनिस के टेढ़ेपन को कम करने और लंबाई को वापस पाने के लिए रोजाना 30 मिनट से लेकर कुछ घंटों तक इस्तेमाल किया जाता है। यह एक ऐसा टूल है, जिसे डाॅक्टर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार पुरुष घर में ही इसका उपयोग कर सकते हैं।

इंजेक्शनः कई बार पेनिस के अंदर बने सख्त स्कार टिश्यूज के कारण पेनाइल कर्वेचर की समस्या हो जाती है। इंजेक्शन की मदद से स्कार टिश्यू तोड़ने का काम किया जाता है। इससे लिंग सीधा हो जाता है। कुछ मामलों में दवाएं भी दी जा सकती हैं। 

Study: Translational Andrology and Urology जर्नल में प्रकाशित एक समीक्षा लेख की मानें तो इंजेक्शन सख्त स्कार टिश्यूज को नरम करने और पेनिस के टेढ़ेपन को कम करने में मदद कर सकता है।

सर्जिकल विकल्प

डॉ. विजय दहिफले के मुताबिक, अगर पेनिस का टेढ़ापन दवाइयों से पूरी तरह ठीक न हो, तो इसके लिए सर्जरी का सहारा लिया जाता है। कम गंभीर मामलों में प्लिकेशन की जाती है, जिसमें पेनिस को सीधा करने के लिए इसके स्वस्थ और लंबे हिस्से पर टांके लगाए जाते हैं। वहीं गंभीर टेढ़ेपन के लिए ग्राफ्ट रिपेयर तकनीक का उपयोग होता है, स्कार टिश्यू को काटकर निकाला जाता है और उस जगह पर नया टिश्यू (ग्राफ्ट) लगाया जाता है। 

इसके अलावा, अगर टेढ़ेपन के साथ-साथ लिंग में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या भी है, तो पेनिस के अंदर पेनाइल इंप्लांट नाम का एक इंफ्लेटेबल डिवाइस फिट किया जाता है, जिससे समस्या में कमी आती है।

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निष्कर्ष

डाॅ. विजय दहिफले की मानें, तो पेनाइल कर्वेचर का समय पर उपचार आवश्यक है। हालांकि, इसके कारण को जानना अधिक जरूरी होता है। अगर आपको लगे कि लिंग में टेढ़ापन आने के कारण सेक्शुअल रिलेशनशिप पर बुरा असर पड़ रहा है, तो इसकी अनदेखी न करें। डाॅक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं। वे आपकी स्थिति देखते हुए इलाज का सही विकल्प बता सकते हैं। ध्यान रखें कि ज्यादा देरी सही नहीं है। अक्सर देर करने की वजह से पुरुषों का आत्मविश्वास डगमगाने लगता है, जिसका बुरा असर उनकी निजी जीवन पर भी पड़ने लगता है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या लिंग के टेढ़ेपन के कारण पुरुषों में इंफर्टिलिटी हो सकती है?

    पेनाइल कर्वेचर का स्पर्म की क्वालिटी या उसकी गुणवत्ता पर सीधा असर नहीं पड़ता है।
  • क्या पेरोनी डिजीज बिना किसी इलाज के अपने आप ठीक हो सकता है?

    ऐसा बहुत कम मामलों में ही देखने को मिलता है। पेरोनी डिजीज जैसी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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Disclaimer

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 03, 2026 19:50 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale

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