Mon Sep 14, 2026 | 04:45 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay S Dahiphale , Consultant Urologist, Andrologist & Sexologist

क्या हस्तमैथुन (Masturbation) से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होता है? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

हस्तमैथुन के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या हो, इसे स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है। वास्तव में, कई बार हस्तमैथुन के आक्रामक तरीके पुरुषों में इरेक्शन की परेशानी पैदा कर सकते हैं। इनका क्या संबंध है, आपस में जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का मतलब होता है कि पुरुषों में यौन संबंध बनाने के लिए पर्याप्त इरेक्शन का न होना। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने के पीछे कई तरह के कारण होते हैं, जैसे नशीले पदार्थों का सेवन, अत्यधिक तनाव आदि। हालांकि, कई लोग इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को हस्तमैथुन से जोड़कर देखते हैं। ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि क्या वाकई हस्तमैथुन के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो सकता है या यह महज एक मिथक है? एक्सपर्ट्स स्पष्ट करते हैं कि हस्तमैथुन से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन नहीं होता है। आइए, नवी मुंबई स्थित मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से इसे और विस्तार से जानते-समझते हैं।

क्या हस्तमैथुन से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होता है?

is there a connection between masturbation and erectile dysfunction 01 (8)

अक्सर लोग हस्तमैथुन और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को जोड़कर देखते हैं। असल बात है कि यह महज एक मिथक है। हस्तमैथुन और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का आपस में कोई कनेक्शन नहीं है। इस बारे में डॉ. विजय दहिफले कहते हैं, "हस्तमैथुन करना नॉर्मल है और इसकी वजह से किसी भी तरह की समस्या उत्पन्न नहीं होती है। हस्तमैथुन करने वाले पुरुष अपनी महिला पार्टनर के साथ सामान्य यौन संबंध स्थापित कर सकते हैं।"

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स्टडी क्या कहती है?

हस्तमैथुन सामान्य यौन संबंध के बीच किसी तरह से हस्तक्षेप नहीं करता है। साल 2016 में प्रकाशित Translational Andrology and Urology (TAU) मेडिकल जर्नल के अनुसार, जब कोई पुरुष विशेष या अस्वाभाविक तरीके से हस्तमैथुन करने का आदी हो, तो उसे पार्टनर के साथ संबंध बनाते समय दिक्कत आ सकती है। अगर ऐसा किसी के साथ हो रहा है, तो उन्हें प्रॉपर उपचार की जरूरत होती है। अध्ययन में आगे बताया गया है कि उपचार के रूप में मरीज की इस हस्तमैथुन शैली को बदलना या कम करना होता है, ताकि वह अपने पार्टनर के साथ सामान्य रूप से संबंध बनाते समय उत्तेजित महसूस कर सके।

हस्तमैथुन का इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पर प्रभाव

जैसा कि यह स्पष्ट हो गया है कि हस्तमैथुन का इरेक्शन पर सीधे-सीधे नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। यह पुरुष द्वारा हस्तमैथुन के दौरान अपनाई जाने वाली विधि पर निर्भर करता है। बहरहाल, आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि कई मामलों में हस्तमैथुन का स्खलन में देरी (Delayed Ejaculation) या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि अगर किसी को तनाव, एंग्जाइटी या कोई अन्य साइकोलॉजिकल परेशानी के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या हो रही है, तो ऐसे में विशेषज्ञ उन्हें हस्तमैथुन करने की सलाह दे सकते हैं। ऐसा करने से पुरुष यौन संबंध बनाने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार कर सकते हैं।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के कारण

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए हस्तमैथुन को पूरी तरह से जिम्मेदार मानना सही नहीं है। अगर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण कोई शारीरिक समस्या नहीं है, तो कुछ स्वभाव से जुड़े कारक जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे-

1. पोर्नोग्राफी की बुरी आदतें

जब किसी पुरुष को पोर्नोग्राफी देखने की आदत हो जाती है और पोर्नोग्राफी देखते हुए वे अक्सर हस्तमैथुन करते हैं, तो ऐसे में पुरुषों में इरेक्शन की दिक्कत आ सकती है। असल में, ऐसे पुरुषों को उत्तेजना के लिए पोर्नोग्राफी की जरूरत होती है। धीरे-धीरे यह स्थिति इरेक्टाइल डिस्फंक्शन में बदल जाती है।

2. आक्रामक तकनीकें

हस्तमैथुन के दौरान अपनाई जाने वाली आक्रामक आदतें भी पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण हो सकता है। साल 2023 में International Journal of Urology (IJU) में प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की शिकायत लेकर आने वाले युवा पुरुषों में असामान्य या आक्रामक हस्तमैथुन आदतें सामान्य लोगों की तुलना में अधिक पाई गईं हैं। इसका मतलब है कि अगर कोई पुरुष असामान्य तरीके से पेट के बल लेटकर हस्तमैथुन करता है, तो ऐसे में उनके लिए सामान्य यौन संबंध के दौरान उत्तेजना और लिंग में संवेदनशीलता की कमी हो सकती है।

3. साइकोलाॅजिक कारक

इसका जिक्र हमने लेख में कई बार किया है कि साइकोलॉजिकल कारक भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। जैसे अगर कोई पुरुष आत्मग्लानी, तनाव, परफाॅर्मेंस एंग्जाइटी जैसी परेशानियों से गुजर रहा है, तो ऐसे में उनके लिए यौन संबंध बनाना मुश्किल हो जाता है, जिसकी वजह से अस्थायी रूप से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की दिक्कत हो सकती है।

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कब जाएं डाॅक्टर के पास?

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या को इग्नोर नहीं करना चाहिए। अगर इरेक्शन से जुड़ी समस्या का कारण तनाव या एंग्जाइटी है, तो इसमें कुछ ही दिनों में अपने आप में सुधार आ जाता है। अगर ऐसा न हो, तो ज्यादा विलंब न करें और तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं। ध्यान रखें कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के कारण शारीरिक समस्याएं जैसे डायबिटीज या न्यूरोलाॅजिकल डिसऑर्डर भी जिम्मेदार हो सकते हैं। वहीं, जो पुरुषों आक्रामक तरीके से हस्तमैथुन करते हैं, उनमें इरेक्शन से जुड़ी समस्या हो सकती है। इस बारे में डाॅक्टर से बात करना बेहतर होता है।

निष्कर्ष

हस्तमैथुन और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है। इसके उलट, हस्तमैथुन के आक्रामक तरीके इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण हो सकते हैं। इसलिए, अगर कोई पुरुष इस तरह की परेशानी से जूझ रहा है, तो बेहतर है कि इस संबंध में डाॅक्टर से मिलें और अपनी समस्या को विस्तार से समझाएं।

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FAQ

  • क्या दिल की बीमारियों का पहला शुरुआती संकेत इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो सकता है?

    हां, ऐसा हो सकता है। दिल की बीमारी होने पर रक्त वाहिकाएं कमजोर हो जाती हैं। किसका प्रभाव लिंग की रक्त वाहिकाओं पर भी पड़ता है। ऐसे में लिंग में रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे भविष्य में होने वाले हार्ट अटैक का शुरुआती चेतावनी संकेत हो सकता है।
  • क्या टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) से हर तरह का इरेक्टाइल डिस्फंक्शन ठीक हो जाता है?

    इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या क्यों हो रही है, इस पर इसका ट्रीटमेंट निर्भर करता यही। ध्यान रखें कि TRT केवल उन्हीं पुरुषों में काम करती है, जिनमें ब्लड टेस्ट के दौरान टेस्टोस्टेरोन का स्तर वास्तव में कम पाया गया हो।

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Disclaimer

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 14, 2026 15:44 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Sep 14, 2026 15:44 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale

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