Mon Nov 2, 2026 | 05:43 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

सिंघाड़ा कच्चा खाना ज्यादा फायदेमंद है या उबालकर? एक्‍सपर्ट से जानें सेवन का सही तरीका

अगर आप भी सर्दि‍यों में स‍िंघाड़े खाने के शौकीन हैं, तो यह सवाल आपके मन में भी आता होगा क‍ि सेहत के ल‍िहाज से स‍िंघाड़े को कच्‍चा खाएं, या उबालकर? दोनों में से कौन सा तरीका ज्‍यादा सेहतमंद है? जानें एक्‍सपर्ट से सही जवाब।
सिंघाड़ा कच्चा खाना ज्यादा फायदेमंद है या उबालकर? एक्‍सपर्ट से जानें सेवन का सही तरीकासिंघाड़ा कच्चा खाना ज्यादा फायदेमंद है या उबालकर? एक्‍सपर्ट से जानें सेवन का सही तरीका

Water Chestnut Raw vs Boiled: कच्‍चा और उबालकर, दोनों ही तरह से स‍िंघाड़े का सेवन क‍िया जा सकता है। हालांक‍ि, यह ध्‍यान रखें क‍ि स‍िंघाड़े को खाने से पहले अच्‍छी तरह से साफ कर लें और उसे छीलने के बाद बहुत देर तक न रखें वरना स‍िंघाड़ा खराब हो सकता है। जब खाना हो तभी स‍िंघाड़े को छीलना चाह‍िए। स‍िंघाड़ा सर्दि‍यों की शुरुआत में म‍िलने वाला एक सुपरफूड है। अक्‍सर लोग दो तरह से स‍िंघाड़े का सेवन करते हैं, पहला कच्‍चा और दूसरा उबालकर। आइए जानते हैं दोनों तरीकों के फायदे और जरूरी सावधान‍ियां। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

स‍िंघाड़े में कौन से पोषक तत्‍व पाए जाते हैं?

स‍िंघाड़े खाने में ज‍ितने स्वादिष्ट होते हैं उतने ही सेहतमंद भी होते हैं। यह पोषक तत्‍वों का पॉवरहाउस माना जाता है क्‍योंक‍ि इसमें सेहत के ल‍िए कई अच्‍छे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं जैसे-

  • फाइबर, प्रोटीन, कॉपर, मैग्नीशियम, मैंगनीज, पोटैश‍ियम,
  • एंटीऑक्‍सीडेंट्स, व‍िटाम‍िन बी, ए, सी, ई वगैरह से भरपूर होता है।

स‍िंघाड़ा खाने का सही तरीका क्‍या है?

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  • स‍िंघाड़ा दोनों तरीकों से खाना फायदेमंद है, इसे कच्‍चा भी खा सकते हैं और उबालकर भी खाया जा सकता है।
  • सिंघाड़े को खाने से पहले साफ पानी में अच्छी तरह धोएं। इसके छिलके पर लगी मिट्टी और गंदगी हटाना जरूरी है।
  • सिंघाड़े का बाहरी छिलका हटाने के बाद ही उसका सफेद हिस्सा खाएं। छीलने से पहले और बाद में हाथ साफ रखें।
  • अगर सिंघाड़े की सफाई और पानी की गुणवत्ता को लेकर संदेह है, तो उसे साफ पानी में अच्छी तरह उबालकर खाएं।
  • सिंघाड़ा पौष्टिक है, लेकिन इसे जरूरत से ज्यादा खाने से कुछ लोगों को पेट फूलने और गैस की समस्या हो सकती है।
  • कटे हुए या खराब हो चुके सिंघाड़े खाने से बचें। इन्हें साफ और सुरक्षित तरीके से स्टोर करें।

किन लोगों को सिंघाड़ा खाने में सावधानी बरतनी चाहिए?

  • किडनी स्‍टोन के मरीज सीम‍ित मात्रा में स‍िंघाड़े का सेवन करें क्‍योंक‍ि उसमें ऑक्सलेट मौजूद होता है।
  • जिन लोगों को पहले से गैस, पेट फूलने या अपच की समस्या है, उन्हें कम मात्रा में सिंघाड़ा खाना चाहिए।
  • छोटे बच्चे और बुजुर्गों को कच्चा या सख्त सिंघाड़ा देने के बजाय अच्छी तरह उबालकर, छीलकर और छोटे टुकड़ों में काटकर देना बेहतर है। इससे चबाने और गले में फंसने का खतरा कम हो सकता है।

क्या कच्चा सिंघाड़ा खाने से पेट खराब हो सकता है?

कुछ लोगों को कच्चा सिंघाड़ा खाने के बाद पेट फूलना, गैस या भारीपन महसूस हो सकता है। इसकी एक वजह है इसमें मौजूद फाइबर और स्टार्च ज‍िसे ज्‍यादा मात्रा में लेने से पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं।

क्या सिंघाड़े में मौजूद टैनिन आयरन और प्रोटीन अवशोषण को रोकता है?

साल 2025 में Food And Bioprocess Technology में प्रकाश‍ित एक रिव्यू स्टडी के अनुसार, ज‍िन फूड्स में टैनिन होता है, वे आयरन जैसे मिनरल्स के एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया और प्रोटीन को प्रभावित कर सकते हैं। हालांक‍ि, टैन‍िन के आयरन पर प्रभाव को देखने के ल‍िए सीम‍ित शोध मौजूद हैं इसल‍िए वैज्ञान‍िक नजर‍िए से यह पता नहीं चलता क‍ि टैन‍िन इंसानों के शरीर में आयरन की क‍ितनी मात्रा को प्रभाव‍ित कर सकता है?

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क्‍या स‍िंघाड़ा खाने से क‍िडनी में पथरी हो सकती है?

स‍िंघाड़े में ऑक्सलेट पाया जाता है। ऑक्सलेट शरीर में कैल्शियम के साथ मिलकर कैल्शियम ऑक्सलेट क्रिस्टल बना सकता है, जो कुछ लोगों में किडनी की पथरी का कारण बनते हैं। साल 2018 में American Journal Of Physiology-Renal Physiology में प्रकाशि‍त एक अध्‍ययन के अनुसार, भोजन से मिलने वाला ऑक्सलेट शरीर में अवशोषित होकर यूरिन के जरिए बाहर निकलता है। यूरिन में ऑक्सलेट की अधिक मात्रा से कैल्शियम ऑक्सलेट किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ सकता है। पहले से कैल्शियम ऑक्सलेट की पथरी वाले मरीजों को स‍िंघाड़े का सेवन करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह लेनी चाह‍िए।

स‍िंघाड़े को उबालकर खाना क्‍यों फायदेमंद होता है?

सिंघाड़ा पानी में उगता है। अगर इसे स्‍टोर करने के दौरान यह दूषित पानी के संपर्क में आता है, तो इसकी सतह पर हानिकारक बैक्टीरिया या परजीवी हो सकते हैं। ऐसे में बिना अच्छी तरह साफ किए कच्चा सिंघाड़ा खाने से संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसे अच्छी तरह उबालने से कई हानिकारक सूक्ष्मजीव नष्ट हो सकते हैं। इसलिए उबला हुआ सिंघाड़ा सेहत के लिहाज से बेहतर विकल्प माना जाता है।

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सेहत के ल‍िए क्‍यों फायदेमंद है स‍िंघाड़ा?

  • इंस्‍टेंट एनर्जी के ल‍िए स‍िंघाड़े का सेवन कर सकते हैं।
  • स‍िंघाड़ा, हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए फायेदमंद होता है क्‍योंक‍ि यह कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करता है।
  • स‍िंघाड़े में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट्स शरीर को फ्री रेड‍िकल्‍स से बचाने में मदद करते हैं और स्‍क‍िन हेल्‍थ को बेहतर बनाते हैं।
  • स‍िंघाड़े का सेवन करने से शरीर हाइड्रेट रहता है क्‍योंक‍ि इसमें पानी की अच्‍छी मात्रा मौजूद होती है।
  • साथ ही, स‍िंघाड़े की तासीर ठंडी होती है। स‍िंघाड़े को खाने से शरीर में पानी की कमी दूर होती है, हाइड्रेशन को बढ़ावा म‍िलता है और शरीर को ठंडा रखने में मदद म‍िलती है।
  • स‍िंघाड़ा शरीर को प्राकृत‍िक रूप से ड‍िटॉक्‍स रखने में मदद करते हैं।

उबला हुआ स‍िंघाड़ा खाने के फायदे

  • उबला हुआ स‍िंघाड़ा पाचन के ल‍िए फायदेमंद होता है। अपच, गैस, ब्‍लोट‍िंग जैसी समस्‍याओं को दूर करने में मदद म‍िलती है।
  • उबले हुए स‍िंघाड़े का सेवन भोजन से पहले करेंगे, तो वेट लॉस में मदद म‍िल सकती है। इसमें मौजूद फाइबर से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ओवरईट‍िंग की संभावना से बचाव होता है।

न‍िष्‍कर्ष:

कच्‍चा और उबालकर, दोनों ही तरह से स‍िंघाड़े का सेवन क‍िया जा सकता है। स‍िंघाड़े को खाने से पहले अच्‍छी तरह से धो लें। इसे छीलने के बाद ज्‍यादा देर तक न रखें। जब खाएं, तभी इसे छीलें। क‍िडनी स्‍टोन और पाचन समस्‍याओं में स‍िंघाड़ा खाने से पहले डॉक्‍टर की सलाह लें क्‍योंक‍ि इसमें ऑक्‍सलेट मौजूद होता है जो क‍िडनी स्‍टोन के ल‍िए ज‍िम्‍मेदार माना जाता है, साथ ही यह हाई प्रोटीन और हाई फाइबर फूड है इसल‍िए कुछ लोगों को इसे अध‍िक मात्रा में लेने से गैस, अपच जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। सिंघाड़ा पानी में उगता है इसल‍िए इस पर धूल-म‍िट्टी या बैक्‍टीर‍िया हो सकते हैं इसल‍िए इसे अच्‍छी तरह से उबालकर खाना ज्‍यादा फायदेमंद माना जाता है।

image credit: grofers.com, distrapi

FAQ

  • एक द‍िन में क‍ितने स‍िंघाड़े खा सकते हैं?

    एक द‍िन में 5 से 6 स‍िंघाड़े खा सकते हैं। यानी 30 से 40 ग्राम स‍िंघाड़े रोजाना खाए जा सकते हैं। अध‍िक मात्रा में स‍िंघाड़ों का सेवन करने से पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं। 
  • क्या प्रेग्नेंसी में सिंघाड़ा खाना सुरक्षित है?

    हां, प्रेग्नेंसी में सिंघाड़ा खा सकती हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन, फाइबर और पोटैशियम गर्भवती मह‍िलाओं के ल‍िए फायदेमंद है। स‍िंघाड़े को अच्‍छी तरह से धोकर खाएं।

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    Nov 02, 2026 16:38 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha